Watercress (वॉटरक्रेस) in Hindi

वॉटरक्रेस क्या होता है?-वॉटरक्रेस एक क्रूसिफेरस सब्जी है अर्थात जिसकी पत्तियां खाई जाती हैं जैसे पत्ता गोभी। वॉटरक्रेस watercress में विभिन्न प्रकार के कई पोषक तत्व पाये जाते हैं। यह माना जाता है कि इसे रोमन सैनिक अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए उपयोग करते थे। इसे हिन्दी में सामान्य भाषा में जलकुंभी कहा जाता है।

वाटरक्रेस में पॉलीफेनोल्स प्रचूर मात्रा में जाता है। जो पुराने बीमार सैल्स व बिमारी से लड़ने में मदद करता है। इसे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इसका प्रयोग अपने रोजमर्रा के भोजन में किया जा सकता है।

इस लेख में हम इसके बारे में जानेंगे और यह हमारे लिए किस तरह फायदेमंद हो सकता है इस पर चर्चा करेंगे।

Table of Contents

वॉटरक्रेस (Watercress) के पोषण तत्व ?

वॉटरक्रेस एक पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन पावरहाउस फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स ने इसे नम्बर एक पर रखा है।

34 ग्राम या एक कप वॉटरक्रेस में मात्र 4 कैलोरी होती है। इसमें विटामिन— के आरडीए का 106%, विटामिन— ए आरडीए का 22% व विटामिन— सी आरडीए का 24% पाया जाता है। वॉटरक्रेस के अन्य पोषक तत्व हमने नीचे सूचीबद्ध किये हैं।

तत्व यूनिटप्रति 100 ग्राम
जलजी95.11
शर्कराजी0.2
फाइबरजी0.5
कार्बोहाइड्रेटजी1.29
कुल लिपिड (वसा)जी0.1
प्रोटीनजी2.3
ऊर्जा किलोकैलोरी11

                      

खनिज —

जिंकमिलीग्राम0.11
सोडियममिलीग्राम41
पोटेशियममिलीग्राम330
फास्फोरसमिलीग्राम60
मैग्नीशियम मिलीग्राम21
लोहामिलीग्राम0.2
कैल्शियममिलीग्राम120

विटामिन —

विटामिन ईमिलीग्राम1
विटामिन एआईयू3191
फोलेटµg9
विटामिन बी-6मिलीग्राम0.129
नियासिनमिलीग्राम0.2
राइबोफ्लेविनमिलीग्राम0.12
थायमिनमिलीग्राम0.09
विटामिन सीमिलीग्राम43

                            

वॉटरक्रेस के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं ?

वाटरक्रेस आइसोथियोसाइनेट्स से युक्त होता है और यह कैंसर को रोकने और हमारे शरीर की रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसमें पाया जाने वाला नाइट्रेट दिल के  स्वास्थ्य को बढ़ाने में सहायता करता है। इस में पाये जाने वाले पोषक तत्व मधुमेह को ठीक करने में मदद कर सकता है।

1. कैंसर की रोकथाम

वॉटरक्रेस में पाये जाने वाले तत्व कैंसर के रोग की रोकथाम में मदद करते हैं। क्रूसिफेरस सब्जियां जिनमें वॉटरक्रेस भी है में ऑर्गोसल्फर तत्व व आइसोथियोसाइनेट पाये जाते हैं। ये कैंसर की रोकथाम में विशेष भूमिका निभाते हैं। वाटरक्रेस विशेष रूप से स्तन कैंसर को होने से रोकता है।

यह फेफड़े के कैंसर को भी रोकने में मदद करता है। फेफड़े का कैंसर होने का विशेष कारण धूम्रपान करना है। वाटरक्रेस को कैंसर को ठीक करने के लिए अपनाई जाने वाली किमो थेरेपी के प्रभाव को बढ़ाने के लिए भी असरदार पाया गया है। एक अध्ययन के अनुसार वॉटरक्रेस या जलक्रीड़ा कोलोरेक्टल कैंसर की रोकथाम में भी सहायता पहुंचा सकता है।

2. हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ाने में फायदे

वॉटरक्रेस लोगों को हृदय रोगों से बचाने में मदद करता है। एक रिपोर्ट से पता चलता है कि क्रूसिफेरस सब्जियों में कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण पाये जाते हैं।

वॉटरक्रेस एक हरी पत्तेदार सब्जी है जिसमें नाइट्रेट पाया जाता है जो जो हृदय स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद करता है। नाइट्रेट्स निम्न रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करता है। नाइट्रेट्स धमनियों की कठोरता और मोटाई व उसकी सूजन को कम करने में सहायता करता है।

3. मधुमेह उपचार में वॉटरक्रेस के फायदे

हालांकि इस प्रकार के दाव की मधुमेह में वॉटरक्रेस फायदेमंद है कि नहीं इसके अधिक शोध उपलब्ध नहीं हैं। परन्तु फिर भी यह कहा जाता है कि यह ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है। मधुमेह के रोगियों में उच्च रक्तचाप का खतरा बना रहता है। परन्तु वॉटरक्रेस में पाया जाने वाला नाइट्रिक ऑक्साइड इसको नियंत्रित करने में मदद करता है।

4. हड्डियों को मजबूत करने में वॉटरक्रेस के लाभ

वॉटरक्रेस में फ्लेवोनॉइड नामक तत्व पाया जाता है जो ओस्टियोब्लास्ट्स (हड्डियों के निर्माण के लिए मैट्रिक्स का स्राव करने वाली कोशिकाओं) को बनाने में सहायता करता है। इसमें विटामिन के प्रचूर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों को स्वास्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

5. इम्यूनिटी को बढ़ावा में सहायता

वॉटरक्रेस को रोग प्रतिरक्षा अर्थात शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने वाला पाया जाता है। इसमें पाये जाने वाले पोषक तत्व लिक एसिड, लोहा, ग्लूकोसाइनोलेट्स, और कैल्शियम एवं विटामिन ए, बी 1, बी 2, और सी, शरीर की रोग प्रतिरक्षा बढ़ाने में सहायता करते हैं। वॉटरक्रेस में विटामिन सी की प्रचूर मात्रा पाई जाती है जो विशिष्ट रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने वाला माना जाता है। 34 ग्राम वॉटरक्रेस में विटामिन सी की दैनिक मात्रा का 24 प्रतिशत प्राप्त हो जाता है। विटामिन सी हमारे शरीर में पाई जाने वाली रोग प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

6. त्वचा के लिए वॉटरक्रेस के फायदे

वॉटरक्रेस हमारी त्वचा की सूजन को कम करने में सहायता कर सकता है। जलकुंभी में विटामिन ए की प्रचूर मात्रा पाई जाती है जो त्वचा को स्वस्थ्य रखने में योगदान देता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान होने से बचाता है। इसमें पाये जाने वाले पोषक तत्व त्वचा में होने वाले  संक्रमणों से बचाने में मदद कर सकते हैं। वॉटरक्रेस में पाया जाने वाला आइसोथियोसाइनेट्स, त्वचा के कैंसर को रोकने में सहायता कर सकता है।

7. वजन कम करने में वाटक्रेस के फायदे

वाटरक्रेस एक पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है जिसमें कैलोरी की कम मात्रा पाई जाती है। इसी कारण से यह एक वजन घटाने के आहार के रूप में शामिल किया जा सकता है। इसको खाने से हमें कम कैलोरी तो मिलती ही है साथ ही अधिक मात्रा में पोषक तत्व मिल जाते हैं जो हमारे शरीर के लिए फायेदमंद होते हैं। इसको आप वजन कम करने के लिए अपने नियमित भोजन में इसका प्रयोग कर सकते हैं।

