रागी खाने के फायदे व नुकसान – Ragi (Finger Millet) Benefits & Side Effects in Hindi

Ragi Benefits & Side Effects in Hindi – वर्तमान समय में हमारी जीवनशैली ऐसी हो चली है कि हमें कई प्रकार की बीमारियों ने चारों ओर से घेर कर रखा है और इनके लिए रोज कई प्रकार की दवाईयों को लेते—लेते थक चुके हैं और इसमें हमारी अच्छी खासी सेविंग भी चली जाती है।

रागी (Ragi) हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है यह दिखने में ​हुबहु सरसों की तरह लगती है। इसे अंग्रेजी में Finger Millets और हिन्दीं में या हमारे देश भारत में नाचनी बोला जाता है।

रागी की खेती मुख्यत: अफ्रीका और एशिया में की जाती है। रागी या नाचनी मुख्यत: एक खाने योग्य मोटा अनाज है जो कई प्रकार के पोषक तत्वों व ऊर्जा प्राप्त करने वाले तत्वों से युक्त है।

रागी से होने वाले फायदों की लिस्ट लम्बी चौड़ी है। रागी में अन्य अनाजों से अधिक मात्रा में पोषक तत्व पाये जाते हैं (Ragi Benefits Hindi) तथा अनाजों की श्रेणी में इसका एक अन्य भी स्थान है।

हम इससे होने वाले फायदों को जान व समझ कर इसका सेवन किए बगैर नहीं रह सकते।

रागी में अमीनो अम्ल मेथोनाइन उच्च मात्रा में पाया जाता है जो स्टार्च वाले अनाजों व भोज्य पदार्थो में नहीं पाया जाता है।

रागी को खाने के कई उपाय है जैसे रागी का आटा, साबुत रागी, अन्य अनाजों के आटे के साथ मिश्रण कर भी इसका सेवन किया जाता है।

रागी के गुणों को देखते हुए हमें इसको अपने प्रति दिन के आहार में शामिल कर लेना चाहिए। रागी में 6.7 प्रतिशत तक उच्च गुणों वाला प्रोटीन पाया जाता है।

इसका प्रयोग आजकल बहुराष्ट्रीय कम्पनी बच्चों के आहार बनाने के लिए करती हैं। रागी अपने गुणों के कारण शिशुओं के लिए बहुत ही लाभदायक है।

रागी को सुखाकर इसे पीस कर इसका आटा तैयार किया जाता है। इसमें उच्च मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।

और यह मशीनों द्वारा पॉलिश होने के लिए बहुत ही छोटा होता है इसलिए इसको शुद्ध रूप में ही खाया जाता है। रागी को एक मोटा अनाज होने के बावजूद अपने उच्च पोषण के कारण अन्य खाद्यान्नों की श्रेणी में उच्च स्थान पर रखा जाता है।

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रागी में पाए जाने वाले पोषक तत्व – Ragi Nutritional value in Hindi

रागी या नाचनी प्रोटीन और फाइबर के अलावा कई प्रकार के लाभदायक पोषक तत्वों से युक्त है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, फॉस्टोरस, मैग्नीशियम  और लौह तत्व अर्थात आयरन भी उच्च मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा अन्य कई प्रकार के महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी इसमें उपलब्ध हैं।

  • 100 ग्राम रागी में लगभग 335 कैलोरी ऊर्जा होती है।
  • रागी में लगभग 5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक प्रोटीन,
  • 1 प्रतिशत से – 2 प्रतिशत ईथर के अर्क,
  • 64 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक कार्बोहाइड्रेट,
  • 14 प्रतिशत  से 20 प्रतिशत तक आहार फाइबर और
  • 2.4 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत तक खनिज पाये जाते हैं।

रागी में कैल्शियम की मात्रा (344mg%) और पोटेशियम की मात्रा (408mg%) की सबसे अधिक मात्रा होती है। एवं रागी में वसा की कम मात्रा पाई जाती है जो (1.3%) तक ही होती है।

रागी खाने के फायदे – Ragi khane ke fayde in hindi

कुछ लोग रागी को भीगो कर अंकुरित कर भी खाते हैं और कुछ इसका आटा पीस कर खाते हैं। कम हिमोग्लोबिन और खून की कमी वाले लोगों के लिए यह लाभदायक होता है। उच्च मात्रा में युक्त फाइबर व आयरन युक्त रागी का भोजन करने कई प्रकार के लाभ होते हैं आइयें इनके बारे में हम आगे जानते हैं।

रागी खाने के फायदे वजन घटाने में – Ragi for weight loss in Hindi

मोटापे से आज के समय में कौन परेशान नहीं है। खाने में अनियमित्ता और जंग फूड का भोजन हमारे वजन को अनियंत्रित रूप से बढ़ाता जा रहा है।

इससे निजात पाने के लिए हम कई प्रकार के तरीकों का प्रयोग करते है। हमें वजन कम करने के लिए कम वसा वाले भोजन की तलाश तो रहती है ऐसे में रागी हमारे लिए फायदेमंद हो सकती है क्योंकि इसमें अन्य अनाजों के मुकाबले कम मात्रा में वसा पायी जाती है।

