पतंजलि तुलसी घनवटी के फायदे | Patanjali Tulsi Ghan Vati in Hindi

पतंजलि तुलसी घनवटी के फायदे — Patanjali Tulsi Ghan Vati एक आयुर्वेदिक दवा है। इसका प्रयोग मुख्य प्रकार से खांसी के उपचार में किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसमें तुलसी के तत्व होने के कारण यह कफ, वात दोष के उपचार में, भूख बढ़ाने में, पाचन शक्ति को ठीक करने और खून को शुद्ध करने में मदद करती है। Patanjali Tulsi Ghan Vati में पाये जाने वाला मुख्य घटक हैं तुलसी । इसकी खुराक मरीज की उम्र, लिंग एवं स्वास्थ्य समस्याओं पर निर्भर करती है। patanjali tulsi ghan vati ke fayde in hindi — patanjali tulsi ghan vati benefits

पतंजलि तुलसी घनवटी के फायदे — Patanjali Tulsi Ghan Vati benefits

पतंजली तुलसी घनवटी के हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत सारे फायदे हैं इस लेख में इसके कुछ प्रमुख लाभ के बारे में बताने जा रहे हैं —

  1. हमारे स्वास्थ्य के लिए तुलसी के पत्तों के साथ ही इसके बीज बहुत लाभकारी हैं। इसके अनगिनत फायदों के कारण ही इसको आयुर्वेद में अमृत के समान माना जाता है। तुलसी के सेवन से बुखार, पेट दर्द, मलेरिया, दिल के रोग एवं बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण से बचा जा सकता है।
  1. मौसम में होने वाले बदलाव अक्सर बिमारियों का आमंत्रण देते हैं जिनमें मुख्य बिमारियां है बुखार, सर्दी—जुखाम, गले में खरास, खांसी आदि। तुलसी के पत्तों के प्रयोग से आप गले से जुड़े रोगों में लाभ ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप तुलसी के रस का भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको तुलसी के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर पीना चाहिए इससे आपको बुखार, सर्दी एवं गले की समस्याओं से छुटकारा मिल जायेगा। Benefits of Patanjali Tulsi Ghanvati
  1. यदि आप तुलसी घनवटी का नियमित सेवन कर रहे हैं तो आपको सूखी खांसी, दमा एवं सांस से जुड़ी बिमारियों में फायदा हो सकता है। तुलसी कई प्रकार के गुणों से युक्त है जो अस्थमा एसं सूखी खांसी के रोगियों के उपचार में एक अहम भूमिका निभाती है। इसके लिए आपको तुलसी के पौधे की मंजरी, सोठ, शहद एवं प्याज आपस में मिलाकर एक मिश्रण बना लेना चाहिए। इस तैयार मिश्रण को आप थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खायें इससे आपकी दमे और सूखी खांसी की बिमारी को ठीक करने में मदद मिल सकती है।
  1. अगर आपको अक्सर सिर में दर्द रहता है तो आपके लिए तुलसी किसी वरदान से कम हनीं है। इसके अतिरिक्त आपको यदि अधिक समय से सिर दर्द रहता है या फिर सिर से जुड़े रोग हैं तो आपको तुलसी के तेल को अपनी नाक में डालना चाहिए। आपको ​तुलसी के तेल की सिर्फ 1 या 2 ही बूँद को ही नाक में डालना चाहिए। इससे पुराने से पुराना सिर दर्द भी आराम मिलता है। इसके अतिरिक्त यदि आप प्रतिदिन तुलसी की 3 से 4 प्रत्तियों का सेवन करते हैं तो आपके दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ जाती है और आपकी याददाश्त भी अधिक हो सकती है। तुलसी के इ​तने अधिक फायदे होने के बाद आपको पतंजली तुलसी घनवटी का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
  1. यदि आपको कान में दर्द और सूजन रहता है तो आपको नियमित तुलसी के पत्तों का सेवन करना चाहिए इससे आपको फायदा हो सकता है। यदि आपको कान में दर्द हो रहा है और आसपास अन्य दवा नहीं है तो आप तुलसी के पत्तों के रस को गुनगुना करके 2 बूँद कान में डाले तो आपको कान के दर्द में राहत मिल सकती है। यदि आपके कान में सूजन रहती है तो आपको एरंडी की कोपलों और तुलसी के पत्तों को पीस लें और उसमे थोड़ी मात्रा में नमक को मिला लें और इस तैयार लेप को कुछ गर्म करके सूजन के स्थान में लगाये। इस तुलसी के लेेप से आपको सूजन को कम करने में ​मदद मिलेगी।
