मस्से हटाने की क्रीम – Warts removal cream(Wart ka ilaj in hindi)

Wart ka ilaj in hindi-Warts removal cream मस्से हटाने की क्रीम के बारे में जानने से पहले मस्सों के बारे में विस्तार से जान लेना जरूरी है कि मस्से क्या है, कैसे होते है और इसका बचाव क्या है। इस लेख में हम आपको मस्से हटाने की क्रीम के साथ ही मस्सों के बारे में बताने जा रहे हैं।

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मस्से और उसके प्रकार – Warts and its types in Hindi

मस्से त्वचा होने वाले उभार होते हैं, त्वचा में यह ह्यूमन पेपिलोमा वायरस के कारण पैदा होते हैं। यह त्वचा की उपरी परत में पैदा होते है और यह त्वचा के कटे या फटे हुए हिस्से में पैदा होते हैं।

शरीर के किसी भी हिस्से में मस्से हो सकते हैं। मस्से का आकार व उसकी बनावट शरीर के किस भाग में यह है उस पर निर्भर करती है।

मस्सों को कई प्रकार से जाना जाता है जैसे सामान्य मस्सा, नाखून संबंधी मस्सा, समतल मस्सा, फिलीफोर्म मस्सा, तल  मस्सा एवं जननांग मस्सा आदि।

मस्सों के खुद ठीक होने 1 से 5 साल तक भी लग सकता है। मस्सों को हटाने के लिए कई प्रकार एसिड उपक्रम व फ्रीजिंग किट बाजार में आसानी से मिल जाती है पर यह हमारी त्वचा के लिए हानिकारक होती है।

मस्सों को हटाने के लिए आजकल बहुत सी उपयोगी क्रीम मेडिकल की दुकान में मिल जाती है जो उपयोगी होने के साथ ही त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचाती है।

तो आइये जानते हैं मस्सों के सामान्य प्रकार।

  • सामान्य मस्सा (Verruca vulgaris) – यह मस्सा आमतौर पर दिखने में गोभी के फूल के समान होता है। इसकी परत कठोर और रूखी होती है।
  • फिलीफोर्म मस्सा (Filiform warts) – यह मस्सा त्वचा से काफी उपर तक बढ़ सकता है और यह आकार में पतला होता है।
  • तल मस्सा (Plantar warts) – यह मस्सा शरीर के अन्दर ही पैदा होता है। यह काफी कठोर होता है और यह पैर के तलवे में पैदा होता है। सफेद  ऊतकों के बीच में काले रंग का एक उभार के रूप में यह दिखाई देता है। अक्सर इस मस्से को हटाना काफी कठिन होता है।
  • मौजेएक मस्सा (Mosaic warts) – तलवे में होने वाले मस्सों के एक समूह को मौजेएक मस्सा कहते हैं। इस प्रकार का मस्सा आमतौर पर त्वचा के रंग के जैसा ही होता है। अगर इस मस्से में सक्रमण न हो तो इसमें मवाद पैदा नहीं होता है।

मस्से के लक्षण और कारण – Warts Causes Symptoms in Hindi

मस्से होने के लक्षण और इसके होने के कारणों का हमें पता होना चाहिए जिससे हम इससे अपना बचाव भी कर सके।

मस्से के लक्षण –

हाथों व पैरों की उंगलियों में और घुटनों के पीछे अगर उभार दिखाई देने लगे तो यह मस्सा हो सकता है। अक्सर यह एक छोटा काले रंगा के दाने के आकार का दिखाई देता है।

यह मस्से अकेले या समूह में हो सकते हैं। अक्सर मस्सों की परत रूखी होती है। परन्तु ट्रॉमाटाइज्ड मस्सों से खून निकल सकता है। इसकी कारण से इसे खून के मस्से कहते हैं।

मस्से होने के कारण —

सामान्य तौर पर मस्से Human Papilloma Virus (एचपीवी) के कारण पैदा होते हैं। एचपीवी 100 से भी अधिक प्रकार के होते हैं, परन्तु इनमें से कुछ ही प्रकार के एचपीवी होते हैं जिनके कारण हाथों में मस्से होते हैं।

अन्य प्रकार के एचपीवी के कारण पैदों व शरीर की अन्य जगहों पर मस्से हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति को मस्से हुये हैं तो यह ध्यान दे की उस व्यक्ति के मस्सों को छुने पर आपको भी मस्से हो सकते हैं और यह आपके शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकते हैं।

अत: जिस व्यक्ति को मस्से हो उनके तौलिया, जूतों का प्रयोग स्वयं न करें।

मस्सों का इलाज – Warts Treatment in Hindi

वैसे तो कुछ प्रकार के मस्से बिना ईलाज के ही ठीक हो जाते हैं परन्तु इसमें लम्बा समय लग जाता है यह 1 से 3 साल तक हो सकता है। इस समय अवधि में इन मस्सों के आस—पास नए मस्से भी हो जाते हैं।

वैसे तो इनका कोई घरेलू उपाय नहीं है क्योंकि घरेलू उपाय करते समय इनके और ज्यादा फैलने का डर रहता है। इसके लिए डॉक्टर कई प्रकार के सुझाव देते हैं।