वॉटरक्रेस को कैसे शामिल करें आपके आहार में

इसमें अधिक मात्रा में पानी पाया जाता है जिस कारण यह काफी कोमल या मुलायम होता है। इस सब्जी को आप किसी भी डिस में प्रयोग कर सकते हैं। इसे निम्न प्रकार से प्रयोग कर सकते हैं।

1. इसे सलाद में मिलाकर टॉस कर सकते हैं। इसको आप सब्जी या सलाद में शामिल कर सकते हैं। इसे काली मिर्च के साथ भी खा सकते हैं।

2. आप इसको सैंडविच में डालकर भी खा सकते हैं। इसका प्रयोग आप ग्रिल्ड पनीर के साथ सलाद के रूप में या उसके उपर डालकर खा सकते हैं।

3. आप इसका प्रयोग अपने नाश्ते में ऑमलेट या अण्डे की अन्य रेसेपि में प्रयोग कर सकते हो।

4. वॉटरक्रेस  को आप अपने नाश्ते में इसका जूस बनाकर भी प्रयोग कर सकते हो।

5. आप इसका सूप बनाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।

वॉटरक्रेस (Watercress) के नुक्सान क्या हैं ?

1. थायराइड होने की सम्भावना रहती है

क्रूसिफेरस प्रजातियों की सब्जियां जिनमें वॉटरक्रेस या कहे जलक्रीड़ा शामिल हैं, में गोइट्रोजेन नामक तत्व पाया जाता है जो आयोडीन को पचान में परेशानी पैदा करता है। आयोडीन थायरॉयड के लिए आवश्यक होता है पर यह इसको शरीर में पहुंचने से रोक सकता है अत: इससे आपको थायराइड की परेशानी हो सकती है। इस कारण से वॉटरक्रेस या अन्य क्रूसिफेरस प्रजातियों की सब्जियों का सेवन एक सीमित मात्रा में करना चाहिए तथा इस बारे में अपने डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।

2. किडनी की बीमारी पैदा कर सकता है

वॉटरक्रेस में पोटेशियम की कम मात्रा पाई जाती है परन्तु इसके अधिक प्रयोग से हमारे शरीर में पोटेशियम की मात्रा अधिक होने से किडनी की बीमारी हो सकती है। यदि आप पहले से ही कीडनी या गुर्दे की समस्या से परेशान हैं तो आपको बिना डॉक्टर की सलाह के वॉटरक्रेस का प्रयोग नहीं करना चाहिए। अगर डॉक्टर इसके प्रयोग की सलाह दें तो भी सीमित मात्रा में ही इसका प्रयोग करें।

3. स्तनपान व गर्भावस्था के समय इसका प्रभाव

स्तनपान व गर्भावस्था के समय वॉटरक्रेस/जलकुंभी के प्रयोग करने व न करने के बारे में कोई ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है अत: इसके प्रयोग से पहले आपको इस बारे में अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह कर लेनी चाहिए।

वॉटरक्रेस के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या सूजन और मधुमेय के लिए वॉटरक्रेस का प्रयोग किया जा सकता है?

हाँ, सूजन और मधुमेय के लिए वॉटरक्रेस Watercress का प्रयोग किया जा सकता है। परन्तु इसके प्रयोग से पहेल अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य कर लें। क्योंकि इसका असर प्रत्येक व्यक्ति में अलग—अलग हो सकता है।

2. क्या वॉटरक्रेस Watercress से बनी दवा के इसका प्रयोग करते समय भारी मशीनरी को चलाना सुरक्षित है?

यदि वॉटरक्रेस Watercress से बनी दवा का सेवन करने के बाद गलत प्रभाव हो रहे हैं जैसे निद्रा आना, चक्कर, निम्न रक्तचाप या सिरदर्द तो गाड़ी या भारी मशीन चलाना सुरक्षित नहीं होता है।

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