मुंह के छाले की अंग्रेजी दवा-Mouth Ulcer Medicines in Hindi

मुंह के छालों की दवा के बारे में बात करने से पहले हमें यह जान लेना जरूरी है कि मुंह के छाले क्या हैं और इनके होने का करण क्या हैं। हम इस लेख में आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

Table of Contents

मुंह के छाले क्या हैं?

मुंह के छाले सामान्यत: गालों के अंदर की तरफ होते हैं। इनको चिकित्सा की भाषा में Canker sores (कैंकर सोर्स) कहा जाता है। यह छाले जीभ, होंठ, गाल में होते हैं। इतना ही नहीं यह छाले दर्दनाक हो सकते हैं। इनको तीन प्रकार में बांटा गया है —

  • हेरपेटिफोर्म अलसर (herpetiform ulcers)
  • छोटे छाले
  • बड़े छाले

मुंह में छाले होने के कारण बहुत से हैं। जिनमें से मुख्य हैं मुंह में चोट लगना, विटामिन की कमी, तेज मसालों का भोजन खाना, हॉर्मोन्स के कारण, तनाव के कारण, प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के कारण आदि।

वैसे तो मुंह के छालों के उपचार की ज़रूरत नहीं होती है, क्योंकि अक्सर यह अपने आप ठीक हो जाते हैं। फिर भी  अगर आपको छालों के साथ बुखार भी आ रहा है या फिर इनको दो या तीन हफ्ते से ज़्यादा समय हो गया है  तो आपको बिना देर किये तुरंत डॉक्टर से मिल लेना चाहिए।

अक्सर कई लोगों को बार—बार छाले होते हैं ऐसे लोगों को डॉक्टर से मिलकर इस समस्या की सही प्रकार से जांच कर लेनी चाहिए।

मुंह के छाले के प्रकार – Types of Mouth Ulcer in Hindi

मुंह में होने वाले छाले संक्रामक अर्थात एक से दूसरे को होने वाले नहीं होते हैं। इन्हें तीन वर्गो में बांटा गया है —

हेरपेटिफोर्म छाले (Herpetiform sores) –

मुंह में होने वाले छालों के समूह को या एक ही जगह पर होने वाले बहुत सारे छोटे-छोटे वालों को हेरपेटिफोर्म छाले कहते हैं। इन का साइज बहुत छोटा होता है लगभग 2 से 3 मिलीमीटर। यह छाले एक समय पर एक जगह पर 100 तक हो सकते हैं।

छोटे छाले –

इनका छालों का आकार 3 से 10 मिलीमीटर तक होता है। यह बहुत ही सामान्य छाले होते हैं। यह छाले बिना निशान छोड़े 10 से 15 दिन के अंदर ठीक हो जाते हैं।

बड़े छाले –

इन छालों का आकार छोटें छालों से बड़ा होता है। इनका आकार 10 मिलीमीटर से  अधिक होता है। इन को ठीक होने में 15 दिन से 1 या दो महिनों तक का भी समय लग सकता है। यह बहुत गहरे तक हो जाते हैं और ठीक होने पर निशान छोड़ हैं।

मुंह के छालों के लक्षण – Symptoms of Mouth Ulcer in Hindi

मुंह के छाले अक्सर गालों के अंदर की सतह, जीभ, होंठ के अंदर की ओर नर्म भाग में, मसूड़ों  पर होते हैं। मुंह के छालों के लक्षण इस प्रकार हैं:

  • छाला होने से 24 घंटे पहले से उस स्थान पर जलन, चुभन महसूस होने लगती है।
  • बोलने व खाना निगलने व चबाने पर परेशानी होती है।
  • छाले का रंग सफेद और पीला हो सकता है। उसके चारो ओर लाल रंग का बॉर्डर होता है।
  • छाले होने वाले स्थान पर दर्द होता है।

इन लक्षणों के अलावा भी मुंह के छालों के कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं जो कम दिखाई देते हैं परन्तु इनका होना किसी गंभीर बिमारी ओर इशारा करता है। जो निम्न हैं —

  • बुखार
  • वजन कम होना
  • मुंह या गले में फंगल इन्फेक्शन होना
  • सूजी हुई लसिका ग्रंथि (lymph nodes)

मुंह के छाले के कारण एवं बचाव – Mouth Ulcer Causes & Prevention in Hindi

कई शोध होने वाले बावजूद भी मुंह के छालों का कारण पता नहीं चल सका है। परन्तु शोधकर्ताओं के अनुसार इसके होने का कारण एक नहीं बल्कि बहुत से कारक हो सकते हैं। मुंह में छाले संभवत: इन कारणों से होते हैं –

