Shahad ke Nuksan – शहद के नुकसान

Shahad ke Nuksan – शहद कई प्रकार के गुणों व पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसका प्रयोग आयुर्वेद विज्ञान में कई तरह के रोगों को दूर करने के लिए प्राचीन काल से ही होता आया है। शहद के नुकसान व फायदों  के बारे सम्पूर्ण जानकारी आयुर्वेद विज्ञान में प्रमुखता से मिलती है।

शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से तैयार किया गया एक तरल पदार्थ जो स्वाद में मीठा होता है। शहद को मधुमक्खियों द्वारा काफी लम्बी क्रिया के पश्चात तैयार किया जाता है। आयुर्वेद में शहद को एक दवा के रूप में देखा जाता है और अन्य लोग इसे इसकी मिठास के लिए जानते हैं।

आप शहद का प्रयोग किसी भी प्रकार कर सकते हैं बस यह ध्यान रखें की जो आप शहद उपयोग कर रहे हैं वह सही है या नहीं अर्थात उसकी शुद्धता के बारे में आपको ज्ञान होना चाहिए नहीं तो उसका परिणाम आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

शहद जितना हमारे लिए फायदेमंद होता है उतना ही खतरनाक हो सकता है। इस लेख में हम इससे होन वाले नुकसान के साथ ही इसके फायदों (Benefits of Honey) के बारे में भी जानेंगे। (Shahad ke Nuksan)

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शहद क्या है? -What is honey in Hindi

शहद एक मीठा तरह पदार्थ है जो मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से तैयार किया जाता है। शहद मधुमक्खियों की काफी लम्बी प्रक्रिया के बाद तैयार होता है।  शहद कई प्रकार के औषधीय गुणों से युक्‍त होता है जिस कारण इसका आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण स्थान है। वर्तमान वैज्ञानिक युग में भी शहद को हमारी सेहत के लिए अमृत के समान मना है।

बाजार में शहद दो रूपों में उपलब्ध है, कच्‍चे और संसाधित। अर्थात कच्‍चे शहद में सभी प्रकार के सूक्ष्म पोषक तत्व, एंजाइम्‍स और परागकण उपलब्ध होते हैं। वही दूसरी ओर इसको संसाधित करने के लिए इसको गर्म किया जाता है जिससे इन सभी पोषकतत्व व एंजाइम्स की मात्रा इसमें कम हो जाती है मगर इसको ज्यादा समय के लिए तरल रूप में रखा जा सकता है। जबकि कच्चा शहद शीघ्र ही गाढ़ा होने लगता है।

शहद को संस्कृत में मधु कहते हैं और अंग्रेजी भाषा में इसे हनी कहा जाता है। शहद का सबसे अधिक उत्पादक चीन, तुर्की, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं भारत में होता है। अगर हम शहद को किसी एयरटाइट जार में रख दें तो इसे अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

शहद के प्रकार  -Types of Honey in Hindi

वैसे तो शहद को दो प्रकार में ही बांटा गया है कच्चा शहद, और जैविक शहद। कच्चा शहद, शहद का सबसे शुद्ध रूप होता है। जो किसी भी प्रकार के रासायनिक क्रिया के बिना होता है। इसे आयुर्वेद चिकित्सा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इसमें सभी प्रकार के पोषक तत्व पाये जाते हैं।

शहद का रंग उसी प्रकार का होता है जिस जगह से यह निकाला गया है अर्थात जहां से यह प्राप्त किया हो वहां किस रंग के फूल ज्यादा होते हैं। दूसरी ओर जैविक शहद है इसमें सभी प्रकार की अशुद्धिओं को निकालने के लिए शहद को रासायनिक क्रिया से गुरना होता है जिसमें इसके पोषक तत्व प्रभावित होते हैं। फिर भी इसमें अधिकतर पोषक तत्व होते हैं जो हमारे लिए लाभदायक होत हैं।

इसके अलावा बाजार में कई प्रकार के शहद मिल जाते हैं जो निम्न हैं –

  • क्लॉवर शहद
  • लेदर वुड हनी
  • मनुका शहद
  • रोजमेरी हनी
  • ब्लूबेरी हनी
  • लैवेंडर हनी
  • बकवीट हनी

