वीर्य शोधन वटी के फायदे और नुकसान Virya Shodhan Vati Benefits and Side Effects in Hindi

वीर्य शोधन वटी के सेवन से वीर्य से सम्बन्धित दोषों का निवारण होता है। वीर्य सम्पूर्ण धातुओं का सार है।

स्वस्थ्य संतान की प्राप्ती के लिए वीर्य शुद्ध होना जरूरी है।

इसके लिए वीर्य शोधन वटी का सेवन करना चाहिए। हम इस लेख में इस वटी के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Table of Contents

वीर्य शोधन वटी क्या है? Virya Shodhan Vati Kya hai

वीर्य शोधन वटी एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसे वंग भस्म, रजत भस्म, प्रवाल भस्म, शुद्ध शिलाजीत, कपूर और गिलोय सत्व को मिलाकर तैयार किया जाता है।

यह औषधि जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है वीर्य को शुद्ध करने का कार्य करती है और साथ ही स्वप्नदोष, शीघ्रपतन, शारीरिक व मानसिक दुर्बलता, नपुंसकता, पाचन शक्ति की कमजोरी, स्मरणशक्ति की कमी को दूर करने कार्य भी करती है।

अनुचित और अनियमित ढंग से भोजन व कामुक आचरण वीर्य को पतला व निर्बल कर देता है।

वर्तमान समय में इस समस्या युवा पीढ़ी में आसानी से देखी जा रही है।

इस समस्या के लिए कई लोग एलोपैथिक दवाओं का प्रयोग करते हैं पर ज्यादा लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है।

इसका सरल उपाय यही है कि इसके लिए वीर्य शोधन वटी का प्रयोग करना चाहिए।

इसके प्रयोग से वीर्य के विकार समाप्त हो जाते हैं।

स्वस्थ्य संतान के लिए वीर्य का शुद्ध होना अति आवश्यक होता है।

शुद्ध वीर्य की पहचान यह है कि वह चिकना, गाढ़ा, मीठा, मलाई जैसा, गंध रहित, जलन रहित होता है।

और इसी के उलट अशुद्ध वीर्य सूखा, रंग रहित या गंदे रंग का, झागदार, बहुत गाढ़ा, इसके निकलते समय गंध आती है साथ ही जल भी होती है।

वीर्य दोष हो जाने पर वीर्य कम उत्पन्न होता है जिससे उसमें स्पर्म की संख्या कम पाई जाती है या वह असासामन्य व अस्वस्थ्य होते हैं।

शुद्ध एवं स्वस्थ्य वीर्य ही गर्भधारण करने में सक्षम होते हैं।

इस रोग से निजात पाने के लिए अंग्रेजी दवाओं पर पैसा बर्बाद करने के बजाय आयुर्वेद के वरदान वीर्य शोधन वटी को अपनाना चाहिए

इसमें वह सब है जिससे आपको इस रोग से मुक्ति मिलेगी।

वीर्य शोधन वटी में प्रयुक्त घटक Ingredients of Virya Shodhan Vat in hindi

वीर्य शोधन वटी में निम्न घटक पाये जाते हैं —

  • रजत भस्म
  • वंग भस्म
  • प्रवाल भस्म
  • रौप्य भस्म
  • शुद्ध शिलाजीत
  • कपूर
  • गियोल सत्व

इन सभी को 10 ग्राम एवं कपूर को 3 ग्राम की मात्रा में मिलाया जाता है।

वीर्य शोधन वटी बनाने का तरीका Method of making Virya Shodhan Vat in hindi

वीर्य शोधन वटी को बनाने की विधी में सबसे पहले शुद्ध शिलाजीत को थोड़े से पानी में अच्छी तरह से घोल लेते हैं।

शेष सभी सामग्रीयों को एक साथ मिलाकर अच्छी तरह से कूटने के बाद जिस पानी में शिलाजीत डाला था

उसमें डालने के बाद घुटाई कर लेनी चाहिए जब ये सभी पदार्थ मिलकर गाड़े हो जाये तो इसकी छोटी—छोटी गोलियां बना लेनी चाहिए।