  • दांतों की सफाई या उपचार के समय खरोंच लगना, खेल के दौरान चोट लगना, गलती से गाल काटना, ब्रश का कठोर होना या ज्यादा करना।
  • सोडियम लॉरयल सल्फेट (Sodium lauryl sulfate) युक्त टूथपेस्ट का प्रयोग करना। इसके अलावा माउथवाश का प्रयोग।
  • संवेदनशील खाद्य पदार्थो का सेवन भी इसका एक कारण हो सकता हैं जैसे चॉकलेट, कॉफ़ी, स्ट्रॉबेरी, अंडा, नट्स, चीज़ और तीखे भोजन का प्रयोग।
  • विटामिन बी12, जिंक, फोलिक एसिड या आयरन रहित खाना।
  • मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया के कारण।
  • हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter pylori) बैक्टीरिया के कारण इस बैक्टीरिया की वजह से पेट में अल्सर होता है।
  • ​महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान हॉर्मोन्स में बदलाव आना भी इसका कारण हो सकता है।

मुंह में छाले होना बस एक सामान्य समस्या है, लेकिन कुछ मामलों में यह कुछ बीमारियों के कारण भी हो सकता हैं –

  • सीलिएक रोग (Celiac disease) यह एक गंभीर आंत की बिमारी है, जो ग्लूटेन अर्थात  अनाज में पाएं जाना वाले प्रोटीन के कारण होता है।
  • बेहसेत डिजीज (Behcet’s disease), यह दुर्लभ बिमारी है। जिसके कारण मुँह के अलावा  पूरे शरीर में जलन होती है।
  • आंत में होने वाला जलन रोग जैसे की अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis) व क्रोन रोग (Crohn’s disease)।
  • हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का दोषपूर्ण होना भी इसका कारण होता है इसमें हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे मुंह से स्वस्थ्य सेल को नुकसान पहुंचाती है।

मुंह के छालों से बचाव –

यह प्रमुख सवाल है कि क्या हम मुंह में छाले होने से बचा सकते हैं?

हालाँकि मुंह के छालों का कोई उपचार नहीं हैं यह ठीक होने के के बाद फिर से हो जाते हैं। इनका इलाज तो नहीं कर सकते परन्तु इनको होने को कम तो किया ही जा सकता है। इनके निम्न उपाय प्रमुख है –

  • ऐसा मसालेदार भोजन न करें, जो आपके मुंह को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • नर्म बालों वाले ब्रश से ही दांत साफ करें। खाने के बाद दाँत के बीच में फसे खाने को निकालने के लिए धागे (floss) का प्रयोग करें। ऐसा करने से छाले होने की सम्भावना कम होगी।
  • च्युइंग न चबाएं क्योंकि इसके प्रयोग से मुंह के छाले होने की सम्भावना अधिक रहती है।
  • अपने मुंह को किसी भी तरह की चोट या खरोच न लगने दें।

मुंह के छाले का ईलाज  – Treatment of Mouth Ulcer in Hindi

अगर मुंह के छाले आकार में छोटे हों तो इसे इलाज की ज़रूरत नहीं होती है। यह छाले एक या दो सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाते हैं। परन्तु अगर छालों का आकार बड़ा हो और इन छालों के कारण अगर आपको दर्द हो रहा हो तो इसके लिए चिकित्सा देखभाल की ज़रूरत होती है। क्योंकि इन छालों के होने कारण और कोई बिमारी भी हो सकती है। छालों के इलाज के कई सारे विकल्प मौजूद हैं, जिनमें में से प्रमुख इस प्रकार हैं –

मुँह के छाले की क्रीम –

ऐसी कई क्रीम, लिक्विड या जेल उपलब्ध हैं जो छालों में आराम दिलाने के साथ ही इनके ठीक होने पर मदद करते हैं। इन दवाओं का प्रयोग सबसे ज़्यादा तब होता है जब इनका प्रयोग छाले होने के तुरन्त किया जाय। आपके लिए सही क्रीम या जेल कौन सी है इसके लिए आपको  डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

माउथ वाश –

अगर आपके छालों की स्थिति अधिक गंभीर हो तो ऐसी दशा में आपको डॉक्टर एक दवा-युक्त माउथ वाश से पूरे दिन में कई बार कुल्ला करने कह सकते हैं। इस दवा के प्रयोग से छालों के ठीक होने के साथ ही इससे होने वाले दर्द और जलन भी कम होती है।