शहद के नुकसान (Side Effects of Honey in Hindi) –

शहद के फायदे तो सभी को पता होते ही हैं इसके बारे में हम आगे बात करेंगे लेकिन क्या आप जानते हैं शहद के सेवन से नुकसान भी हो सकते हैं। शहद को खाने के तरीकों व उनको किस प्रकार उपयोग करना चाहिए यह नहीं जानने पर आपको नुकसान हो सकते हैं। आगे हम शहद से होने वाले नुकसान के बारे में जानेंगे।

अधिक मात्रा में शहद का सेवन करने से होने वाले नुकसान –

सामान्य रूप से खाने में शहद का प्रयोग करने अर्थात दिन में एक या दो चम्मच का प्रयोग करना ठीक रहता है। अगर आप शहद को किसी चिकित्सा उपयोग के लिए या फिर अपनी त्वचा के लिए प्रयोग कर रहे हैं तो आपको अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसका प्रयोग करना चाहिए। अगर आप शहद की अधिक मात्रा का सेवन करते हैं तो आपको इससे होने वाले साइड इफ़ेक्ट का खतरा रहता है। इससे आपको उल्टी या मिचली आना इसके आलवा आपको डायरिया की शिकायत भी हो सकती है।

छोटे बच्चों को शहद खिलाने के नुकसान –

यह ध्यान दें की एक साल के कम उम्र के बच्चों को शहद ना खिलाएं।  एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद खिलान से उनमें बोटुलिज़्म होने का खतरा रहता है। इसका अर्थ होता है कि शिशु का शरीर विषाक्त हो सकता है। उससे उसकी मांसपेशियां कमजोर होने का खतरा रहता है औरे सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है।  अतः आपको एक वर्ष से कम के बच्चों को शहद खिलाने से बचना चाहिए। अगर फिर भी आप इसको खिलाना चाहते हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

शहद से हो सकती है एलर्जी-

अगर आपको पराग कणों से एलर्जी है, तो आपको शहद का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा भोजन में शहद की अधिक मात्रा होना आपकी एलर्जी को बढ़ा सकती है।

संवेदनशील त्वचा वाले शहद से रखें परहेज –

जिस लोेगों की त्वचा अधिक संवेदनशील है तो उन्हें सीधे तौर पर अपनी त्वचा पर शहद नहीं लगाना चाहिए। इसके लिए उन्हें शहद के साथ गुलाब जल या दूध का प्रयोग करना चाहिए। दूध के साथ शहद का मिश्रण त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। मगर आपको ध्यान देना चाहिए कि सीधे तौर पर शहद को त्वचा पर लगाने से आपको काफी नुकसान हो सकता है।

अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल वालों के लिए शहद के नुकसान –

बहुत से लोग यह सोचते हैं कि डायबिटीज के मरीज शहद का सेवन कर सकते है या नहीं? या फिर शुगर के स्थान पर शहद का प्रयोग करना डायबिटीज के रोगियों के लिए लाभदायक होता है। पर यह ध्यान देने योग्य बात है जिन लोगों का डायबिटीज नियंत्रण में रहता है उनके लिए शहद वरदान से कम नहीं है। शहद के प्रयोग से शरीर की प्रतिरोधकता बढ़ती है जिससे मधुमेय से होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है। परन्तु जिनका डायबिटिज अनियंत्रित रहता है उन्हें शहद का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आपको नुकसान हो सकता है। अतः आपको प्रयोग से पहले अपने डाक्टर से सलाह कर लेनी चाहिए।

दिल के रोगियों के लिए शहद के नुकसान –

अगर आप पहले से ही हाई ब्लड प्रेसर की दवा खा रहे हैं  तो आपको शहद के प्रयोग से पहले डाक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए। बिना डाक्टर की सलाह शहद के प्रयोग से आपको नुकसान हो सकता है। अतः आपको हाई ब्लड प्रेसर होने पर इसका प्रयोग करें।

घी के साथ शहद के नुकसान –

आयुर्वेद चिकित्सा में घी और शहद की एक समान मात्रा का प्रयोग करने से आपके स्वास्थ्य में गलत प्रभाव पड़ सकता है। आयुर्वेद विज्ञान में इसे विरूद्ध आहार की श्रेणी में रखा है। इसकी कारण से घी के साथ शहद का प्रयोग समान मात्रा में करने से बचना चाहिए।

