तुरई के फायदे और नुकसान | Ridge Gourd Benefits in Hindi

तुरई के फायदे और नुकसान –हमें अगर सेहतमंद रहना है तो हरी सब्जियों को सेवन करना चाहिए ऐसा डॉक्टर कहते रहते हैं। मगर यह सच भी है क्योंकि इनसे हमें वह सब तत्व मिलते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होते हैं। हरी सब्जियों में से एक ​सब्जी है तुरई (Ridge Gourd)। यह बहुत ही स्वादिष्ट एवं पौष्टिक स​ब्जी है पर बहुत से लोग इसको खाना पसंद नहीं करते। यह सब्जी बेल नुमा पौधा में होती है इस बेल का सिर्फ फल ही नहीं बल्कि जड़ एवं पत्ते भी हमारे लिए फायदेमंद होते हैं।

आप सोच रहे होंगे की फल तक तो ठीक है पर इसकी जड़ और पत्ते हमारे लिए कैसे फायदेमंद होंगे। तो इस लेख में आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं कि यह आपके लिए कैसे फायदेमंद हो सकती है। इस लेख में हम जानेंगे की तुरई क्या है, तुरई के फायदे, तुरई में पाये जाने वाले पोषक तत्व, तुरई के नुकसान, Ridge Gourd Benefits। तो आइये शुरू करते हैं इस लेख को —  Turai Benefits in Hindi

Table of Contents

तुरई क्या है — What is Turai?

तुरई (Turai) गहरे हरे रंग की सब्जी होती है जो एक बेलनुमा पौधे पर लगती है।  यह बरसात के मौसम में होने वाली सब्जी है। इसके पौधे पर पीले रंग के फूल आते हैं उसके पश्चात उसमें फल लगता है जो बेलन के आकार में बढ़ते हुये तुरई का रूप ले लेता है। इस सब्जी के अन्दर सफेद गूदा होता है जिसमें सफेद बीज ही होते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम लफ़ा एक्यूटांगुला (Luffa acutangula) होता है। यह भारत में बहुत ही लोकप्रिय सब्जी है। इसको भारत में अलग—अलग नाम से जाना जाता है जैसे तुराई, तोरी, तुराई, झिंग्गी आदि।

तुरई के पोषक तत्व – Ridge Gourd Nutritional Value

तुरई में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व पाये जो है हमारे लिए फायदेमंद हैं। उनमें से कुछ निम्न हैं —

पोषक तत्व          

  • जल       
  • प्रोटीन   
  • कुल फैट               
  • कार्बोहाइड्रेट         
  • फाइबर  
  • शुगर      
  • कैल्शियम            
  • आयरन 
  • मैग्नीशियम
  • फास्फोरस           
  • पोटेशियम           
  • सोडियम               
  • जिंक     
  • कॉपर    
  • मैंगनीज               
  • सेलेनियम            
  • विटामिन सी
  • विटामिन बी -6
  • विटामिन ए
  • विटामिन ई
  • विटामिन के                        
  • थियामिन            
  • राइबोफ्लेविन
  • नियासिन
  • पैंटोथेनिक एसिड
  • फोलेट

तुरई के फायदे – Benefits of Ridge Gourd in Hindi

1. डायबिटीज में तुरई के फायदे

यदि आप डायबिटीज की बिमारी से परेशान हैं तो आपके लिए तुरई बहुत ही लाभकारी है। प्रचीन समय से ही तुरई को डायबिटीज को कम करने के लिए उपयोग किया जाता रहा है। एक शोध से पता चला है कि तुरई के रस में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने वाला हाइपोग्लाइमिक गुण होता है। इसके कारण ही तुरई डायबिटीज को कम करने के लिए फायदेमंद मानी जाती है। पर ध्यान रहे की तुरई किसी भी तरह से डायबिटीज के लिए उपचार नहीं है यह तो सिर्फ उसको नियंत्रित करने में सहायता कर सकती है। अत: यदि आपको डायबिटीज है तो अपको इसके सम्पूर्ण उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

2. अल्सर के लिए तुरई के लाभ

तुरई को कई रोगों के साथ ही पेट में होने वाले अल्सर अर्थात ग्रेस्ट्रिक अल्सर के उपचार के लिए फायदेमंद माना जाता है। तुरई में पाया जाने वाला गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव गुण कुछ सीमा तक अल्सर असर को कम करने में सहायता करता है। यह गुण तुरई के सूखे गूदे के अर्क के मेथोनॉलिक साथ ही उसमें मिले पानी के अर्क में भी पाया जाता है। यह गुण पेट की झिल्ली (गैस्ट्रिक म्यूकोसा) में पाये जाने वाले म्यूकोसल ग्लाइको प्रोटीन के स्तर को नियंत्रित करने में करती है जिससे की पेट के अल्सर को नियंत्रित किया जा सकता है। पर यह पूरी तरह से ठीक नहीं होता बल्कि कुछ हद तक कम होता है। अत: आपको इसके सम्पूर्ण उपचार के लिए चिकित्सक के पास अवश्य जाना चाहिए। 