रागी को हम दलिये या रोटी बनाकर भी प्रयोग कर सकते हैं। भूख को कम करने के लिए इसमें ट्रिप्टोफन (tryptophan) नामक एमिनो एसिड पाया जाता है। जिससे हमें भूख का अहसान नहीं हो पाता है।

और हमारा वजन बढ़ने से रूक जाता है। इसका सबसे अच्छा उपयोग सुबह के समय नाश्ते के रूप में किया जाना चाहिए जिससे हमें इसको खाकर दिनभर भूख का अहसास नहीं होगा। और हमारा वजन भी नियंत्रित रहेगा।

रागी को खाकर दिनभर भूख न लगने का कारण इसमें पाया जाने वाली उच्च मात्रा में फाइबर एवं प्रोटीन की मात्रा है जो लम्बे समय तक हमारे पेट को भरा रखती है। और जल्दी—जल्दी भूख लगने आदत से छुटकारा देती है।

रागी के फायदे हड्डियों के विकास में मददगार – Ragi benefits in development of bones in Hindi

बढ़ती उम्र में तो हड्डियों के कमजोर होने की समस्या उत्पन्न होती ही है लेकिन वर्तमान युग में तो बच्चों में भी हड्डियों के कमजोर होने की समस्या होने लगी है।

इसका मुख्य कारण है इनमें कैल्शियम की कमी होना। वर्तमान समय में अपने रोजमर्रा के भोजन में कैल्शियम की अनदेखी करने का परिणाम ही है कि उम्र से पहले ही हमारी हड्डियां कमजोर होने लगी है।

इसके लिए हम कई प्रकार की अंग्रेजी दवाओं का प्रयोग तो करते हैं लेकिन हमारे आयुर्वेद व हमारे किचन में ही कई ऐसे तत्व होते हैं जो हमारे शरीर में होने वाली कैल्शियम की कमी को पूरा कर सकते हैं।

ऐसा ही एक अनाज है रागी इसमें कैल्शियम की अति उपलब्धता होती है जो किसी और अनाज में नहीं पायी जाती है।

बढ़ते बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही हर एक की थाली में रागी से बने दलिया या अन्य प्रकार के भोजन का होना जरूरी है जिससे हमें कैल्शियम की कमी न हो और हमारी हड्डियां मजबूत हो।

रागी के लाभ मधुमेह की बीमारी में – Ragi Benefits for diabetes in Hindi

इस दौड़—धूप वाली जिन्दगी में हर कोई किसी न किसी बिमारी से ग्रसित तो रहता ही है मगर एक आम बिमारी जो हमें अन्दर से खोकला कर देती है वह है मधुमेय अर्थात डायबिटीज।

अगर हमें एक बार मधुमेय की बिमारी लग गयी तो यह पूरी तरह से ठीक नहीं होती बस इसका जीवन पर्यन्त ईलाज चलता ही जाता है।

हम डायबिटीज की बिमारी से बचने व इसका कम करने के लिए रागी का प्रयोग कर सकते हैं।

रागी में मौजूद पॉलीफेनोल और फाइबर की उच्च मात्रा से साथ ही कई प्रकार के तत्व पाये जाते हैं जो हमारे शरीर के शुगर लेवन को नियंत्रित रखते हैं।

इसका नियमित तौर पर सेवन करने से हमारे शरीर का शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।

रागी का बीज में चावल, मक्का और गेहूं की तुलना में पॉलीफेनोल नाम पदार्थ व फाइबर उच्च मात्रा में पाया जाता है।

यह हमारे भोजन के पचने की गति को कम करता है जिससे यह हमारे शरीर में शूगर की मात्रा को नियंत्रित करता है।

अत: हमें अपने पूरे दिन को नियंत्रित रखने के लिए रगी को अपने सुबह के भोजन में उपयोग करना चाहिए।

रागी के लाभ कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक – Ragi Benefits to reduce cholesterol in Hindi

कोलेस्ट्रोल का बढ़ाना एक सामान्य बिमारी नहीं है। इसके बढ़ने से हमारे लिवर को तो छती होती ही है साथ ही हृदय की बिमारियां होने का खतरा भी सबसे ज्यादा होता है।

हमारी ध​मनियों में ब्लाकेज कोलेस्ट्रोल के बढ़ने से ही होता है। अत: इसका हमारी शरीर में अधिक मात्रा में बढ़ने से पहले ही इसकी रोकथाम कर लेनी चाहिए।

इसके लिए हम रागी में भरोसा कर सकते हैं इसके सेवन से कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है।

इसमें पाया जाने वाले एमिनो एसिड (amino acid)  लिवर (liver) से अतिरिक्त मात्रा में जमा वसा को निकाल देता है और हमारी शरीर से कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है।

साथ ही इसमें थ्रेओनीन नामक एमिनो एसिड (threonine amino acid) भी पाया जाता है जो हमारे लिवर में वसा की अधिक मात्रा को इकठ्ठा नहीं होने देता है और हमारे शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को नियंत्रित रखता है।