गर्भावस्था व स्तनपान के समय शहद के नुकसान –

शहद के फायदे प्रत्येक उम्र के लोगो के लिए फायदेमंद होते हैं लेकिन अगर कोई महिला गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान अधिक मात्रा में शहद का प्रयोग करती हैं तो यह उसके लिए हानिकारण हो सकता है। फिर भी यदि आप दवा के रूप में शहद का सेवन करना चाहती हैं तो आपको डाक्टर की सलाह से इसका प्रयोग कर सकती हैं।

गर्म पानी में डालकर शहद का न करें प्रयोग –

कभी भी ज्यादा गर्म पानी अर्थात खौलते हुये पानी में शहद को नहीं मिलना चाहिए। उसे पानी के साथ उबालना नहीं चाहिए। इससे यह विरूद्ध आहार की श्रेणी में आ जाता है। इसके प्रयोग से आपको नुकसान हो सकता है। अतः हमेशा गुनगुने पानी के साथ ही शहद का प्रयोग करें।

पेट के लिए शहद के नुकसान – 

शहद के कई होने वाले नुकसानों में पेट दर्द भी शामिल है। अगर आप शहद का अधिक सेवन करते हैं तो आपको पेट में दर्द की समस्या हो सकती है। शहद में फ्रुक्टोज की अत्यधिक मात्रा पाई जाती है जो छोटी आंत की पोषक तत्वों को शरीर के लिए अवशोषित करने की क्षमता को रोक देती है। अतः शहद का एक समित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।

शहद में पाए जाने वाले वाले पोषक तत्व

शहद में खनिजों, विटामिन एवं पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। शहद में कार्बोहाइड्रेट, राइबोफ्लेविन, नायसिन, विटामिन बी-6, एमिनो एसिड, विटामिन सी के साथ ही फ्रक्टोज पाया जाता है। शहद की 21 ग्राम मात्रा या एक चम्मच मात्रा में 65 कैलोरी और 17 से 18 ग्राम ग्लूकोज होता है। शहद में फैट की मात्रा नहीं होती है।

शहद के औषधीय गुण

शहद में बहुत सी बिमारियों के इलाज की शक्ति होती है। इसमें बहुत से औषधीय गुण पाये जाते हैं। इसकी कारण से प्राचीन काल से ही आयुर्वेदाचार्य शहद का प्रयोग बिमारियों के इलाज में करते आ रहे हैं। इसके आलवा वर्तमान युग में भी शहद को इई बिमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है किन्तु इसका सबसे अधिक प्रयोग त्वचार को निखारने, इम्युनिटी को बढ़ाने, पाचन शक्ति को बढ़ाने, वजन कम करने, आदि के लिए होता है। इसके अतिरिक्त शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण पाये जाते हैं जो घाव व चोट को जल्द ठीक करने में मदद करते हैं।

शहद के फायदे  Benefits of Honey

उपर हमने शहद से होने वाले नुकसानों के बारे में जाना अब हम इससे होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं जो निम्न हैं।

1. वजन घटाने में शहद है लाभदायक —

अगर आप अपना वजन घटना चाहते हैं तो आपको शहद का प्रयोग करना चाहिए। एक शोध के अनुसार शहद में वजन घटाने के गुण पाए जाते हैं साथ ही यह वजन को बढ़ने से भी रोकता है। पर यहां यह ध्यान देना जरूरी है कि जरूरत से ज्यादा बढ़े वजन को शहद से तुरन्त ठीक नहीं किया जा सकता है, इसकी भी कुछ सीमाएं हैं। एक शोध के अनुसार बढ़े वजन को नियंत्रित करने के लिए शहद का प्रयोग दवा की तरह किया जा सकता है क्योंकि शहद में एंटीओबेसिटी गुण होता है।

2. उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेसर में फायदेमंद —

उच्च रक्तचाप का रोग एक खतरनाक बिमारी है इस समस्या के कारण कई और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इन समस्याओं को दूर करने में शहद सहायता कर सकता है। एक शोध के अनुसार शहद में क्वेरसेटिन (Quercetin) नाम का फ्लेवोनोइड होता है जो रक्तचाप की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकता है। यदि हाई ब्लड प्रेसर की समस्या अधिक रहती है तो आपको अच्छे डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।

3. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में शहद का उपयोग —

 रोग प्रतिरोधक क्षमता अर्थात शरीर का इम्यून सिस्टम, के कमजोर हो जाने से कई प्रकार के रोग होने का खतरा रहता है जैसे खांसी, सर्दी—जुखाम ऐसे ही कई और रोग। अगर आपको अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करना है तो आपको शहद का उपयोग करना चाहिए। एक रिसर्च के अनुसार शहद का सेवन एक नियंत्रित मात्रा में करने से हमारे शरीर में एंटीबॉडी का निर्माण तेज हो जाता है, जिससे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर हो जाती है।

4. कोलेस्ट्रॉल में शहद के फायदे —

अगर आपका कॉलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ जाये तो आपको हृदय से जुड़े रोग होने का खतरा रहता है और यह स्थिति अधिक खतरनाक होने पर हार्ट अटैक की स्थिति भी बना सकती है। शहद का प्रयोग इस समस्या को नियंत्रित कर सकती है। शोध में पाया गया है कि शहद के प्रयोग कोलेस्ट्रॉल, बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़ते स्तर को नियंत्रित कर कम किया जा सकता है इसके अलावा यह अच्छे कॉलेस्ट्राल को बढ़ाने में सहायता कर सकता है

5. मधुमेह की समस्या में शहद के लाभ —

अगर आपको मधुमेह जैसी बिमारी है तो शहद का सेवन करने से इससे बचा जा सकता है। एक शोध से पता चला है कि शहद में एंटीडायबिटिक और हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाये जाते हैं जो खून में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित कर मधुमेह को ठीक करने में सहायता कर सकता है। शहद डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद तो कर सकता है किन्तु फिर भी मधुमेह के मरीज को एक बार अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही शहद का प्रयोग करना चाहिए।

6. डिप्रेशन कम करने में शहद के फायदे —

शहद में एंटीडिप्रेसेंट गुण पाये जाते हैं इसकी कारण से शहद का प्रयोग तनाव या अवसाद को कम करने के लिए किया जा सकता है। शहद के प्रयोग से तनाव तो कम हो ही सकता है साथ ही यह आपकी मैमोरि को भी बढ़ाने में मदद करता है। अगर आप अक्सर तनाव या डिप्रेशन में रहते हैं तो आपको शहद का प्रयोग करनपा चाहिए लेकिन इससे पहले किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

7. घाव के लिए शहद के फायदे —

शहद का उपयोग घाव या जलने पर किया जा सकता है इससे उसक घाव व जले हुये घाव को जल्द ठीक होने में मदद मिलती है। एक शोध के अनुसार शहद न सिर्फ घाव को ठीक करता है बल्कि जले हुये घाव को भी ठीक करने में फायदेमंद है। इसमें एंटी इंफेक्शन, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट के साथ ही जल्दी से घाव भरने में मदद करने वाले वाले गुण पाए जाते हैं। शहद के गुणों के कारण त्वाचा के जलने को कुछ हद तक ठीक किया जा सकता है पर अधिक जलने या चोट लगने पर आपको किसी डॉक्टर को चेकअप करवा लेना फायदेमंद होगा।

8. एनर्जी को बूस्टर के तौर पर शहद —

शरीर में ऊर्जा को बनाए रखने के लिए शहद का सेवन करना काफी लाभदायक होता है। शहद में विभिन्न प्रकार के मिनरल्स और विटामिन होते हैं, जो ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में मदद करते हैं। शारीरिक व्यायाम के दौरान शरीर में ऊर्जा के एक निश्चित स्तर को बनाए रखने के लिए ग्लूकोज के स्थान पर शहद का उपयोग करना लाभदायक होता है।

9. हड्डियों के लिए शहद के लाभ —

अगर किसी को हड्डियों के कमजोर होने समस्या है अर्थात ऑस्टियोपोरोसिस का रोग है तो उनके लिए शहद मदद कर सकता है। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए शहद का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। क्योकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट के अलावा इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जिसके कारण फ्री रेडिकल्स की समस्या के साथ ही शरीर में आ रही सूजन को भी कम किया जा सकता है। शहद के इन्हीं गुणों के कारण ही इसका प्रयोग हड्डियों को स्वस्थ्य एवं मजबूत बनाने के लिए किया जा सकता है।

