Surya Mudra in Hindi | सूर्य मुद्रा करने का तरीका

Surya Mudra in Hindi — अगर आप मोटापे, डायबिटीज एवं थायरायड जैसे रोगों से पीड़ित हैं तो आपके लिए सूर्य मुद्रा किसी वरदान से कम नहीं है। इसके नियमित अभ्यास से आपकेा इन रोगों में बहुत लाभ होगा। योग हमारे लिए बहुत ही महत्वूर्ण है यह हमारे शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद -करता है। योग बड़ी से बड़ी बिमारी को ठीक करने में सहायता करने के साथ ही ​रोगों को होने से भी ​बचाता है।

सूर्य मुद्रा भी इन्हीं योग मुद्राओं में से एक है। यह भी उसी प्रकार हमारे लिए फायदेमंद है जैसे अन्य योग मुद्रायें हैं। प्राचीन समय से ही भारत में बिमारियों के उपचार में दवाओं के साथ ही योग का भी प्रयोग होता रहा है। सूर्य मुद्रा हमारे शरीर के साथ ही हमारी आत्मा में भी गहरा प्रभाव डालती है।

यह हमें बिमारियों से तो बचाती ही है साथ ही यह हमारी आयु को भी बढ़ाती है। सूर्य मुद्रा हमारे शरीर में अग्नि तत्व अर्थात गरमाहट को पैदा करने में सहायता करता है। गरमाहट अर्था गर्मी भोजन को बचााने के लिए बहुत आवश्यक होती है। हम इस लेख में आपको सूर्य मुद्रा क्या है, सूर्य मुद्रा को करने के तरीके एवं सूर्य मुद्रा के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। तो आइये शुरू करते है इस लेख को — Surya mudra in Hindi

सूर्य मुद्रा क्या है – what is surya mudra

सूर्य मुद्रा संस्कृत के दो शब्दों सूर्य और मुद्रा से बना है। जिसमें सूर्य का अर्थ सूरज एवं गर्मी से सम्बन्धित है। मुद्रा अर्थात आसन। जिस प्रकार सूरज की पूजा करने से हमारे जीवन में अंधकार मिट जाता है उसकी प्रकार सूर्य मुद्रा को करने से भी हमारे शरीर की बिमारी उससे दूर हो जाती हैं।

जिस प्रकार सूरज की ऊर्जा सभी प्राणियों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। उसी प्रकार सूर्य मुद्रा Surya Mudra को करने से जो ऊर्जा हमारे शरीर में उत्पन्न होती है वह हमारे शरीर को कई रोगों से लड़ने के लिए मजबूत बनती है और इसे स्वस्थ्य बनाये रखती है।

क्या आप जानते हैं योग में उंगलियों के जोड़ों के द्वारा आप शरीर में पाये जाने वाले पंच तत्वों को संतुलित कर सकते हैं। यह पंच तत्व ही हमारे शरीर को संतुलित एवं स्वस्थ्य रखने मेें मदद करते हैं। प्रत्येक उंगली हर तत्व को प्रदर्शित करती है। सूर्य मुद्रा को अनामिका अर्थात रिंग फिंगर से किया जाता है। अनामिका उंगली का सं​बंध सूर्य से माना जाता है जो जीवन की ऊर्जा एवं अंतरज्ञान का प्रतिनिधित्व करती है। ​

सूर्य मुद्रा हमारे शरीर में पृथ्वी तत्व के बढ़ते प्रभाव को कर करती है और अग्नि तत्व को बढ़ाती है। इससे आपके शरीर में एक नई ऊर्जा एवं गर्मी का अहसास होता है जिससे आलस्य खत्म हो जाता है और स्फूर्ति लौट आती है। इसकी कारण सूर्य मुद्रा को अग्नि शामक मुद्रा भी कहा जाता है। सूर्य मुद्रा और पृथ्वी मुद्रा को अनामिका अर्थात रिंग फिगर से ही किया जाता है मगर उनकी स्थिति अलग—अलग होती है। – What is Surya Mudra in Hindi

(पृथ्वी मुद्रा के बारे में और अधिक जानें …… Prithvi Mudra in Hindi)

सूर्य मुद्रा करने का तरीका – Surya Mudra Steps

सूर्य मुद्रा Surya Mudra को किस प्रकार किया जाता है इसको स्टेप बाई स्टेप हम आपको बताने जा रहे हैं जो निम्न हैं —