वीर्य शोधन वटी के सेवन की विधि Dosage of Virya Shodhan Vat in hindi

  • इस वटी को 1 या 2 गोली जो लगभग 2 रत्ती की होती हैं को दिन में दो बार सुबह व शाम को लेनी चाहिए।
  • इस वटी को भोजन के उपरान्त ही लेना चाहिए।
  • इसको दूध के साथ लें तो अधिक असरदार होती है।
  • ध्यान दे इस वटी को लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

वीर्य शोधन वटी का उपयोग Uses of Virya Shodhan Vat in hindi

वीर्य शोधन वटी धातु रोग, मूत्र रोग यौन सम्बन्धित समस्याओं को दूर करने के साथ ही इसका मुख्य कार्य वीर्य को शुद्ध करना है

कई अन्य औषधियों के साथ लेने से अन्य यौग रोगों में फायदा पहुंचता है जैसे नपुंसकता, स्वप्न दोष, शिथिलता और शीघ्रपतन जैसे परेशानियों में।

वीर्य शोधन वटी के फायदे। Benefits of Virya Shodhan Vati in hindi

वीर्य के अस्वस्थ्य होने या शुक्राणुओं में विकार पैदा होने के कई कारण है।

जैसे — धूम्रपान करना, तम्बाकू का प्रयोग करना, मद्यपान करना, मसालेदार व तेज मिर्च युक्त भोजन करना, गरम गरम पेयपदार्थ पीना, ज्यादा खट्टी चीजे खाना, हस्तमैथुन करना, उष्ण दवाईयों का प्रयोग करना, जरूरत से ज्यादा एण्टीबायोजटिक दवा का प्रयोग करना, अश्लील विचार आना फिल्मे देखना, कामुन चिन्तन करते रहना इसका प्रमुख कारण होता है।

इन सभी कारणों से वीर्य निर्बल दूषित व पतला होता हैं अधिक समय तक बीमार ही रहना, पौष्टिक भोजन की कमी, बार—बार खाना, कब्ज की परेशानी होना, कम सोना भी वीर्य में दोष पैदा करते हैं।

आगे हम वीर्यशोधन वटी के लाभों के बारे में जानेंगे।

Benefits of Virya Shodhan Vati in hindi

वीर्य को स्वस्थ्य व गाढ़ा करने में वीर्य शोधन वटी के फायदे

अगर आपका वीर्य पतला व उसमें शुक्राणुओं की मात्रा कम हो गयी हो तो इस वटी का प्रयोग गिलोय के काढ़े के साथ करना उचित होता है।

अगर आप इसका सेवन कर रहे हैं तो खट्टी चीजों के साथ भारी भोजन का भी प्रयोग नहीं करना चाहिए। मदिरापान करने वाले व धुम्रपान करने वालों को इसका त्याग करना चाहिए।

हल्के मिठे दूध के साथ इस दवा का प्रयोग दिन में दो बार 2 से 3 माह तक करना चाहिए।

बुखार में फायदेमंद

अगर आपका शरीर अक्सर गर्म रहता है या आपको हल्का बुखार है तो चन्दनादि लोह के साथ इसका प्रयोग फायदेमंद होता है।

कब्ज में इसका फायदा

अगर आपको कब्ज या किसी कारणवश आपका पेट साफ नहीं होता है तो रात को सोने से पहले दो चम्मच इसबगोल के साथ त्रिफला चूर्ण व वीर्य शोधन वटी का प्रयोग गरम दूध के साथ 2 से 3 माह तक करना फायदेमंद होता है।

वीर्य के पतलेपन को दूर करने में इसके फायदे

तेज मसालेदार व गरम गरम पेयपदार्थो, शराब व तम्बाकू के सेवन से पैदा हुई बिमारी है।

इनके प्रयोग से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है। रक्त दूषित हो जाता है जिस कारण वीर्य में भी पतलापन व उष्णता दोष आ जाता है।

ऐसी परिस्थिति में सर्वप्रथम उपरोक्त दोषों को छोड़ना होगा। वीर्य शोधन वटी की 1 गोली को चन्द्रकला रस 1 रत्ती के साथ मिलाकर गुनगुने मीठे दूध के साथ सुबह व शाम को लेना चाहिए।

