उड़द दाल के घातक नुकसान -Urad Dal Ke Nuksan in Hindi

Urad Dal Ke Nuksan in Hindi -उड़द दाल खाने का नुकसान उन व्यक्तियों को सबसे ज्यादा हो सकता है तो गुर्दे की पथरी से परेशान हैं।

दाल हमारे रोजमर्रा के भोजन का प्रमुख अंग तो है ही यह प्रोटिन का भी अच्छा स्रोत माना जाता है और उड़द दाल को इसके गुणों के कारण सबसे अधिक प्रयोग किया जाता है।

इसमें प्रोटिन, बिटामिन्स के साथ ही फाइबर की उचित मात्रा पायी जाती है तो हमारे शरीर व पाचन तंत्र के लिए महत्वपूर्ण समझी जाती है।

मगर उड़द दाल के नुकसान बारे में जान लेना जरूरी है कि यह क्या है?

जिनके बारे में हम यहां आपको आगे बताऐंगे।

उड़द दाल के नुकसान – Urad Dal Ke Nuksan in Hindi

बहुत से गुणों से युक्त उड़द दाल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी तो है पर इसका प्रयोग हमारे लिए हानिकारक भी हो सकता है।

इसकी अधिक मात्रा हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है। इसके अधिक प्रयोग से हमारे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है।

इसका दुष्प्रभाव यह होता है कि गुर्दे में कैल्सीफिकेशन स्टोंस को उत्तेजित कर सकती है।

इसके अधिक सेवन करने से गाउट की समस्या भी हो सकती है।

गाउट अर्थात आपके पैरों के जोड़ों अंगूठे के जोड़, घुटनों के जोड़ों में दर्द और सूजन बढ़ जाना। यह एक गठिया का जटिल रूप है।

जिसमें रोगी को असहनीय पीड़ा का अहसास होता है। इसके प्रमुख कारणों में से एक है शरीर में प्रोटिन की अधिकता व शरीर में यूरिक ऐसिड की मात्रा का ज्यादा हो जाना।

उड़द की दाल का अधिक सेवन हमारे शरीर में यूरिक ऐसिड व प्रोटीन की मात्र का बढ़ा देता है और हमें गाउट की समस्या होने का खतरा बढ़ा देता है।

जिनको पहले से ही यह समस्या है उनको उड़द की दाल के साथ ही अन्य दालों का सेवन कम कर देना चाहिए व अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।

अपने भोजन में कुछ भी नये तत्व को शामिल करने से पहले अपने डाक्टर से सलाह कर लेनी चाहिए। जिससे उससे होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

अत्यधिक उड़द की दाल का सेवन करने से आपको अपच की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

इसके दुष्प्रभावों में कब्ज की समस्या भी है।

इसके सेवन से कब्ज की समस्या भी पैदा हो सकती है। हर व्यक्ति में इसका प्रभाव अलग—अलग हो सकता है।

गठिया या गल्स्टोन से ग्रसित व्यक्ति के लिए उड़द दाल की अत्यधिक मात्रा का सेवन खतरनाक हो सकता है।

अगर आप किसी अन्य बिमारी के लिए दवा का प्रयोग कर रहे हैं तो उड़द की दाल के प्रयोग के बारे में अपने डाक्टर की सलाह ले सकते हैं।

उड़द की दाल को कई बिमारियों के लिए फायदेमंद माना जाता है जैसे दिल, दिमांग, वजन कम करना, हड्डियों के लिए, मांसपेशियों, मधुमेय, शरीर की सूजन को कम करने के लिए, त्वचा को स्वस्थ्य रखने के लिए, गर्भवती महिलाओं के लिए, पाचन शक्ति को बढ़ाने के लिए आदि।

एक बात ध्यान रखने योग्य है कि इन सब बिमारियों में यह सहायक हो सकता है परन्तु इसका अत्यधिक सेवन आपको नकसान पहुंचा सकता है।

जैसे पेट में कब्ज पैदा करना, गैस की बिमारी को बढ़ाना, गर्भवती महिलाओं के द्वारा इसका अत्यधिक प्रयोग उनमें कब्ज की समस्या को बड़ा सकता है।

उड़द दाल What is Urad Dal in Hindi ?