  • सबसे पहले आपको किसी हवादार एवं स्वच्छ स्थान पर मैट या चटाई बिछाकर बैठ जायें।
  • अब आप सूर्य मुद्रा करने के लिए आपको सुखासन या पदमासन में बैठना होगा। जिस आसन में भी आप अधिक समय तक बैठ सकते हैं उसकी में बैठें। ध्यान रहे अपके रीड की हड्डी बिल्कुल सीधी रहे।
  • अब आप अपने हाथों को सीधा अपने घुटनों पर रखे और ध्यान रहे कि आपकी हथेली को ऊपर की ओर रहे।
  • अगले चरण में आप अपने दोनों हाथों की अनामिका उंगली को अंदर की ओर मोड़ते हुये अंगूठे के तल तक ले जाये और फिर अंगूठे से अनामिका को दबायें।
  • आप अपने हाथ की अन्य सभी उंगलियों को बिल्कुल सीधा रखें।
  • अब अपना सम्पूर्ण ध्यान अपनी श्वास पर केन्द्रित करें अपनी श्वास को सामान्य रखने की कोशिश करें।
  • आप सूर्य मुद्रा को 5 से 10 मिनट तक रखें और अपने ध्यान को अपनी श्वास में ही टिकाये रखें। फिर धीरे—धीरे अपना समय बढ़ाते रहे।
  • अगर आप सूर्य मुद्रा से अच्छे परिणाम चाहते हैं तो आपको इसको नियमित रूप से सुबह के समय करना चाहिए। चाहे तो आप इसको शाम के समय भी कर सकते हैं। इस मुद्रा को आप दिन में तीन बार कर सकते हैं मगर ध्यान रहे प्रत्येक को करने में कम से कम 1 घंटे का अंतराल हो। एक बार आप सूर्य मुद्रा को 10 मिनट से 30 मिनट तक कर सकते हैं।

सूर्य मुद्रा के फायदे — Benefits of Surya Mudra

सूर्य मुद्रा हमारे लिए बहुत ही लाभदायक हैं यह हमारे शरीर के साथ ही हमारे मन को भी स्वस्थ्य रखने में मदद करती है। हम नीचे इसके कुछ प्रमुख फायदे आपको बताने जा रहे हैं — 

1. शारीरिक ऊर्जा के लिए सूर्य मुद्रा के फायदे —

अगर आपको अक्सर थकान और कमजोर रहती है तो आपको सूर्य मुद्रा को अवश्य नियिमत करना चाहिए। क्योंकि यह हमारे शरीर में गरमाहट पैदा करती है जिससे हमें आलस्य से मुक्ति मिलती है और हमारे शरीर में एक नई ऊर्जा पैदा हो जाती है। वहीं दूसरी और यदि आपको अधिक ठण्ड लगती है या ठण्ड के मौसम में आप अधिक परेशान रहते हैं तो आपको अपने शरीर में गरमाहट बनाये रखने के लिए इस मुद्रा का प्रयोग करना चाहिए।

2. वजन कम करने में सूर्य मुद्रा के फायदे — 

सूर्य मुद्रा के कई फायदो में से एक वजन कम करना भी है। यदि आप बढ़ते वजन से परेशान हैं तो आपके लिए वजन कम करने में सूर्य मुद्रा फायदेमंद हो सकती है। जिन महिलाओं को वजन प्रसव के बाद बढ़ जाता हैं तो उनके लिए सूर्य मुद्रा किसी वरदान से कम नहीं है।  इसमें अग्नी तत्व पाया जाता है जो शरीर में पाई जो जाने वाली अतिरिक्त चर्बी को गलाने में मदद करती है। इसके साथ ही यह पाचन तंत्र को भी ठीक करने में मदद करता है जिससे वजन कम होने में सहायता मिलती है। — Surya Mudra for weight loss

(और अधिक पढ़े – वजन कम करने के घरेलू उपाय)

3. पाचन तंत्र को ठीक करने में सूर्य मुद्रा के फायदे  – 

यदि आपका पाचन तंत्र कमजोर है और भोजन पचने में परेशानी रहती है तो आपको सूर्य मुद्रा का प्रतिदिन अभ्यास करना चाहिए इससे आपका पाचन तंत्र अच्छा हो जायेगा और भोजन भी सही प्रकार से पचने लगेगा। भोजन के सही प्रकार से न पचने के लिए कब्ज, एसिडीटी और कोलेस्ट्रॉल जैसे रोग हो जाते हैं। सूर्य मुद्रा Surya Mudra के रोज अभ्यास से आपको इन रोगों में भी फायदा होता है। — Surya Mudra ke fayde

4. मधुमेह में सूर्य मुद्रा के लाभ —

यदि आप मधुमेय अर्थात डायबिटीज बिमारी से  परेशाान हैं तो आपको इनसे सूर्य मुद्रा मुक्ति दिला सकती है। यह शुगर के मरीजों के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसका कारण यह है कि यह अग्नि तत्व को संतुलित करती हैं जिससे यह हमारे शरीर में उपस्थित अतिरिक्त शुगर को गर्मी से खत्म कर देती है और साथ ही यह अतिरिक्त वसा के कारण होने वाले रोग जैसे मोटापा, हृदय रोग, कब्ज आदि रोगों को भी ठीक करने में मदद करती है। यह वसा के कारण उत्पन्न्य मोटापे से होने वाले रोगों जैसे मधुमेह और कब्ज को ठीक करती हैं।

