दिल की बिमारी में पीपल के पत्ते के फायदे-Benefits of Peepal Leaf for Heart

आयुर्वेद हमारी हर प्रकार की समस्या का समाधान प्रकृति के द्वारा ही करता है। हमारे आस—पास में ही कई प्रकार की औषधियां होती हैं जिनके बारे में हमें कोई ज्ञान नहीं होता है उनमें से एक है पीपल के पत्ते।

सम्पूर्ण संसार पीपल के वृक्ष व उसके पत्तों से होने वाले लाभों के बारे में जानता है। आयुर्वेद में कई बिमारियों के लिए पीपल को रामबाण दवा के रूप में उपयोग किया जाता है।

जिसमें से मुख्य है दिल की बिमारी अर्थात हार्ट अटैक। पीपल के पत्तों का आकार दिल के आकार का होता है। इसके अन्दर हृदय से जुड़ी हुई समस्त समस्याओं का समाधान छुपा हुआ है।

विशेषकर पीपल की ​पत्तियों के प्रयोग से 90 प्रतिशत तक हृदय के ब्लाकेज (Blockage) समाप्त हो जाते हैं।

हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को पूज्यनीय माना जाता है व इसकी पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि पीपल में के पेड़ में देवताओं की तरह ही कई प्रकार के गुण पाये जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं।

इतना ही नहीं पृथ्वी में मिलने वाले सम्पूर्ण पेड़ों में पीपल का पेड़ ही एक पेड़ है जो ऑक्सिजन को साफ करने वाला अहम वृक्ष माना जाता है। यह पूरे दिन अर्थात पूरे 24 घंटे हमें ऑक्सिजन देता है जबकि शेष वृक्ष रात के समय कार्बन डाईऑक्साइड छोड़ते हैं।

इसी कारण इसे जीवनदायनी वृक्ष भी कहा जाता है। इसका सम्पूर्ण भाग अर्थात तना, जड़, छाल, बीज एवं पत्तियां किसी न किसी तरह उपयोग में लाया जाता है। विशेषकर इसकी पत्तियों का उपयोग हृदय से सम्बन्धित बिमारियों के किया जाता है।

पीपल के पत्तों से हमें कई स्वास्थ्य लाभ होत हैं इसका कारण है इसमें पाये जाने वाले पोषक तत्व व पदार्थ जैसे टैनिक एसिड, एस्पार्टिक एसिड, फ्लैवोनोइड्स, स्टेरॉयड, विटामिन, मेथियोनीन, ग्लिसिन इत्यादि में परिपूर्ण होता है।

पीपल के पत्‍तों में ग्‍लूकोज, फेनोलिक, मेनोस आदि पोषक तत्वों के साथ ही सकी छाल में विटामिन K और फाइटोस्‍टेरोलिन (phaetosteroline) की मात्रा पाई जाती है।

इनमें उच्च मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट व खनिज पदार्थ भी पाये जाते हैं। भी होते है। इसी कारण से पीपल के पेड़ को औषधी से युक्त पेड़ कहा जाता है।

आइये इस लेख में हम पीपल के पत्तों से हमारे हृदय के लिए होने वाले सम्पूर्ण लाभों के बारे में जानते हैं।

पीपल के पत्ते के फायदे दिल के रोगों के लिए – Benefits of Peepal Leaf for Heart

अगर आप दिल की बिमारी से परेशान हैं या आपको ब्लड प्रेसर की तकलीफ रहती है तो आपको पीपल के पत्तों का प्रयोग करना चाहिए। क्योंकि पीपल के पत्तों में एंटी-ऑक्सिडेंट गुण पाये जाते हैं।

Heart blockage ka desi ilaj-यह हमारे दिल के लिए बहुत अच्छा होता है। यह दिल की धड़कन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, और धमनियों में ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक तरह से करता है। पीपल की पत्तियां वास्तव में हार्ट ब्लॉकेज का देसी इलाज हैं।

दिल की बिमारी के लिए पीपल के पत्तों से दवा बनाने की विधि हम आपको बताने जा रहे हैं।

दवा तैयार करने की विधि

इसके लिए आपको पीपल की 15 ताज़ा हरी पत्तियों को लेकर 1 गिलास पानी में अच्छी तरह से उबला लेना चाहिए। इस पानी को तब तक उबालना चाहिए जब तक यह पानी तिहाई न रह जाय। अब इस उबले पानी को छानकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। यह तैयार काढ़ा आपकी तैयार दवा है।

दवा का प्रयोग कैसे करें —

पीपल के पत्ते में दिल को मजबुती देने की क्षमता होती है। पीपल के तैयार काढ़े को तीन हिस्सों में बांट लेना चाहिए अर्थात इसकी तीन खुराक बनानी चाहिए।

इस काढ़े को दिन में हर तीन घण्टे में लेना चाहिए अर्थात अगर हम सुबह 8 बजे इस दवा को लेते हैं तो उसके पश्चात 11 व फिर 2 बजे लेनी पड़ेगी। यह ध्यान रखें की यह दवा लेने से पहले आपका पेट खाली न हो।

दवा लेने से पहले आपको हल्का नाश्ता करना चाहिए तथा इसके पश्चात ही दवा का सेवन करना ठीक रहता है। अगर आप इस दवा का प्रयोग कर रहे हैं तो उस अन्तराल में आपको चावल, मांस, मछली, अंडे, तली चीजें, शराब व धूम्रपान का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

