पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां | Benefits of Paschimottanasana in Hindi

पश्चिमोत्तानासन (Forward Bend Pose) — अगर आप अपने को स्वस्थ और अपने शरीर में स्फूर्ति लाना चाहते हैं तो आपके लिए योग लाभदायक होगा। इसका कारण यह है कि आप मात्र 20 से 30 मिनट तक इसको कही पर भी कर सकते हो और ऐसा करने से आपका शरीर स्वस्थ्य रहता है। योग कोई एक क्रिया नहीं है बल्कि यह कई प्रकार की क्रियाओं से बना योेगासन है। इसमें शरीर के हर एक हिस्से के लिए अलग—अलग योग है जो आपके शरीर के उस हिस्से में प्रभाव डालता है जिससे शरीर का वह भाग रोगों से ​मुक्त रहता है। इन्हीं योगों में एक योग है  पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)।

हम इस लेख में इसके बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे। आपको पश्चिमोत्तानासन को करने की सरल विधि के साथ ही इससे होने वाले फायदों के बारे में भी बतायेंगे। तो आइये शुरू करते हैं इस लेख को — Benefits of Paschimottanasana  in Hindi

Table of Contents

पश्चिमोत्तानासन के फायदे – Benefits of Paschimottanasana in Hindi

योग को करने के बहुत से फायदे होते हैं उसकी प्रकार पश्चिमोत्तानासन भी हमारे लिए बहुत फायदेमंद है जिनमें से कुछ हम आपको बताने जा रहे है जो निम्न हैं  pashchimottanasana ke fayde —

1. पाचन में पश्चिमोत्तानासन फायदे

वर्तमान समय में हर कोई पेट की समस्या से परेशान रहता है यदि आप भी पेट या पाचन से संबंधित दिक्कतों से परेशान हैं तो आपके लिए पश्चिमोत्तानासन बिल्कुल सही योग क्रिया है। इसको करने से आपकी पाचन शक्ति को मजबूत होती है और भोजन पचना आसान हो जाता है। ऐसा होने से आपकी पेट से जुड़ी हुई कई प्रकार की समस्यायें समाप्त हो जाती है। पश्चिमोत्तानासन के अभ्यास से हमारे शरीर के अंगों की कार्यशैली में चमत्कारी सुधार आ जाता है। इसके साथ ही यह हमारे पाचन और उत्सर्जन क्रिया को सही करने में मदद करता है। अत: ऐसा माना जा सकता है कि इस आसन को नियमित करने से आपकी पाचन क्रिया को सही करने में लाभदायक होगा।

2. सिर दर्द में पश्चिमोत्तानासन फायदे

अगर आपको अक्सर तनाव और चिंता के कारण सिर दर्द रहता है तो आपको नियमित रूप से पश्चिमोत्तानासन को करना चाहिए यह आपको सिर दर्द से मुक्ति दिला सकता है। यह योगासन आपको तनाव, अवसाद एवं चिंता जैसी परिस्थिति से राहत दिलाने में मदद करता है। इसकी कारण से यह मान सकते हैं कि तनाव के कारण होने वाले सिर दर्द जैसी अवस्था में यह लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

3. तनाव और माइल्ड डिप्रेशन में पश्चिमोत्तानासन के लाभ

तेज रफ्तार से बढ़ती हमारी लाइफ में अक्सर हमें तनाव और मालइल्ड डिप्रेेशन हो ही जाता है। इन सभी समस्याओं से निजात पाने के लिए आपको योगा को अपने जीवन में स्थान देना चाहिए। इन सभी परेशानियों से मुक्ति के लिए आप पश्चिमोत्तानासन योग क्रिया को कर सकते हैं। यह तनाव और माइल्ड डिप्रेशन के साथ ही इसके कारण होने वाले सिर दर्द में भी राहत पहुंचाने का कार्य करता है। अगर आप नियमित रूप से पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करते हैं तो यह सिर्फ शारीरिक समस्याओं को ही दूर नहीं करता बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी ठीक करने में मदद करता है।