3. तुरई में पाया जाने वला एंटीइंफ्लामेटरी गुण

एंटी-इंफ्लामेटरी गुण तुरई के सूखे पत्तों से बने इथेनॉल अर्क में होता है। इसके प्रभाव से एडिमा अर्थात  शरीर के ऊतकों में तरल पदार्थ के जमा होने के कारण होने वाली सूजन एवं ग्रेन्युलोमा (इंफ्लामेशन) लक्षण को कम करने में मदद मिलती है। इसी कारण से यह कह सकते हैं कि तुरई एंटी-इंफ्लामेटरी की तरह कार्य करती है।

4. पीलिया में तुरई के फायदे

पीलिया से ग्रसित रोगी के लिए तुरई बहुत ही लाभदायक होती है। पीलिया के रोग होने का मुख्य कारण शरीर में सिरम बिलीरुबिन नामक कंपाउंड के अधिक मात्रा में बढ़ जाने के कारण होता है। पूरी दूनिया में इसके उपचार के एिल तुरई के तने, पत्तियों एवं बीज को कुचलकर रोगी को इसकी खुशबु को सुंघाया जाता है जिससे रोगी को लाभ होता है। आप पीलिया के उपचार के लिए तुरई और उसके पत्ते को पीसकर बने  पाउडर का भी प्रयोग कर सकते हैं। क्योंकि इस पाउडर में हेपेटोप्रोटेक्टिव प्रभाव होता है। यह  प्रभाव लिवर को होने वाली क्षति से बचाता है। यह प्रभाव शरीर में पीलिया को बढ़़ाने वाले सिरम बिलीरुबिन (Serum bilirubin) की मात्रा केा कम करने में मदद करता है जिससे की पीलिया से पूरी तरह से बचा जा सके।

5. तुरई में पाया जाने वाले एंटीकैंसर गुण

कैंसर एक खतरनाक बिमारी है और इसका उपचार बहुत ही कठिन है एवं डॉक्टर की सहायता की किया जाता है। यह आपको कैंसर से बचने में मदद कर सकता है परन्तु ध्यान रहे कि यह पूरी तरह से कैंसर का उपचार नहीं है यह तो सिर्फ उसका बचाव है। अगर आपकेा कैंसर के लक्षण दिखने लगे तो आपको तुरन्त डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए। क्योंकि तुरई में पाया जाने वाला मेथानॉलिक एंव पानी के मिश्रण से बना अर्क ट्यूमर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। अभी कैंसर में तुरई के किस प्रकार लाभ होंगे इकसके बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। मगर ध्यान रहे आपको इसके उपचार के लिए डॉक्टर असे सलाह अवश्य करनी चाहिए।

6. सिरदर्द में तुरई के फायदे

यदि आपको अक्सर सिरदर्द होता है तो आपके लिए तुरई बिल्कु सही चीज है। इसके सेवन से आप सिरदर्द से छुटकारा पा सकते हें। एक शोध के अनुसार इसके के पत्तों और इसके बीज में पाया जाने वाला एथनॉलिक अर्क दद्र को कम करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त इसमें एनाल्जेसिक और एंटीइंफ्लामेटरी गुण भी होता है जो सिरदर्द एवं अन्य दर्द में राहत पहुंचाने का काम करता है।

तुरई का उपयोग – How to Use Ridge Gourd

उपर के लेख में आपने तुरई के फायदों को जाना अब उसको कैसे उपयोग किया जा सकता है इसके बारे में बताने जा रहे हैं तो देखते हैं तुरई को उपयोग करने करने के कुछ तरीके —

  • आप तुरई की सब्जी बनाकर दिन या रात को खा सकते हैं।
  • आप तुरई के फुल के पकौड़े बनाकर खा सकते हैं।
  • इतना ही नहीं आप तुरई के सूखे पत्तों के पाउडर को भी खा सकते हो।
  • आप तुरई का अचार बनाकर खा सकते हो।
  • तुरई को सूप या कढ़ी में भी प्रयोग किया जा सकता है।

तुरई के नुकसान – Side Effects of Ridge Gourd

वैसे तो तुरई के नुकसान ना के बराबर हैं, तुराई से होने वाले फायदो की तुलना में। तुरई में होने वाले शोध इंसानों के बजाय चूहों पर हुये हैं। इसकी वजह से इसके फायदे हमारे एिल बहुत ही क्लियर नहीं है। आपकेा तुरई के प्रयोग से कुछ नुकसान हो सके हैं ‘

  • यदि आप गर्भवर्ती हैं तो अपको तुरई से बनी चाय का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें गर्भपात (Abortifacient) करने का प्रभाव पाया जाता है। अत: आपको तुरई के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
  • यदि आपको तुरई की प्रचाजी से एलर्जी है तो आपको इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार से तुरई तो आपके लिए फायदेमंद है मगर कुछ मामलों में यह गर्भवती महिलाओ के लिए फायेदमंद है।

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