10. मुंहासों के लिए शहद के फायदे —

शरीर के घावों के संक्रमण को दूर करने के अलावा शहद डर्मेटोफाइट्स (Dermatophytes) नामक फंगल को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। डर्मेटोफाइट्स के कारण मुंहासे होते हैं और  शहद का प्रयोग कर संक्रमण फैला रहे इस बैक्टीरिया से मुक्ति मिल सकती है। जिससे मुंहासों की समस्या को छुटकारा पाया जा सके। इसका मुख्य कारण है शहद में पाए जाने वाले एंटी माइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया। इन्हीं गुणों के कारण मुंहासों जैसी बिमारी को सही करने में मदद मिल सकती है।

11. त्वचा की झुर्रियों में शहद के फायदे —

वर्तमान समय में समय से पहले ही त्वचा पर झुर्रियां आने लगी है। इससे बचने के लिए शहद एक फायदेमंद उपाय हो सकता है। शहद प्राकृतिक मॉइस्चराइजर की तरह कार्य करता है। जो त्वचा को मॉइस्चर करता है। ऐसा होने से त्वचा या चेहरे की झुर्रियां दूर तो होती ही हैं साथ ही त्वचा का टोन भी बेहतर होता है। शहद में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण आपकी त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करता है।  त्वचा को जवां बनाए रख सकते हैं। शहद का प्रयोग सिर्फ खाकर ही नहीं किया जा सकता है इसका फेशवॉश, फेशियल क्लिंजिंग स्क्रब बनाकर भी किया जा सकता है।

12. बालों के लिए शहद के फायदे — 

अगर आपके बाल रूखे और बेजान हैं तो आपके लिए शहद फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि शहद में एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाये जाते हैं। इसके आलवा इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व  और विटामिन होते हैं जो हमारे बालों को मजबूत के साथ ही स्वस्थ्य रखने में भी मदद करते हैं। शहद का प्रयोग हमारे सर में होने वाले डैंड्रफ से भी मुक्ति दिलाने में मदद करते हैं।

शहद का उपयोग कैसे करें

शहद के फायदे के बारे में तो सभी लोग जानते ही हैं लेकिन शहद के खाने का तरीके में अभी भी लोगों असमंजस में रहते हैं।

शहद का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है। आप रोज एक से दो चम्मच शहद का प्रयोग कर सकते हैं या फिर इसे दूध में मिलाकर खा सकते हैं। अगर आपको वजन कम करना है तो गुनगुने पानी के साथ इसका प्रयोग करना आपके लिए काफी लाभदायक हो सकता है।

अगर आप चाहे तो गुनगुने पानी में नींबू के साथ शहद का प्रयोग कर सके हैं। इसके अलावा आप शहद का प्रयोग त्वचा एवं बालों को सुन्दर बनाने के लिए भी कर सकते हैं।

लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखें शहद को

अगर आप शहद को लम्बे समय तक रखना चाहते हैं तो आपको इसको सही प्रकार से रखने का तरीका मालूम होना चाहिए। आगे हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि शहद को अधिक समय तक कैसे रखा जाता है —

आप शहद को लम्बे समय तक रखने के लिए हवा रहित ग्लास के जार में रख सकते हैंं।

शहद को स्टोर करने के लिए एक ऐसा स्थान जहां ज्यादा ठण्ड व ज्यादा गर्मी न हो सबसे उचित है। अर्थात ऐसा स्थान जहां आसपास के तापमान में ज्यादा अन्तर न आता हो।

शहद को धूप से दूर रखना चा​हिए। शहद को सूरज की रोशनी नुकसान पहुंचा सकती है।

शहद को फ्रिज में भी रखा जा सकता है। इससे यह कुछ समय तक तो सुरक्षित रह ही सकता  है।

शहद कहां से खरीद सकते हैं

शहद हर जगह से आसानी उपलब्ध हो सकता है। इसको किराना स्टोर के ​अलावा मेडिकल व आयुर्वेद दवा की दुकान से खरीदा जा सकता है। मगर ध्यान रहे की खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी तिथि को अवश्य देख लें। बाजार में बहुत सारे ब्रांडों में शहद उपलब्ध रहा है मगर कुछ प्रमुख ब्रांड है जो 100 प्रतिशत शुद्ध शहद होने का दावा करती हैं उसमें से कुछ निम्न हैं —

  • डाॅबर हनी
  • झंडू का प्योर हनी
  • इंडिजनस हनी
  • पतंजली हनी

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