4. थकान व कमजोरी में पश्चिमोत्तानासन के लाभ —

शरीर में नई ऊर्जा एवं रक्त के प्रवाह को सही बनाये रखने के लिए कई प्रकार के योग आसनों को किया जाता है उन्हीं योगासनों में से एक है पश्चिमोत्तानासन। एक शोध से पता चलता है कि इस योगा को करने से यह शारीरिक थकान को दूर करने में मदद करता है और शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार भी करता हैं। इससे हमें थकान और कमजोरी का अहसान तक नहीं होता है। इसलिए ऐसा माना जा सकता है कि अगर आप पश्चिमोत्तानासन को नियमित रूप से करते हैं तो आपको थकान और कमजोरी से मुक्ति मितल सकती है। Benefits of Paschimottanasana

5. वजन घटाने में पश्चिमोत्तानासन के फायदे —

अगर आप भी बढ़ते वजन से परेशान है और आप अपने मोटापे से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको योग को अपनाना चाहिए। क्योंकि कई प्रकार की योग क्रियायें हैं जो जिनको करने से वजन को कम किया जा सकता है उन्हीं मे से एक है पश्चिमोत्तानासन योग क्रिया। ऐसा माना जाता है कि यदि आपने वजन कम करना है तो आपको इस पश्चिमोत्तानासन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। इससे आपको वजन कम करने में सहायता मिलेगी। परन्तु इसके साथ ही आपको अपनी नियमित दिनचर्या में संतुलित आहार का भी विशेष ध्यान देना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो आप वजन कम करने के लिए पश्चिमोत्तानासन के सभी लाभ ले पायेंगे।  वजन कम करने के तरीके

6. उच्च रक्त चाप में पश्चिमोत्तानासन के लाभ —

आजकल बड़ों के साथ ही छोटी उम्र वालों को भी हृदय रोग होने लगे हैं। ऐसी दशा में बुजुर्गो, युवाओं के साथ ही बच्चों को भी योग को अपनाना चाहिए। शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए आप पश्चिमोत्तानासन को कर सकते है। यह आपके सम्पूर्ण शरीर को स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकता है। उच्च रक्त चाप अर्थात हाई ब्लड प्रेसर होने का ही अनियंत्रित रक्त प्रवाह  है। इसी कारण से कहा जा सकता है कि यदि आप नियमित रूप से पश्चिमोत्तानासन योग को करते हैं तो आप हृदय से जुड़ी किसी भी समस्या से दूरी बनाये रख सकते हैं।

7. अनिद्रा का दूर करने में पश्चिमोत्तानासन के फायदे —

यदि आपको अनिद्रा की दिक्कत रहती है तो आपको पश्चिमोत्तानासन को नियमित रूप से करना चाहिए क्योंकि एक शोध के द्वारा पता चला है कि अन्य योगो के अलावा भी पश्चिमोत्तानासन के नियमित अभ्यास से आप अनिद्रा की समस्या से मुक्ति पा सकते हैं।

8. पश्चिमोत्तानासन के अन्य लाभ —

उपरोक्त के अलावा भी इस योगासन के कई और लाभ हैं जो निम्न हैं —

  • पाचन तंत्र को मजबूत करता है।
  • किडनी, गुर्दे, गर्भाशय और अंडाशय की कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
  • कंधे, हॅम्स्ट्रिंग एवं रीढ़ की हड्‌डी में खिचाव लाने के कार्य करता है।
  • मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति से होने वाली परेशानी में राहत दिलाने का कार्य करता है।
  • बांझपन को दूर करने और साइनस के लिए फायदेमंद है।  

उपर आपने पश्चिमोत्तानासन के फायदों को जान ही लिया होगा अब आप इसको कैसे किया जा सकता है यह जानने के इच्छुक होंगे तो आइये जानते हैं पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका —

पश्चिमोत्तानासन करने से पहले क्या करें – What to do before doing Paschimottanasana?

पश्चिमोत्तानासन को शुरू करने से पहले आपको निम्न आसन करने चाहिए जिससे उसका पूरा लाभ आपको मिल सकते।

  • अर्ध बद्ध पद्मोत्तासन (Half Bound Lotus Standing Forward Bend)
  • दंडासन (Staff Pose)
  • उत्कटासन (Chair Pose)
  • वीरभद्रासन (Warrior Pose)