महिलाओं के लिए फायदे

यह वटी सिर्फ पुरूषों के लिए ही फायदेमंद नहीं है।

यह युवतियों, महिलाओं व विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी है।

बुखार या किसी अन्य कारण से शरीर में रक्त में पैदा होने वाली गर्मी से महिलाओं में रक्त प्रदर, एनीमिया, कमजोरी, श्वेतप्रदर आदि रोग उत्पन्न हो जाते हैं।

ऐसी दशा में महिलाओं को वीर्य शोधन वटी की 1 गोली के साथ स्वर्ण माक्षिक भस्म दो रत्ती गुलकन्द या फिर शहद के साथ गरम मीठे दूध के साथ दिन में दो बार लेना चाहिए।

युवाओं के लिए फायदेमंद —

विवाहितों के अलावा अविवाहित युवा वर्ग के लिए भी यह वटी फायदेमंद होती है।

स्वप्नदोष, शरीर का कमजोर होना, शुक्राणुओं की कमी होना, श्वेत प्रदर या रक्त प्रदर से पीड़ित युवती का शरीर कमजोर होना, जोड़ों की हड्डियों में आवाज होना या दर्द होना, त्वचा रूखी होना, बदन सूख जाना, वात से पीढ़ित रहना।

इन सभी को ठीक करने के लिए पहले इनके कारणों से अपने को दूर करना होगा तत्पश्चात गिलोय सत्व, वशलोचन 1 ग्राम छोटी इलायची के चूर्ण, व आंवला चूर्ण को आधा चम्मच शहद में मिलाकर खाना चाहिए।

सुबह शाम ठण्डे मीठे दूध के साथ वीर्य शोधन वटी को लेना फायदेमंद होता है। इसका प्रयोग कम से कम 3 माह तक करना उचित रहता है।

वीर्य शोधन वटी के नुकसान। Side Effect of Virya Shodhan Vat in hindi

वीर्य शोधन वटी एक आयुर्वेदिक दवा है जो पुरुषों की स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मदद करता है। इसके उपयोग से संबंधित कुछ नुकसान निम्नलिखित हो सकते हैं:

अल्पाहार: वीर्य शोधन वटी का अधिक सेवन करने से पेट में दर्द, गैस और अल्पाहार हो सकता है।

धातु क्षय: अधिक मात्रा में वीर्य शोधन वटी का उपयोग करने से धातु क्षय हो सकता है।

एलर्जी: कुछ लोग वीर्य शोधन वटी के उपयोग से एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना कर सकते हैं।

अतिरिक्त उत्तेजना: वीर्य शोधन वटी का अधिक सेवन करने से अतिरिक्त उत्तेजना हो सकती है, जो नींद को प्रभावित कर सकती है।

दवाओं के साथ इंटरैक्शन: कुछ दवाओं के साथ वीर्य शोधन वटी का इंटरैक्शन हो सकता है, जो नुकसानदायक हो सकता है।

इसलिए, वीर्य शोधन वटी का उपयोग करने से पहले, एक चिकित्सक से सलाह लेना बेहद आवश्यक होता है।

अत: इसका प्रयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य कर लें व उसके द्वारा बताये अनुसार ही इसका सेवन करें।

यह वटी आपको हर आयुर्वेदिक दवा की दुकान में मिल जायेगी।

आप इसे आनलॉइन में भी मंगा सकते हैं।

यह आपको 150 से 250 रूपये के बीच अलग—अलग कम्पनी की (जैसे बैद्यनाथ, व्याश) मिल जायेगी।

FAQ’s

वीर्य शोधन वटी का उपयोग किस समय किया जाना चाहिए?

यह वटी सम्पूर्ण आयु समूह के लिए उपयोगी होती है, लेकिन यह विशेष रूप से उन पुरुषों के लिए उपयोगी होती है जिन्हें यौन समस्याएं होती हैं, जैसे कि शीघ्रपतन, कम वीर्य मात्रा और यौन शक्ति में कमी।

वीर्य शोधन वटी को खाने से पहले, एक चिकित्सक या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित होता है। आमतौर पर, यह वटी खाने से 30 मिनट पहले लेनी चाहिए और दिन में दो बार या चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक के अनुसार ली जानी चाहिए। इसका उपयोग खाली पेट नहीं किया जाना चाहिए और इसे गर्म पानी या दूध के साथ लेना उचित होता है।

वीर्य शोधन वटी किस उम्र में लेनी चाहिए?