उड़द दाल जिसे अंग्रेजी में ब्लैक ग्राम कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम विग्ना मुन्गो है।

यह दाल भारतीय व्यंजनों का मुख्य अंग माना जाता है। उड़द दाल में पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा के साथ ही विटामिन, खनिज पदार्थ व फाइबर भी पाया जाता है।

ये सभी तत्व हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इसके औषधिय गुणों के कारण इसका प्रयोग आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता रहा है।

उड़द दाल के पोषक पदार्थ – Black Gram Nutritional Value in Hindi

हमारे देश में जब भी कोई विशेष उत्सव या समारोह होता है तो स्‍वादिष्टि पकवान बनाने के लिए उड़द दाल का प्रयोग किया जाता है।

उड़द दाल को साबूत, छिल्‍के वाली दाल और बिना छिल्‍के वाली दाल के रूप में प्रयोग किया जाता है।

इन सभी दालों में अलग—अलग पौष्टिकता होती है। उड़द दाल में आयरन, मैग्‍नीशियम, पोटेशियम, फोलिक एसिड एवं कैल्शियम की उच्च मात्रा पाई जाती है।

उड़द दाल के फायदे – Urad Dal Health Benefits in Hindi

उड़द दाल का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाओं में इसके औषधीय और उपचारात्‍मक गुणों के कारण प्रयोग किया जाता रहा है।

इसके प्रयोग से आप अपने पाचन तंत्र को सुधार सकते हैं साथ ही यह कब्ज में भी लाभदायक है। इसका कारण यह है कि इसमें उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है। 

आइये आगे जानते हैं उड़द दाल हमारे लिए क्या फायदेमंद है।

दिल के लिए उरद दाल के फायदे

उड़द दाल में फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है साथ ही इसमें मैग्‍नीशियम व पोटेशियम भी की अच्छी मात्रा होता है। ये हमारे हृदय के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही लाभदायक हैं।

उड़द दाल अपने औषधीय गुणों के कारण कोलेस्‍ट्रॉल और एथेरोस्‍क्‍लेरोसिस को नियंत्रित करने में मदद करते हैं जिससे हृदय और रक्‍तवाहिकाओं संबंधी समस्याओं में सुधार होता है।

शरीर में रक्त परिसंचरण को सही बनाये रखने के लिए उड़द दाल में पोटेशियम की उच्च मात्रा पाई जाती है। इतने सारे गुणों के कारण यह हमारे दिल के लिए फायदेमंद है।

मधुमेह में उड़द दाल के फायदे

मुधमेय या डायबिटीज एक खतरनाक बिमारी है। अगर यह बिमारी किसी को लग जाय तो यह कई और बिमारियों को पैदा कर देती है।

अर्थात डायबिटीज कई बिमारियों की जनक है। इसे  नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले अपने खान—पान को नियंत्रित करना होता है।

क्योंकि मधुमेय अनियंत्रित खान—पान के कारण्म बढ़ जाता है। उड़द दाल में प्रचूर मात्रा में पाये जाने वाला फाइबर डायबिटीज में फायदेमंद हो सकता है।

फाइबर हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पाचन तंत्र द्वारा अवशोषित पोषक तत्‍वों की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायता करता है।

यह शरीर में पैदा होने वाली शर्करा व ग्‍लूकोज नियंत्रित रखने में मदद करता हैं जिससे डायबिटीज होने का खतरा कम हो जाता है।

ह‍ड्डीयों की मजबूती के लिए उड़द दाल के फायदे

वर्तमान समय में सही पोषक पदार्थ न मिलने के कारण लोगों की हड्डीयां कमजोर हो रही हैं। और अधिकतर लोगों में यह परेशानी आम है।

हड्डीयों की समस्‍या में लाभ पहुंचाने का काम उड़द दाल कर सकती है।

उड़द दाल में कैल्शियम, आयरन, मैग्‍नीशियम, फॉस्‍फोरस व पोटेशियम जैसे खनिज तत्वों की प्रचूर मात्रा पाई जाती है। ये सभी खनिज हमारी हड्डियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं।

उड़द दाल के नियमित सेवन से हमें हड्डियों की कमजोरी की समस्या से मुक्ति मिल सकती है।

शारीरिक क्षमता बढ़ाने में उड़द दाल के फायदे

अगर आपको कमजोरी का अहसास रहता है या शरीर में उर्जा की कमी महसूर होती है तो आप शारीरिक क्षमता को बढ़ाने के लिए काली उड़द दाल का प्रयो​ग कर सकते हैं।

इसमें आयरन की उच्च मात्रा पाई जाती है जो शरीर में ऊर्जा के स्‍तर को बढ़ाने मदद करती है।

आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करता है और पूरे शरीर में आक्सीजन की सही मात्रा पहुंचाने में मदद करता है।

जिन महिलाओं में रक्त की कमी होती हो उनको काली उड़द दाल का प्रयोग करना चाहिए।

यह शरीर में खून की कमी को तो पूरा करता ही है साथ ही शरीर में ऊर्जा को बढ़ाने में भी सहायक है।