जैसे —छिलने वाली तीव्र दवा (Salicylic acid), सेलिसेलिक एसिड, फ्रीजिंग (क्रियोथेरेपी)/तरल नाइट्रोजन का प्रयोग, बाइ-क्लोरोएसिटिक, ट्राईक्लोरोएसिटिक एसिड के साथ ही लेजर तकनीक। मगर इनके ज्यादा फायदा नहीं होता है। इनके प्रयोग से नुकसान होने की सम्भावना भी रहती है। 

मस्से हटाने की क्रीम – Warts removal cream in Hindi

वैसे तो अधिकतर मस्से खुद ठीक हो जाते हैं और जो नहीं होते उनके लिए कई प्रकार के उपचार अपनाये जाते हैं तो पीड़ादायक भी होते हैं। परन्तु आज बाजार में मस्से हटाने की बहुत सी क्रीम उपलब्ध हैं ​जो बीना किसी पीड़ा के ही मस्सों को ठीक कर सकती हैं। इनमें से कुछ नीचे दी गई हैं।

  • डर्माटेन्ड —

डर्माटेन्ड Dermatend (Natural Remover Cream)  एक प्राकृतिक तौर पर बनाई गयी मस्सों को हटाने वाली क्रीम है। यह क्रीम मस्सों को लगभग आठ घंटों में ही ठीक करना शुरू कर देती है। यह एक आयुर्वेदिक या कहे प्राकृतिक क्रीम है जिसका हमारी त्वचा में कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।

  • स्किन टैग रिमूवर —

यह एक होम्योपैथिक क्रीम है जिसमें किसी भी प्रकार का  केमिकल नहीं मिलाया गया है। मस्सों को पूरी तरह से ठीक करने में इस क्रीम को करीब करीब चार से पांच हफ्ते लग जाते हैं। इस क्रीम को प्रयोग करने की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके प्रयोग से कोई जलन, दर्द या दाग धब्बे नहीं पड़ते हैं।

  • बायो टी हर्बल्स —

इस क्रीम को प्रयोग करने से मस्सों के ठीक होने में 5 से 7 दिन तक लग सकते हैं। इस क्रीम से हमारी त्वचा में कोई दर्द या जलन नहीं होता है अत: इस क्रीम का प्रयोग करना आसान है।

  • नो नीवस —

वैसे तो इस क्रीम के कई साइड इफेक्ट्स नहीं हैं। इसके प्रयोग से मस्सों में छ: से सात दिनों में लाभ दिखने लगता है। परन्तु यह ध्यान देना जरूरी है कि इस क्रीम का प्रयोग आंखों के आस—पान न किय जाय।

  • वॉर्ट एण्ड मोल वैनिश —

इस क्रीम को  आप सीधे मस्सों में लगा सकते हैं। इस क्रीम को लगाने के पश्चात मस्से का रंग हल्का काल अर्थात ग्रे हो जाता है। इसक क्रीम का असर मस्से में लगने के बाद 15 से 25 मिनट के अन्दर ही हो जाता है। जब यह मस्सो ग्रे हो जाता है उसके पश्चात 4 से 6 दिनों के भीतर यह मस्सो शरीर से गायब हो जाता है। इस क्रीम के प्रयोग से शरीर में कोई जलन और दर्द नहीं होता है। इसका प्रयोग करना काफी आसान है।

  • नेवएक्सन —

यह क्रीम (नेवी स्किन) हर्बल क्रीम है। इस क्रीम के इस्तेमाल से ही फायदा दिखने लगता है। परन्तु इसके प्रयोग से जहां पर यह लगाई जाती है उसके आस—पास हल्की जलन हो सकती है। परन्तु इसके हर्बल क्रीम होने से इसका हमारी त्वचा पर कोई प्रभाव नहीं होता है।

  • फ्रीज वॉर्ट रिमूवर बाय डॉक्टर स्कॉल —

त्वचा के डॉक्टरों डर्मटोलॉजिस्ट्स के द्वारा इस क्रीम के प्रयोग की पैरवी की जाती है। इस क्रीम के शुरूवाती प्रयोग से ही इसका अवसर दिखने लगता है। एक सप्ताह के प्रयोग के बाद ही इसका अवसर दिखता है और 10 से 12 दिनों के अन्दर मस्से पूर्ण रूप से ठीक हो जाते हैं। परन्तु ध्यान दें इसका प्रयोग कम उम्र के बच्चों पर ना करें। अगर करना जरूरी हो तो पहले डॉक्टर से सलाह कर लें।

  • नेचुरल बॉडी एण्ड स्किन क्रीम —

इस क्रीम के प्रयोग से शरीर में कॉलेजन का निर्माण तेज हो जाता है। इसका प्रयोग दिन में तीन से चार बार करना चाहिए इससे अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। इसका प्रयोग 8 से 10 दिनों तक करना लाभदायक होता है।

उपरोक्त जितनी भी क्रीम मस्सों को हटाने के लिए बताई गई हैं। इनका प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य कर लें। क्योंकि कई मस्सों के कैंसर होने का खतरा भी रहता है। अत: इनके प्रयोग से पहले डॉक्टर से पूछ लें।

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