Rosemary in Hindi | रोजमेरी के फायदे

Rosemary in Hindi — रोजमेरी किचन में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों में से एक है। यह न केवल अत्यधिक सुगंधित होती है बल्कि इसका स्वाद भी अद्भुत होता है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी है। रोजमेरी के प्रयोग से बढ़ती उम्र मे होने वाली बिमारियों से बचने में मदद मिल सकती है।

अभी तक रोजमेरी का प्रयोग सिर्फ सूप और सॉस एवं अन्य खाद्य पदार्थो में स्वाद एवं सुगन्ध लाने के ​लिए ही किया जाता रहा है। लेकिन अब इसमें कई शोध हो रहे हैं और यह लीवर, तनाव, उच्च एवं निम्न रक्तचाप एवं पित्ताशय की थैली की परेशानी में लाभकारी हो सकती है। इस लेख में हम आपको रोजमेरी से होने वाले सभी लाभों के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

रोजमेरी क्या है – What is Rosemary?

रोजमेरी भूमध्यसागरीय भाग में उगाये जाने वाला एक पौधा है जिसे गुलमेंहदी के नाम से भी जानते हैं। यह पूरे साथ होता है इस​ लिए इसे बारहमासी जड़ीबूटी भी कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम है रोजमेरिन ऑफिसिनलिस है मगर सामान्य भाषा में इसे रोजमेरी या गुलमेंहदी नाम से पुकारा जाता है।

इसक पौधा 4-5 फुट लंबा होता है। इसके फूलों का रंग नीला होता है। यह पुदीने के परिवार लैमियेसी (Lameaceae) प्रजाति का पौधा है। इसकी तासिर गर्म होती है। इसका स्वाद हल्का कड़वा और कसैला होता है। अक्सर इसका प्रयोग सूप, सॉस, रोस्ट्स और स्टफिंग आदि के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग अधिकतर इटैलियन भोजन में होता है।

रोजमेरी के पौष्टिक तत्व – Rosemary’s Nutrients

रोजमेरी में विभिन्न प्रकार के विटामिन एंव पौ​षक तत्व पाये जाते हैं। जैसे — कैल्शियम, आयर, मैग्नीशियम, कॉपर, पौटेशियम, जिंग, फोलेट, थायमितन, करनोसोल, सोडियम, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी12, विटामिन डी, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, सैलिसेलिक एसिड, एंटीआक्सीडेंट, एंटी माइक्रोबियल आदि। Rosemary in Hindi रोजमेरी कहां पाया जाता है – Where is Rosemary found

रोजमेरी की खेती किसी भी जगह पर की जा सकती है परन्तु ऐसा माना जाता है कि इसके लिए शीतोष्ण जलवायु ही उपयुक्त है। इसके खेती के लिए हल्की भुरभुरी कंकड़ वाली मिट्टी अच्छी होती है। भारत में इसका सर्वाधिक उत्पादन उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर में किया जाता है।

रोजमेरी के फायदे – Benefits of Rosemary

रोजमेरी का उपयोग करना हमारे स्वास्थ्य के बहुत लाभदायक है। इसके कुछ महत्वपूर्ण फायदों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं —

1. याददाश्त को बढ़ाने में रोजमेरी के फायदे —

छोटे बच्चों और बढ़ती उम्र के लोगों में अक्सर याददाश्त कम होने की शिकायत मिलती रहती है। परन्तु वर्तमान में तो लगभग हर किसी को इसकी परेशानी है क्योंकि हमारी लाइफ बहुत व्यस्त हो चली है जिसमें हम एक साथ कई कार्य करते हैं और अच्छी नींद भी नहीं ले पाते हैं। जिसका हमारे दिमाग में असर पढ़ता है और याददाश्त कमजोर होने लगती है।

रोजमेरी के कई फायदों में से एक है संज्ञानात्मक उत्तेजक (cognitive stimulant) के रूप में काम करना। यह याददाश्त बढ़ाने में सहायता करता है। इसके उपर अभी भी बहुत सारे शोध चल रहे हैं जो यह यह साबित करते हैं कि रोजमेरी के प्रयोग से बुजुर्गों में संज्ञानात्मक गतिविधि को उत्तेजित करने में इससे मदद मिल सकती है। इसके अलावा इसमे पाये जाने वाले मैग्नीशियम, प्रोटीन, मैंगनीज, पोटेशियम, कापर, जैसे अन्य तत्वों की मदद से अल्जाइमर (मनोभ्रंश) से बिमार व्यक्ति के लिए यह फायदेमंद होता है।