और हमारे लिवर और हृदय को सुरक्षित रखता है। अत: हमें नियमित तौर पर रागी का इस्तेमाल अपने भोजन में करना चाहिए।

रागी से कैल्शियम की कमी पूरा करे – Ragi Se Calcium ki kami ko pura kare

सर्वोत्तम गैर डेयरी उत्पादों में कैल्शियम के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण अनाज अगर कोई है तो तो वह है रागी। रागी के आटे में अन्य सभी अनाजों के आटे की तुलना में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार, 100 ग्राम रागी में लगभग 345 मिलीग्राम तक का कैल्शियम पाया जाता है।

कैल्शियम हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखे के साथ ही हमारी हड्डियों व दांतों के लिए अति आवश्यक है। अत: रागी में मौजूद उच्च मात्रा का कैल्शियम बढ़ते बच्चों व बजुर्गो के लिए आवश्यक है।

रागी खाने के फायदे एनीमिया दूर करने के लिए – Ragi Benefits for anemia in Hindi

एनियामि अर्थात शरीर में रक्त की कमी हो जाना। इसका मुख्य कारण है शरीर में लौह तत्व की कमी होना। रागी में उच्च मात्रा में आयरन पाया जाता है। मगर इसको अंकुरित करके खाने से ज्यादा फायदा होता है।

इसका मुख्य कारण है कि अंकुरित रागी में विटामिन ‘सी’ का स्तर अधिक हो जाता है।

जिससे इसका सेवन करने वाले में आयरन को अवशोषण करने की क्षमता अधिक हो जाती है और शरीर में रक्त की कमी नहीं होने पाती है। और एनीमिया जैसी बिमारियों से छूटकारा मिल जाता है।

शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम होना एवं एनीमिया का रोगियों के लिए रागी एक वरदान से कम नहीं है इसका नियमित तौर पर सेवन करने से हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर अपने सही लेबल में आ जाता है और एनीमिया के रोग से भी छुटकारा मिल जाता है।

रागी से त्वचा को रखें जवां – Keep skin healthy by eating ragi in Hindi

हर कोई जवान और स्वस्थ रहना चाहता है। अपने त्वचा को चमकदार बनाने के लिए हम क्या नहीं करते हैं।

इसके लिए हमें अपने भोजन में रागी का उपयोग करना चाहिए। रागी में लाइसिन एवं मे​थियोनीन एमिनो ​एसिड पाया जाता है जो त्वचा को जवान रखता है और झुर्रियों को होने नहीं देता है।

रागी में विटामिन ‘डी’ की प्रचूर मात्रा पायी जाती है जो कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने में मदद करता है। साथ ही हमारी त्वचा को चमकदार बनाये रखता है।

रागी का दलिया शिशुओं के लिए है उपयोगी – Ragi porridge is useful for infants in Hindi

ऐसी धारणा है कि रागी हमारी पाचन शक्ति को बढ़ाता है। जब बच्चों को अनाज के सम्पर्क में लाते हैं या मां के दूध से उनको छुड़वाते हैं तो उनको रागी के पावडर से बनी चीजों को खिलाया जाता है जो मां के दूध की कमी को पूरा करता है।

यही नहीं दक्षिण भारत में तो इसका उपयोग बहुत अधिक रूप में किया जाता हैं बच्चे के जन्म के बाद उसके नामकरण के दिन लगभग 28 दिनों बाद उसे रागी से बने दलिये का भोग लगाया जाता है।

ऐसी भावना है कि रागी अच्छी पाचन शक्ति को जन्म देता है और इसमें मौजूद आयरन, कैल्शियम शिशु के शारीरिक विकास के लिए सहायक होता है।

उच्च रक्त चाप रोकने में रागी के फायदे Ragi for high blood pressure in Hindi

रागी को उपयोग हम उच्चरक्त चाप को रोकने के लिए भी कर सकते हैं। रागी जब प्रारंभिक अवस्था में होता है अर्थात हरे रंग का होता है तो इसका उपयोग उच्च रक्त चाप को रोकने के लिए कर सकते हैं।

इससे खून में जमा अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को कम किया जा सकता है। और रक्त वाहिकाओं में होने वाली रूकावट को भी रोका जा सकता है। जिससे उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक का खतरा भी खत्म हो जाता है।

रागी के नुकसान – Ragi (Finger Millet) side effects in Hindi

रागी से होने वाले फायदे (Ragi Benefits hindi) बहुत सारे हैं। यह हमारे लिए एक महत्वपूर्ण पोषक आहार है जिससे हमें लाभ होता है और हमारा शरीर बहुत सी बिमारियों से सुरक्षित रहता है।

किन्तु किसी भी चीज की अति ठीक नहीं होती इसी तरह इसका का भी अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।

इसके अत्यधिक सेवन से कुछ परेशानियां हो सकती हैं। और किडनी और पथरी के मरीजो को इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से उनकी बिमारी के अधिक बढ़ने का खतरा रहता है।

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