टेबलेट या गोली –

  • टेबलेट या गोली की जरूरत तभी होती है जब मुंह के छालों की स्थिति बहुत अधिक गंभीर हो गई हो और इन छालों में क्रीम आदि का कोई असर नहीं हो रहा हो। इसकी कुछ दवा निम्न हैं-
  • कुछ ऐसी दवाएं हैं जो छालों के लिए नहीं बनी हैं पर इनका प्रयोग किया जा सकता है जैसे पेट के अलसर की दवा या गाउट की दवा।
  • अगर मुंह के छाले बहुत अधिक गंभीर हो कि अन्य दवाओं से ठीक नहीं हो रहे हैं ऐसी स्थिति में स्टेरॉयड दवा का इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। अत: इसका प्रयोग तभी करना चाहिए जब किसी और दवा के प्रयोग से छालों में फायदा नहीं हो रहा हो या इसके अलावा कोई और विकल्प न हो।

न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स –

अगर आपके भोजन में कम मात्रा में आवश्यता से कम पोसाहक तत्व होते हैं या आप कम लेते हैं तो इस स्थिति में आपको डॉक्टर न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स लेने को कह सकते हैं।  जैसे फोलेट (फोलिक एसिड या विटामिन बी9), विटामिन बी 6, विटामिन बी12 या जिंक आदि।

मुंह के छालों में क्या करें – What to avoid during Mouth Ulcer in Hindi?

मुंह के छाले में क्या न खाऐं —

तीखा, खट्टा, नमकीन खाना, टमाटर युक्त खाद्य पदार्थ का प्रयोग न करें। इनको खाने से  छालों में तेज दर्द या जलन हो सकती है।

खुरदरे या सूखे आहर का प्रयोग न करें। यह मुंह के छालों की परेशानी को और बढ़ा सकते हैं।

कुछ भी तीखा न खाएं। तीखा आहार लेने से छालों में जलन और दर्द हो सकता है।

मुंह के छाले में क्या खाऐं-

नर्म भोजन खाएं –

मुंह के छाले होने पर नर्म और क्रीम युक्त भोजन को खाएं जिसमें ज़्यादा मात्रा में कैलोरी और प्रोटीन हों, जैसे कि सूप, चीज़, दही, आइसक्रीम आदि। अगर आपको छालों में ज्यादा दर्द हो रहा है और आप ज्यादा भोजन नहीं कर सकते हैं तो अपने भोजन में ज़्यादा कैलोरी का प्रयोग करना चाहिए जिससे आपके शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल सके।

अपने खाने को छोटे—छोटे हिस्सों में बांटें –

छाले होने पर आप मीट और मछली को छोटे—छोटे हिस्सों में कांट लें और उसे मिक्सी में डाल के पतला बनाकर खायें।

सब्जियों को पका कर खाएं –

कच्ची सब्ज़ियां खाने से मुँह के छालों का दर्द बढ़ सकता है अत: ऐसी स्थिति में आपको ​सब्जियों को अच्छी तरह से पकाकर खाना चाहिए।

अपने खाने को भिगो कर खाएं-

अगर आप सुहब के नाश्ते में कॉर्न फलेक्स लेते हैं तो इसे खाने से पहेल अच्छे से ठंडे दूध में भिगोएं। अगर आप चावल का प्रयोग कर रहे हैं तो उसे अच्छे से दाल मिलाएं ताकि चावल नर्म हो जाएं।

ठंडे आहार लें –

छालों की स्थिति में आपको ठंडे आहार लेने चाहिए जैसे आइस क्रीम और ठंडा शरबत जैसी ठंडी चीज़ें। इन पदार्थो में मौजूद ठंडापन आपके मुंह के छालों में आराम पहुंचाएग।

मुंह के छाले की दवा – Mouth Ulcer Medicines in Hindi

मुंह के छाले के लिए बहुत सी दवाइयां बाजार में उपलब्ध हैं। नीचे सारी दवाइयां दी गयी हैं। परन्तु लेकिन ध्यान रहे कि डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई न लें। इससे आपको नुकसान भी हो सकता है।

  • ADEL 2 Apo-Ham Drop 
  • ADEL 29 Akutur Drop  
  • ADEL 32 Opsonat Drop
  • Becosules  
  • Bjain Candida albicans Dilution
  • Neurobion Forte  
  • Otorex     
  • Polybion LC
  • Polybion SF
  • SBL Sedum acre Dilution

इन सबके अलावा भी कई अन्य कम्पनियों जैसे बैद्यनाथ, हिमालया, बोरोलिन आदि कम्पनियों की दवायें भी उपलब्ध हैं जो निम्न हैं —

  • Himalaya Himcocid
  • Himalaya Herbals Active Fresh Gel
  • Boroline Ayurvedic Anticeptic Cream
  • Candid Mouth Paint Gel for Mouth Ulcers
  • Dologel Gel
  • Abbott Hydent-K Oral Gel
  • Ulcer Protect Juice
  • Oraldine Antiseptique Rince-bouche
  • ALSORE GEL 47185814MOUTHGEL – CHOLINE SLICATE

आदि।

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