  1. यदि आपको अक्सर सर्दी—ज़ुखाम एवं गले की समस्या रहती है तो आपको तुलसी का सेवन अवश्य करना चाहिए इससे आपको सर्दी—जुखाम के साथ ही गले से जुड़े सभी समस्याओं को दूर करने में काफी मदद मिल सकती है। यदि आप गले की समस्या से जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको हल्दी और सेंधा नमक के साथ तुलसी के रस को मिलाकर कुल्ला करना चाहिए। यह गले के अतिरिक्त दांत और मसूड़ों के लिए भी फायदेमंद है।
  1. पथरी की समस्या में भी तुलसी घनवटी फायदेमंद हो सकती है। यदि आप प्रतिदिन इसका सेवन करते हैं तो आपको किडनी की पथरी होने का खतरा कम हो जाता है। इसके लिए आपकेा रोज तुलसी की 1 से 2 ग्राम पत्तियों को पीस लेना चाहिए और उसमें शहद को मिलाकर खाना चाहिए इससे आपको पथरी होने का खतरा तो कम होगा। साथ ही ​यदि आपकी किडनी में पथरी है भी तो वह उसे बाहर निकालने में मदद करेगी। ध्यान रहे यह सिर्फ एक उपचार में सहायता देने के लिए है यदि आपको अधिक मात्रा में पथरी है तो आपको इसके साथ ही किसी अच्छे डॉक्टर को भी दिखाना चाहिए।
  1. तुलसी का रस रतौंधी के रोग में भी फायदेमंद हो सकता है। यदि आपको रतौंधी की समस्या है तो आपको नियमित रूप से तुलसी के रस का प्रयोग  करना चाहिए। इसके लिए आपको दिन में  कम से कम 2 बार तुलसी के रस को अपनी आँखों में डालना चाहिए। इससे आपकी आंखो की रौशनी पढ़ेगी और रतौंधी रोग को कम करने में मदद भी मिलेगी।
  1. यदि आपको दांत में दर्द है तो तुलसी की पत्तियां आपको इसे दर्द में आराम दिला सकती है। इसके लिए आपको तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च को मिला लें और इसको अपने दर्द वाले दांत के नीचे दबाकर रखें इससे आपको राहत मिलेगी।
  1. किसी कारण से यदि आपको डायरिया की समस्या हो गई है या फिर पेट में मरोड़ सी हो रही है तो आपको तुलसी के रस का प्रयोग करना चाहिए। यह समस्या सबसे अधिक छोटे बच्चों में देखी जाती है। तुलसी का रस पेट से जुड़े रोगों में आराम दिलाने का कार्य करता है। इसके अलावा आप तुलसी की 10 पत्तियों को 1 ग्राम जीरा के साथ पिसकर उसमें शहद को मिला लें और डायरिया या पेट दर्द होने की समस्या होने पर इसका प्रयोग करें इससे आपको तुरन्त राहत मिलेगी।
  1. यदि आप प्रतिदिन पतंजली तुलसी घनवटी का प्रयोग करते हैं तो यह आपको कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ देती है और आने वाली बिमारियों से भी बचाती है। तुलसी घनवटी के सेवन से आप लिवर से जुड़ी बिमारियों के अतिरिक्त पीलिया के रोग से बच सकते हैं।

पतंजली तुलसी घनवटी की खुराक – Patanjali Tulsi Ghan Vati Dosage in Hindi

Patanjali Tulsi Ghan Vati की खुराक रोगी उम्र, लिंग और उसके रोग पर निर्भर करती है। प्रत्येक व्यक्ति एवं रोग के लिए Patanjali Tulsi Ghan Vati की खुराक भिन्न हो सकती है। इसकी समान्य खुराक नीचे ​दी गई है —

वयस्कों एवं बुजुर्गो के लिए —

  • वयस्क इसकी अधितम 2 गोली का प्रयोग कर सकते हैं।
  • इसको आपको गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए।
  • इस दवा को दिन में दो बार लिया जा सकता है।
  • इस दवा को लम्बे समय तक लिया जा सकता है या​ फिर डॉक्टर द्वारा दी गई समयावधि तक इसका सेवन करें।

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