2. रोजमेरी के प्रतिरक्षा प्रणाली के लाभ

रोजमेरी पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, सूजन को कम करने वाले  एंव एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण एक प्रतिरक्षा प्रणाली का निर्माण करता है जो रोगों और बाहरी तत्वों के खिलाफ आपके शरीर की रक्षा करता है। रोजमेरी में बेहद महत्वपूर्ण एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का कार्य कर सकता है।

3. पेट के लिए रोजमेरी के फायदे —

अगर आपका अक्सर पेट खराब रहता है या कब्ज की समस्या से परेशान रहते है या फिर आपके शरीर में सूजन की समस्या है तो रोजमेरी एक प्राकृतिक उपचार के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। इसमें पाये जाने वाले सूजन को कम करने वाले गुण काफी हद तक दस्त, कब्ज, सूजन का उपचार कर सकते है। इसलिए आप रोजमेरी का सेवन एक सप्ताह में एक बार कर सकते हैं।

4. तनाव को दूर करने में रोजमेरी के लाभ —

रोजमेरी की सुगंध को मन को शांत रखने और तनाव से राहत दिलाने के लिए उपयोग किया जाता है। अरोमाथेरापी में भी रोजमेरी के तेल का प्रयोग तनाव को कम करने के लिए किया जाता है। अत: जब भी आपको तनाव या फिर चिंता का अनुभव होता है तो आप रोजमेरी के तेल का प्रयोग कर सकते हैं।

5. संक्रमण से बचान में रोजमेरी के फायदे —

हमारी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में रोजमेरी बहुत अधिक फायदेमंद है। विशेषकर रोजमेरी बैक्टीरिया से होने वाले पेट के संक्रमण के विरूद्ध अधिक फायदेमंद होती है। एच. पिलोरी नामक बैक्टीरिया बहुत अधिक रोगज़नक है जो पेट के अल्सर का कारण हो सकता है।

रोजमेरी के गुण इससे लड़ने में मदद करते है। वहीं दूसरी ओर रोजमेरी के प्रयोग से स्टेफ संक्रमण से बचा जा सकता है जिसके कारण हजारों लोगों की जान चली जाती है। अगर आपको बैक्टीरिया से होने वाले पेट या अन्य जगह के संक्रमण से बचना है जो तो आपको रोजमेरी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

रोजमेरी में शरीर की सूजन को कम करने वाले गुण पाये जाते हैं। इसमें कार्नोसोल और कार्नोसिक एसिड पाये जाते हैं जो बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट  है ये सूजन को कम करने वाले यौगिक हैं जो आपके शरीर में होने वाली सूजन को ठीक करने में मदद करता है।

ये दोनों यौगिक मांसपेशियों, जोड़ों और रक्त वाहिकाओं की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। रोजमेरी का प्रयोग करना कई प्रकार के रोगों के लिए एक प्रभावी उपचार है जैसे — हाई बीपी, गठिया एंव  सर्जरी के दौरान लगने वाली चोट आदि। अगर आपको सूजन की परेशानी है तो आपको रोजमेरी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

6. सांसों की बदबू में रोजमेरी के लाभ —

रोजमेरी में बहुत अच्छी सुगन्ध पाई जाती है जिस कारण से यह रोजमेरी एक प्राकृतिक जीवाणुरोधी एजेंट के रूप में कार्य कर सकती है। यह एक शानदार ब्रेथ फ्रेशनर के रूप में कार्य करती है। इसके प्रयोग से सांसों में होने ली बदबू से राहत मिलती है और मुंह भी स्वस्थ्स रहता है। इसके लिए आप एक एक गिलास पानी लें और इसमें रोजमेरी की पत्तियां को डालें और उसे उबाल लें। अब इस पानी से गरारे करें जिससे मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया को खत्म हो जायेगा और आपकी सांसे बदबू वाली से खुशबु वाली हो जायेंगी।