इन सबके सेवन से दवा का अवसर कम हो सकता है। पीपल के पत्तों से बनी दवा का प्रयोग नियमित रूप से करने से हार्ट अटैक और हार्ट ब्लॉकेज की सम्भावना काफी हद तक कम हो सकती है।

इन सबके अलावा भी ​पीपल के पत्तों के कई अन्य लाभ भी हैं जिनका हम यहां संक्षिप्त विवरण देना जरूरी समझते हैं यह जानकारी आपके लिए भी फायदेमंद शाबित होगी। तो आइये पीपल के पत्तों के और फायदों के बारे में जानते हैं।

पीपल के अन्य फायदे – Peepal ke Fayde in Hindi

पीपल के पत्तों का उपयोग खाँसी जुखाम को दूर करने में —

बदलते मौसम के कारण सर्दी, खाँसी और जुखाम अक्सर हो जाता है। इसको दूर करने में पीपल के पत्तों का प्रयोग किया जा सकता है।

इसके लिए पीपल के 5 हरे पत्तों को दूध के साथ अच्छी तरह से उबाल लेना चाहिए। उसके पश्चात उसमें चीनी को मिलाकर सुबह व शाम को पीने से सर्दी, जुखाम और खाँसी में आराम मिलता है।

नजला जुखाम होने की दशा में भी पीपल के पत्तों का उपयोग किया जाता हैं इसके लिए सूखे हुए पीपल के पत्तों का चूर्ण बना कर गुनगुने पानी व मिश्री के साथ पीना चाहिए इससे आपको नजला जुखाम में आराम मिलेगा।

पीपल की जड़ के फायदे त्वचा के लिए —

प्रदूषण व धूल की वजह से हमारी त्वचा को नुकसान होता है। इस कारण उसमें झाइयाँ भी पड़ जाती हैं। इतना ही नहीं झाइयां होने का एक कारण बढ़ती उम्र भी है।

इनको ठीक करने में पीपल का पेड़ सहायता कर सकता है। इसके लिए पीपल की जड़ को पानी में भिगोकर लेना चाहिए जब वह भीग जाये तो उसे अच्छी तरह से पीस लें। अब इस तैयार पेस्ट को नियमित रूप से अपने चेहरे में लगाएं।

ऐसा करने से आपकी झाइयां समाप्त हो जाएगी और आपका रंग भी साफ हो जायेगा।

पीपल के पत्तों फायदे मधुमेह में –

अगर आप मुधमेह अर्थात शुगर की बिमारी से ग्रसित हैं तो आपाको तीन पीपल के पत्ते, तीन अमरूद के पत्ते और तीन आम के पत्तों को लेकर इन्हें अच्छी तरह से पीस कर एक पेस्ट बना लेना चाहिए।

इस तैयार पेस्ट को रोज सुबह लेना आपके लिए फायदेमंद होता है। यह पेस्ट आपके शरीर में खून में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे आपका शुगर लेवल को कन्ट्रोल करने में सहायता करता है।

पीपल के वृक्ष के फायेद दमा में —

दमे के रोगियो के लिए पीपल का वृक्ष अत्यन्त लाभकारी होता है। इसके लिए पीपल के तने की छाल के भीतर के भाग को अलग कर सुखा लेना चाहिए।

अब इसके सूखने के बाद इसको पीस कर बिल्कुल बारीक चूण बना कर इसका पानी के साथ सेवन करना दमा के रोगियों के लिए लाभदायक होता है।

पीपल के फायदे बांझपन व नपुंसकता में –

अगर किसी को बांझपन व नपुंसकता की परेशानी होती है तो उसके लिए पीपल का वृक्ष बहुत ही लाभदायक है। पीपल के फलों का चूर्ण बांझपन को दूर करने में सहायक होता है।

इसके साथ ही पीपल के पेड़ की जड़ और जट पुरुषात्व प्रदान करने वाली होती है। इसके प्रयोग से पुरुषों में पैदा होने वाली नपुंसकता को दूर किया जा सकता है। ‘

पीलिया में पीपल के पत्ते के लाभ —

पीलिया होने पर पीपल के 3 से 4 पत्तों का रस निकाल कर मिश्री के साथ मिलाकर दिन में तीन से चार बारे लेने से पीलिया में लाभ होता है।

पीपल के पेट की समस्याओं के लिए फायदे –

अनियमित ख़ान-पान के कारण से पेट से जुड़ी कई बिमारियां उत्पन्न हो जाती हैं। जैसे कब्ज, दस्त, गैस व पेट दर्द। इन सभी परेशानियों को मिटाने के लिए पीपल की पत्तियाँ मदद कर सकती हैं।

इसके लिए पीपल की हरी व ताजा पत्तियों को कूटकर इनका रस निकाल लेना चाहिए व इस रस का रोज दिन में दो बार सुबह व शाम को सेवन करना चाहिए।

पेट की समस्याओं के लिए यह उपाय फायदेमंद होता है इसके नियमित प्रयोग से पेट से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो जाता है। इसके आलवा इससे वात रोग में भी लाभ होता है।

पीपल की छाल का साँस की बिमारी फायदा —

साँस की बिमारी के ईलाज के लिए पीपल के पेड़ का प्रयोग करना फायदेमंद होता है। इसके लिए पीपल के पेड़ की छाल के भीतरी भाग को सुखाकर उसका चूर्ण बना लेना चाहिए। तथा पानी के साथ इसका सेवन करने से साँस से संबंधित बिमारियों से छुटकारा मिल सकता है।

Leave a Comment

close
Copy link
Powered by Social Snap