पश्चिमोत्तानासन करने का तरीका – How to do Paschimottanasana

  • सबसे पहले आप जमीन पर योग मैट या कोई चटाई को बिछाएं
  • और अब अपने पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठें।
  • यह देख लें कि जिस स्थिति में आप बैठे हैं उसमें आपके पैर आपस में सटे हों और घुटने बिल्कुल सीधे हो।
  • अब अपनी गर्दन, सिर और रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें।
  • अगली स्थिति में आपको अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाना है और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे कि ओर झुकते हुये माथे को घुटनों में स्पर्श करें और अपने हाथों से पैरों के अंगुठे को पकड़ें।
  • ध्यान रहे जब आप आगे कि ओर झुक रहे हो तो आपके घुटने नहीं मुड़ने चाहिए।
  • कुछ समय आप इसी स्थिति में रहने का प्रयास करें और अपनी सांस को सामान्य प्रकार से लेते रहे।
  • फिर एक गहरी सांस लेते हुए आप वापस पुरानी स्थिति में आ जाएं।
  • इस क्रिया को आप प्रारम्भ से 5 से 10 बार करें फिर धीरे—धीरे अपना समय बढ़ा सकते हैं।

पश्चिमोत्तानासन करने की टिप्स – Tips for doing Paschimottanasana

पश्चिमोत्तानासन करने से पहले आपको इसके बारे में कुछ जरूरी बातों का ज्ञान होना चाहिए जिससे आप इसके आसानी से कर सकें। आगे हम आपको पश्चिमोत्तानासन को करने की कुछ टिप्स देने जा रहे हैं जो निम्न हैं —

  • यदि आप इस आसन को पहली बार कर रहे हैं तो आप अभ्यास के दौरान अपने शरीर पर जरूरत से अधिक जोर न डालें।
  • आप अपने अभ्यास को कम समय के लिए ही करें और धीरे—धीरे वक्त को बढ़ाते चलें।
  • अगर आपको यह योग क्रिया नहीं आती है तो हम यही सलाह देंगे कि आपको शुरूवात में किसी अच्छे योगाचार्य से इस योग क्रिया को सीख लेना चाहिए।
  • इस योग क्रिया के प्रत्येक चरण को सही प्रकार से समझ लें उसके पश्चात ही योगाभ्यास शुरू करें।
  • इसके अलावा आपको योगाभ्यास के प्रत्येक चरण के दौरान सांस को लेने व छोड़ने की क्रिया का ध्यान अवश्य रखना चाहिए।

पश्चिमोत्तानासन करने में बरती जाने वाली सावधानियां – Precautions for Paschimottanasana

​जिस प्रकार योग लाभदायक होते हैं उसकी प्रकार यदि आप इससे जुड़ी हुई सावधानियां नहीं रखते हैं तो यह आपके लिए नुकसानदेह भी हो सकते हैं। नीचे हम आपको पश्चिमोत्तानासन से जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में बताने जा रहे हैं —

  • अगर आपको हॅम्स्ट्रिंग्स में कोई चोट या जकड़न सी है तो पश्चिमोत्तानासन को करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
  • यदि आपकी पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी है या फिर दर्द होता है तो आपको इस योगासन को नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलायें इस आसन को करने से बचें।
  • यदि आपको अस्थमा, अल्सर एवं  जोड़ों से संबंधित रोग हैं तो आपको यह पश्चिमोत्तानासन नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपके कमर, पीठ या शरीर के किसी अन्य भाग में ऑपरेशन हुआ है तो आपको यह आसन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। ।
  • यदि आप डायरिया से पीड़ित हैं तो आप यह योग क्रिया न करें।

हमें आशा है कि आपको पश्चिमोत्तानासन से जुड़ी सभी जरूरी बातों के बारे में इस लेख के माध्यम से जानकारी मिल चुकी होगी। आपने इस लेख में पश्चिमोत्तानासन को करने के तरीके के साथ ही इससे होने वाले बहुत से फायदों के बारे में जाना। अगर आप पश्चिमोत्तानासन को करना चाहते हैं तो आपको इसमें बहुत ही सरल विधि से इस योग को करने का तरीका बताया गया है जिससे आप इसे अच्छे से कर पायेंगे। मगर योग क्रिया को करने से पहले इससे जुड़ी सावधानियां और टिप्स को जरूर पढ़ लें। योग किसी रोग का पूर्ण उपचार नहीं है यह उस रोग को होने से रोकने में मदद करता है और यदि रोग हो गया है तो उसे ठीक करने में सहायता करता है। रोग के सम्पर्णू उपचार के लिए आपको डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।

दोस्तों आपको यह लेख कैसा लगा इसके बारे में जरूर कमेंट अवश्य करें। अगर आपकेा अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें।

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