7. सिरदर्द में रोजमेरी के फायदे —

दर्द वाले स्थान में रोजमेरी के पेस्ट का उपयोग बहुत ही लाभकारी होता है। अगर आप इसे सीधे खायें तो यह एक दर्द निवारक की तरह कार्य करता है। इसक सबसे अधिक उपयोग माइग्रन के उपचार में किया जाता है। अगर आपको सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या है तो आपको रोजमेरी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। (Rosemary in hindi)

8. तत्वा के लिए रोजमेरी के फायेद —

रोजमेरी (Rosemary) को बढ़ती उम्र को रोकने के लिए काफी प्रयोग किया जाता है। अर्थात उम्र के साथ आपकी त्वचा मुरझा जाती है जिसमें वही पहले जैसी चमक लाने के लिए रोजमेरी का प्रयोग किया जाता है। रोजमेरी के पत्ते में पाये जाने गुण आंतरिक रूप से त्वचा की युवा गुणवत्ता को सुधारने में मदद करते हैं। जबकि त्वचा के गहरे रंग अर्थात कालेपन को ठीक करने के साथ ही उसकी प्राकृतिक चमक और त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में भी सहायक है।

9. सूजन के उपचार में रोजमेरी के फायदे —

रोजमेरी में शरीर की सूजन को कम करने वाले गुण पाये जाते हैं। इसमें कार्नोसोल और कार्नोसिक एसिड पाये जाते हैं जो बेहद शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट  है ये सूजन को कम करने वाले यौगिक हैं जो आपके शरीर में होने वाली सूजन को ठीक करने में मदद करता है। ये दोनों यौगिक मांसपेशियों, जोड़ों और रक्त वाहिकाओं की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। रोजमेरी का प्रयोग करना कई प्रकार के रोगों के लिए एक प्रभावी उपचार है जैसे — हाई बीपी, गठिया एंव  सर्जरी के दौरान लगने वाली चोट आदि। अगर आपको सूजन की परेशानी है तो आपको रोजमेरी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। Rosemary in Hindi

10. वजन बढ़ाने में रोजमेरी के लाभ —

अगर आपको वजन बहुत कम है और आप इसे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको रोजमेरी (Rosemary) का उपयोग अवश्य करना चाहिए यह आपके लिए लाभदायक हो सकती है।

जरूरत से अधिक वजन बढ़ना और कम होना दोनों ही हानिकारक हैं। रोजमेरी में कॉनोर्सिक एसिड, आयरन, प्रोटीन, मैग्नीशियम, कॉपर, सोडियम आदि तत्व पाए जाते हैं जो वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं।

अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो आपको इसका प्रयोग करन चाहिए।

रोजमेरी के नुकसान – Side effect of Rosemary

रोजमेरी से होने वाले फायदों (Rosemary ke Fayde in Hindi) के स्थान में इससे होने वाले नुकसान बहुत ही कम हैं फिर भी आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी होनी चाहिए इस हम इस लेख में इसके बारे में आगे बताने जा रहे हैं । Rosemary in Hindi  —

  • रोजमेरी के अत्यधिक प्रयोग से किडनी खराब होने का खतरा रहता है।
  • रोजमेरी की तासिर गर्म होती है इसकी कारण से इसका अधिक सेवन उल्टी एवं दस्त कर सकता है।
  • अगर आपको पुदिने की प्रजाती के पौधे से एलर्जी होती है तो आपको इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
  • रोजमेरी एसेंशियल आयल का सेवन नहीं करना चाहिए। परन्तु सामान्य रोजमेरी आयल का सेवन एक सीमित मात्रा में कर सकते है क्योंकि यह बहुत कम प्रभावशाली होता है। फिर भी इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।
  • अगर आपको मिर्गी की शिकायत है तो आपकेा इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह मिर्गी रोग के लिए ठीक नहीं होता है।
  • रोजमेरी में शर्करता अधिक होती है अत: मधुमेय अर्थात डायबिटीज के मरीजों को इसके सेवन से बचना चाहिए।

हमने आपको उपर लेख में रोजमेरी से जुड़ी जानकारी देने की कोशिश की है। हम आशा करते हैं की यह जानकारी आपके काम आएगी। अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी तो इसको लाइन और अपने दोस्तों के बीच शेयर अवश्य करें।

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