(और अधिक पढ़े – मधुमेह को कम करने के उपाय)

5. कोलेस्ट्रोल में सूर्य मुद्रा के फायदे —

यदि आप बढ़ते कोलेस्ट्रोल से परेशान हैं तो आपके लिए सूर्य मुद्रा का प्रतिदिन अभ्यास करना फायदेमंद होगा। यह शरीर में पाचन तंत्र को सही करके आपके पाचन शक्ति को मजबूत करता है जिससे आप भोजन को सही प्रकार से पचा पाते है और आपके कोलेस्ट्रोल में कमी आने लगती है। सूर्य मुद्रा को करने से आपके शरीर में वसा की मात्रा भी नियंत्रित रहती है।

6. सूर्य मुद्रा के अन्य फायदे —

  • सूर्य मुद्रा हमारे अग्नि तत्व को बढ़ाती है जिससे हमें कफ, जुखाम, निमोनिया, दमा, अस्थमा जैसी बिमारियां जो ठण्ड के कारण होती हैं उनसे बचाव होता है।
  • थायरायड में सूर्य मुद्रा बहुत ही लाभदायक हैं यह थायरायड ग्रंथि के अधिक स्राव को कम करने में मदद करता है।
  • लीवर में होने होने वाले रोगों से भी सूर्य मुद्रा बचाने में मदद करती है।
  • सूर्य मुद्रा रक्त में यूरिया की मात्रा को भी नियंत्रित करती हैं।
  • सूर्य मुद्रा अग्नि तत्व को नियंत्रित करती है जिससे रक्त में होने वाले ब्लॉकेज को खोलने में मदद मिलती है और रक्त संचार सही प्रकार से हो पाता है। ऐसा होने से कई प्रकार की हृदय एवं फेफड़ों से जुड़ी बिमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है।
  • सूर्य मुद्रा को करने से मोतियाबिंद तथा आंख से सम्बन्धित अन्य बीमारियों को दूर करने में मदद मिलती है। इस मुद्रा से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
  • ठण्ड के कारण होने वाले सरदर्द में भी यह मुद्रा लाभदायक है।
  • सूर्य मुद्रा शरीर के भीतर की उर्जा को संतुलित कर मस्तिष्क को आराम पहुंचाता है।

सूर्य मुद्रा करते समय बरती जाने वाली सावधानियां – Precautions to Surya Mudra

योग करने के बहुत से लाभ होते है मगर अगर उनको सही प्रकार से न करें तो आपको इससे नुकसान हो सकता है । उसी प्रकार सूर्य मुद्रा के बहुत सारे लाभ होते हैं अगर इसको करते समय आपको कुछ सावधानी अवश्य रखनी चाहिए।

  • अगर आप इस मुद्रा को कर रहे हैं तो आपको इसको एक दिन में केवल 3 बार ही करना चाहिए। जिनका समय 15 मिनिट ही हो। सूर्य मुद्रा को भोजन करने से पहले करें।
  • एक बार आप सूर्य मुद्रा कर लें तो आपको करीब 30 मिनट के बाद ही भोजन करना चाहिए।
  • गर्मी के दिनों में आपको सूर्य मुद्रा अधिक नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह आपके शरीर में अधिक गर्मी को पैदा कर सकती है।
  • गमीं के मौसम में आप सूर्य मुद्रा को करने से पहले कुछ मात्रा में पानी अवश्य पी लें।
  • यदि आपको हाई ब्लड प्रेसर की समस्या है तो आपको इस मुद्रा को नहीं करना चाहिए।
  • दुर्बल एवं शारीरिक से कमजोर व्यक्ति इस मुद्रा को न करें।
  • यदि आपके शरीर में अधिक कमजोरी आ रही है तो इस मुद्रा को करने से बचें।
  • चक्कर आने, एसिडिटी होने पर आप Surya Mudra को न करें।

दोस्तों हमने आपको सूर्य मुद्रा के बारे में इस लेख के माध्यम से पूरी जानकारी दे दी है अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो अपने मित्रों से साथ इसको शेयर अवश्य करें। इस लेख में आपने सूर्य मुद्रा के बारे में जाना साथ ही इससे होने वाले फायदों और सूर्य मुद्रा को कैसे करें यह जाना। यह लेख आपके लिए किस प्रकार लाभकारी रहा इसके बारे में कमेन्ट अवश्य करें।

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