त्वचा के लिए उरद दाल के फायदे

अपनी त्‍वचा को सुन्दर और स्‍वस्‍थ्‍य बनाये रखने के लिए विभिन्न प्रकार के रासायनिक उत्पादों व दवा का प्रयोग करते हैं।

मगर ये उत्पाद हमारी त्वचा के लिए ठीक नहीं होते हैं देर सबेर इनका दुष्प्रभाव हमारी त्वचा पर पड़ता ही है। अपनी त्वचा को सुन्दर व स्वस्थ्य बनाने के लिए हमारे घरेलू नुक्सों में उड़द दाल के नुक्से दिये गये हैं।

उड़द दाल का नियमित सेवन करने से आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहता ही है साथ ही आपकी त्वचा भी सुन्दर व स्वस्थ्य हो जाती है।

उड़द दाल विटामिन व खनिजों की प्रचूर मात्रा पाई जाती है तो हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं। इतना ही नहीं उड़द दाल के प्रयोग से आप चेहरे में डार्क स्‍पोट को भी ठीक कर सकते हैं।

यौन स्‍वास्‍थ्‍य में उड़द दाल के फायदे

जिन व्यक्तियों को यौन स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी हुई समस्या हो या कामेच्‍छा में कमी हो उनके लिए उड़द दाल फायदेमंद हो सकती है।

उड़द की दाल को प्राकृतिक रूप से कामोद्दीपक माना जाता है। क्‍योंकि उड़द दाल का प्रयोग आयुर्वेद में यौन क्षमता की कमी के इलाज के लिए किया जाता है।

इसके लिए उड़द दाल को पानी में 6 से 7 घंटे तक भिगो दें और फिर इस भीगी दाल से पानी को छान लें व दाल से पानी साफ हो जाये तो इसे घी में फ्राई करें।

रोज घी में फ्राई उड़द दाल का सेवन यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने में मदद करती है।

दर्द को कम करने में उड़द दाल के फायदे

दर्द व सूजन को कम करने के लिए आयुर्वेद में उड़द दाल का बहुत उपयोग किया जाता है। क्योंकि उड़द दाल में प्रचूर मात्रा में विटामिन व खनिज पदार्थ होते हैं।

जो चयापचय को बढ़ाते हैं। उड़द दाल के नियमित प्रयोग से यह ऑक्‍सीडेटिव तनाव को कम करने में सहायता करती है।

सूजन को कम करने के लिए आप उड़द दाल के पेस्ट को उस प्रभावित स्थान में लगा सकते हैं। इससे आपको सूजन के साथ—साथ उस स्थान में हो रहे दर्द में राहत मिलेगी।

पाचन के लिए उड़द दाल के फायदे —

पाचन का खराब का होना आपके लिए बहुत से रोगों का कारण बन सकता है। ​यदि आपका पेट अक्सर खराब ही रहता है तो आपके लिए अंकुरित उदर दाल फायदेमंद हो सकती है क्योंकि उसमें प्रचूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। यह फाइबर  घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के होते हैं।

यदि आप नियमित तौर पर अंकुरित उड़द दाल का सेवन करते हैं तो यह आपके पाचन को सही करने में सहायक हो सकता है। इसके अतिरिक्त यदि आपको कब्ज, सूजन, दस्त और पेट में होने वाली ऐंठन की समस्या रहती है तो भी अंकुरित उड़द दाल इस परेशानियों में भी फायदेमंद है। इससे पता चलता कि आपको अंकुरित उड़द दाल का प्रयोग करना फायदेमंद हो सकती है।

बालों के लिए उड़द दाल के फायदे —

बढ़ते प्रदूषण, गलत खानपान के कारण, पौष्टिक भोजन की कमी एवं लगातार तनाव के कारण लोगों को अक्सर बालों की समस्या होने लगी है। इससे उनके बाल कमजोर हो जाते हैं और झड़ने शुरू हो जाते हैं। अगर आप इस समस्या से परेशान हैं तो आपके लिए उड़द दाल बहुत ही फायदेमंद हो सकती है। इसके लिए आपको छिलके वाली उड़द दाल का प्रयोग करना चाहिए।

छिलके वाली उड़द दाल के प्रतिदिन सेवन से आपके बालों की ग्रोथ अधिक होने लगती है। इसके अतिरिक्त आप उड़द दाल को बिना खाये भी अपने बालों को मजबूत बना सकते हो। इसके लिए आपको छिलके वाली उड़द दाल का को पीसकर इसका बालों के लिए हेयर मास्क बना होगा यह मास्क आपके बालों को सभी जरूरी तत्व प्रदान करने में मदद करता है जिससे आपके बाल मजबूत और खुबशुरत हो जाते हैं।

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