वीर्य शोधन वटी को लेने की उम्र कोई निश्चित सीमा नहीं है। हालांकि, यह वटी सामान्यतः पुरुषों में यौन दुर्बलता और वीर्य की मात्रा को बढ़ाने के लिए उपयोग की जाती है। इसलिए, वीर्य शोधन वटी का उपयोग करने से पहले आपको एक चिकित्सक या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

आमतौर पर, यह वटी बच्चों के लिए अनुचित होती है और 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए नहीं होनी चाहिए। यह उम्र आपके शारीरिक विकास और यौन परिपक्वता के अनुसार भी अलग-अलग हो सकती है।

वीर्य शोधन वटी की कीमत क्या है?

वीर्य शोधन वटी की कीमत उसके ब्रांड, उपलब्धता और खरीदने के स्थान के आधार पर भिन्न होती है। इसलिए, इसकी सटीक कीमत बताना कठिन होता है।

यदि आप वीर्य शोधन वटी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको अपनी आवश्यकताओं और बजट के अनुसार एक प्रमाण-पत्रित विक्रेता से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, इसे आयुर्वेदिक दुकानों, ऑनलाइन वेबसाइट या दवा स्टोर से भी खरीदा जा सकता है। आमतौर पर, यह वटी 100 रुपये से शुरू होती है, लेकिन इसकी कीमत विक्रेता के स्थान और ब्रांड के आधार पर भिन्न होती है।

वीर्य शोधन वटी कहाँ से खरीदी जा सकती है?

वीर्य शोधन वटी आयुर्वेदिक दुकानों, आयुर्वेदिक विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जाने पर दवाइयों की खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा, यह ऑनलाइन भी उपलब्ध है, जहां आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसे खरीद सकते हैं।

आप ऑनलाइन दुकानों जैसे एमाजॉन, फ्लिपकार्ट, न्यूट्रिकर्त, आयुष हेर्बल, पतंजलि, आदि से भी वीर्य शोधन वटी खरीद सकते हैं। इन वेबसाइटों पर आपको वीर्य शोधन वटी के विभिन्न ब्रांड और मूल्य दिए जाते हैं जिनमें से आप अपनी आवश्यकताओं और बजट के अनुसार चुन सकते हैं।

ध्यान रखें कि आपको वीर्य शोधन वटी को किसी भी विक्रेता से खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता, प्रतिक्रिया, मूल्य और ब्रांड को जांचना चाहिए। आपको समझना चाहिए कि वीर्य शोधन वटी आपके स्वास्थ्य को बढ़ाने में मदद कर सकती है, लेकिन इसे केवल विशेषज्ञों या चिकित्सकों की सलाह पर उपयोग करें।

वीर्य शोधन वटी लेने से पहले ध्यान रखने वाली बातें

  • वीर्य शोधन वटी का उपयोग केवल डॉक्टर के सलाह के अनुसार करें।
  • अधिक मात्रा में वीर्य शोधन वटी लेने से नुकसान हो सकता है। इसलिए, सलाह दी गई मात्रा के अनुसार ही इसका उपयोग करें।
  • वीर्य शोधन वटी के सेवन के दौरान ध्यान रखें कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
  • अगर आप अन्य दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें कि आप उन दवाओं को वीर्य शोधन वटी के साथ ले सकते हैं या नहीं।
  • वीर्य शोधन वटी का सेवन खाली पेट करने से बेहतर होता है। इससे इसकी अधिकतम असर होती है।
  • वीर्य शोधन वटी के सेवन के दौरान अल्कोहल सेवन से बचें।
  • वीर्य शोधन वटी के सेवन के बाद कुछ समय तक या फिर डॉक्टर की सलाह के अनुसार जल्दी सो जाएँ।
  • वीर्य शोधन वटी के सेवन से पहले अपने खाने की आदतों को संशोधित करें।

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