Mandukasana Yoga in Hindi-मंडूकासन योग

Mandukasana Yoga मंडूकासन योगासनों की मुद्राओं में से एक प्रमुख मुद्रा है। इस आसन को करने समय करने वाला एक मेंढक के समान दिखाई देता हैं।

Mandukasana Yoga मंडूकासन योग हमारे लिए बहुत ही लाभदायक हैं, इस आसन को करने वाले मधुमेह या शुगर जैसे रोग से मुक्त रहते हैं। यह हमारे पेट में जमा अतिरिक्त वसा को हटाने में मदद करता है।

यह हमारे पेट को सही करने में मदद करने के साथ ही उससे सम्बन्धित विभिन्न बिमारियों को दूर करने में भी सम्बन्ध करता है। इस लेख में हम आपको Mandukasana Yoga से सम्बन्धित सभी जानकारियां देंगे।

मंडूकासन योग क्या है। What is Mandukasana yoga in Hindi

मंडूकासन दो शब्द से मिल कर बना है। मंडूक का अर्थ मेंढक होता है और आसन का अर्थ है योगाभ्यास। इस आसन को करने समय आपका शरीर मेंढक की तरह दिखाई देता है इसलिए इस मुद्रा को मंडूकासन कहा जाता है। इसे Frog Pose के नाम से भी पुकारा जाता है। यह आसन उदर से जुड़े कई रोगों को सही करने के लिए महत्वपूर्ण है।

मंडूकासन मुद्रा करने से पहले क्या करें। 

मंडूकासन योग का अभ्यास करने से पहले आपको कुछ आसन कर लेने चाहिए जिससे आपको मंडूकासन करने में आसानी होती है।

  • उष्ट्रासन
  • वज्रासन
  • धनुरासन
  • बालासन

मंडूकासन योग करने की विधि। Steps to do Mandukasana in Hindi

मंडूकासन योग करने का तरीका बहुत आसान है। लेकिन इसका पूर्ण लाभ करने के लिए आगे दिये गये तरीको को अपना आपके लिए लाभदाकरी होगा। नीचे इसकी विधि बहुत सरल तरीके से आपको बतायी गयी है। जिसका अनुकरण कर आप इसे आसानी से कर सकते हैं।

मंडूकासन करने की विधि —

  • सबसे प्रथम आप वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं।
  • अब आप अपनी मुठ्ठी बांधे और इसे आपनी नाभि के पास ले जाएं।
  • अब अपनी मुट्ठी को नाभि एवं जांघ के पास रखे। पर ध्यान दें इनको ऐसे रखें कि मुट्ठी खड़ी हो और ऊँगलियाँ आपके उदर अर्थात पेट की ओर है।
  • इसके पश्चात सांस छोड़ते हुए आगे झुकें, छाती को इस प्रकार नीचे लाएं कि वह आपकी जांघों पर टिकी रहे। इसके आगे आप आगे झुकें कि नाभि पर ज़्यादा से ज़्यादा दबाब बनाएं।
  • अपने सिर और गर्दन उठाए रखें, और अपनी दृष्टि को सामने की ओर रखें।
  • अब धीरे—धीरे सांस लें उसके पश्चात धीरे—धीरे सांस छोड़े। और अपनी इस स्थिति को बनाये रखें।
  • इसे पश्चात आप फिर से सांस लेते हुए अपनी सामान्य अवस्था में आएं और आराम करें।
  • इस प्रकार आपके मंडूकासन का एक चक्र पूरा हुआ।
  • आप शुरुवात में इसे 3 से 4 बार कर सकते हैं।

मंडूकासन योग करने के फायदे – Benefits Of The Mandukasana in Hindi

Mandukasana yoga करने के बहुत से फायदे हैं। यह आसन हमारे लिए विभिन्न रोगों को सही करने में मददगार हो सकता है। आगे इसके लाभों के बारे में बताते हैं।

वजन कम करने में मंडूकासन योग के फायदे –

अगर आप बढ़त़े हुए वजन एवं बढ़े हुये से परेशान हैं तो आपको मंडूकासन योग को अपनाना चाहिए क्योंकि यह वजन को नियंत्रित करता है। मंडूकासन अपच एवं कब्ज के रोगों में भी फायदेमंद है। इस आसन को करने से जांघों और कूल्हों की अतिरिक्त जमा वसा को कम करने में मदद मिलती है।

तनाव को कम करने में मंडूकासन योग फायदे –

चिंता, अवसाद और तनाव से बचने के लिए मंडूकासन योग का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद होता है।  पुराने ग्रंथों में यह लिखा गया है कि यह आसन कुंडलिनी जागृत करने में सहायक होता है।

स्वस्थ पाचनतंत्र में मंडूकासन योग के लाभ –

मंडूकासन योग सम्पूर्ण पेट की मांसपेशियोंं व अंगों का व्यायाम करता है जो इसकी सुचारू कार्यप्रणाली के लिए लाभदायक है। यह आसन पाचन तंत्र एवं उत्सर्जन तंत्र के कार्यो को सही प्रकार से करने में मदद करता है।  पेट से जुड़े रोगों के इलाज में यह बहुत फायदेमंद है। यह पेट में जमा गैस को भी बाहर निकालने में मदद करता है। इससे आपको शांत एवं आराम महसूस होता है।

मधुमेह/शुगर में मंडूकासन योग के लाभ –

अगर आप मधुमेह से परेशान हैं तो आपको मंडूकासन योग करने से पैंक्रियास से इन्सुलिन का स्राव में मदद मिलती है जिससे डायबिटीज या मधुमेह को बहुत सीमा तक रोकने में मदद मिलती है।

  • मंडूकासन योग के अन्य फायदे –
  • यह घुटनों, एड़ियों और पीठ में होने वाले दर्द को ठीक करता है।
  • दमे से पीड़ित व्यक्तियों के लिए यह आसन बहुत ही लाभकारी है।
  • यह जांघों और पैरों की मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • मंडूकासन योग छाती और कंधों के लिए बहुत ही लाभदायक है।
  • यदि इस आसन को सही प्रकार से किया जाए तो आपकी पीठ मजबूत हो जायेगी।
  • महिलाओं में मासिक धर्म की ऐंठन के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए इस आसन का नियमित अभ्यास करना लाभकारी होता है।

मंडूकासन योग करने से पहले रखी जाने वाली सावधानियां –

मंडूकासन योग करने से पहले आपको कुछ सावधानियां रखनी आवश्यक हैं तो निचे दी गई हैं। अगर आप इन सावधानियों को अपनायेंगे तो यह आपके लिए काफी लाभदायक होगा।

  • अगर आपकी पेट में चोट लगी है और आपकी पीठ में किसी प्रकार का दर्द है तो इस आसन को आपने नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको किसी भी प्रकार का घुटनों का दर्द है तो यह आसन न करें।
  • अगर आपके पेट में अल्सर है तो आपको इस आसन से दूर रहना चाहिए। क्योंकि इस आसन को करने से पेट में अधिक खिंचाव पढ़ता है।
  • यदि आप उच्च रक्तचाप, माइग्रेन, अनिद्रा जैसे रोगों से ग्रसित हैं तो आप इस आसन को न करें।
  • गर्भवती महिलाओं ने इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • इस आसन का अभ्यास करने से पहले आपको अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए साथ ही किसी अच्छे योग प्रशिक्षिक की सलाह के अनुसार ही इस योग को करना चाहिए।

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