Lemongrass in Hindi | लेमन ग्रास के फायदे और नुकसान

Lemongrass in Hindi — लेमन ग्रास का नाम सुनते ही तो कहीं आप लेमन का अर्थ नीबू और ग्रास से घास से तो नहीं लगा रहे हैं। आपके दिमाग में हरी—हरी घास तो नहीं घूम रही है। यदि हां तो आप जितना सोच रहे हैं यह लेमनग्रास उससे कहीं अधिक हमारे स्वास्थ्य लिए फायदेमंद है।

यहां हम ऐसी—वैसी किसी मामूली घास की बात नहीं कर रहे बल्कि हम बात कर रहे हैं लेमन ग्रास की। यदि आप इसमें पाये जाने वाले औषधीय गुणों के बारे में जानेंगे तो आप बिल्कुल हैरान हो सकते हैं। क्योंकि यह हमारे पूरे शरीर अर्थात सिर से लेकर पैर तक के रोगों के उपचार में सहायक होती है। यदि आप लेमन ग्राम (Lemon grass) के बारे में जानना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं।

हम इस लेख में आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। हम इस लेख में जानेंगे लेमन ग्रास क्या है, लेमन ग्राम के फायदे, लेमन ग्राम से होने वाले नुकसान, Lemon Grass Benefits and Side Effects आदि। तो आइये शुरू करते हैं इस लेख को —

लेमनग्रास क्या है – What is Lemongrass in Hindi

लेमनग्रास दक्षिण—पूर्वी एशिया में पाया जाने वाला एक औषधीय पौधा है। यह बिल्कुल घास की तरह ही दिखता है लेकिन इसकी लम्बाई समान्यतौर पर घास से अधिक होती है। इसको लेमिनग्रास क्यों कहा जाता है इसके पीछे की कहानी यह है कि इस घास से नींबू की जैसी महक आती है। इसकी कारण से इसका प्रयोग चाय में अदरक की जगह भी किया जाता है।

Lemon grass में पाये जाने वाले औषधीय गुण कई प्रकार की बिमारियों के उपचार में सहायता करते हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाये जाते हैं। लेमन ग्रास का प्रयोग आप इसकी चाय बनाकर, या फिर तेल के रूप में भी कर सकते हैं। इसमें करीब 70 प्रतिशत से अधिक तक सिट्रल पाया जाता है इसकी कारण इसमें नींबू जैसी महक आती है।

लेमन ग्रास का प्रयोग आर्युवेद में दवाओं के रूप में किया जाता है इसके साथ ही इसका प्रयोग सौंदर्य उत्पादों को बनाने में भी होता है। यह हमारे लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। इसके बारे में हम आगे के लेख में आपको बताने जा रहे हैं।

लेमनग्रास में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्व – Lemongrass Nutritional Value

लेमनग्रास में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्वों को हम नीचे एक टेबल के रूप में आपकेा बताने जा रहे हैं जहां लेमन ग्रास की प्रति 100 ग्राम मात्रा में कितनी मात्रा उस पोषक तत्व की पाई जाती है उसको दर्शाया गया है।

पोषक तत्वमात्रा
पानी 70.58 ग्राम
कैल्शियम 65 मिलीग्राम
कार्बोहाइड्रेट 25.28 ग्राम
विटामिन ए आईयू 6 आईयू
फोलेट डीएफई 75 माइक्रोग्राम
विटामिन बी6 0.080 मिलीग्राम
विटामिन सी 2.60 मिलीग्राम
फैट 0.48 ग्राम
प्रोटीन 1.82 ग्राम
ऊर्जा 99 कैलोरी
आयरन 8.17 मिलीग्राम
मैग्नीशियम 60 मिलीग्राम
जिंक 2.23 मिलीग्राम
कॉपर 0.266 मिलीग्राम
मैंगनीज 5.223 मिलीग्राम
फास्फोरस101 मिलीग्राम
पोटैशियम723 मिलीग्राम
सोडियम 6 मिलीग्राम
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड 0.119 ग्राम

लेमनग्रास के फायदे – Benefits of Lemongrass in Hindi

1. मधुमेह में लेमनग्रास के फायदे

यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपके लिए लेमनग्रास फायदेमंद हो सकती है। लेमनग्रास एवं इसके फूलों का प्रयोग आयुर्वेद में मधुमेह के उपचार के लिए किया जाता रहा है। क्योंकि इसमें पाये जाने वाले इसके एंटी-डायबिटिक गुण मधुमेह के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत मददगार होता है।

2. वजन कम करने में लेमनग्रास के फायदे

यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो आपके लिए लेमनग्रास फायदेमंद होता है। लेमनग्रास में पाये जाने वाले मूत्रवर्धक गुण के कारण यह शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है जिस कारण से पेशाब के जरिए शरीर में पैदा होने वाले जहरीले पदार्थों को शरीर से बाहर कर देता है। एक रिसर्च से पता चला है कि डिटॉक्सिफिकेशन होने से वजन कम होने में मदद मिलती है। अभी भी इस बात पर शोध चल ही रहा है​कि लेमनग्रास से वजन कम होने वाले मदद मिलती है। फिर यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो आप लेमनग्रास को प्रयोग कर सकते हैं।

3. कोलेस्ट्रोल में लेमनग्रास के लाभ

यदि आपके शरीर में कोलेस्ट्रोल अधिक बढ़ जाय तो आपको हृदय रोग होने के खतरे के साथ ही स्ट्रोक आ सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आप लेमनग्रास का प्रयोग कर सकते हैं इसमें मिलने वाले इसके औषधीय गुण शरीर में कोलेस्ट्रोल के स्तर नियंत्रित करने का काम करते हैं। एक शोध से पता चला है कि यदि आप नियमित लेमनग्रास एवं इसके तेल का प्रयोग करते हो तो आपके रक्त में कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में मदद मिलती है।

4. कैंसर में लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास में पाये जाने वाले गुण कैंसर के उपचार में भी लाभदायक होते हैं। क्योंकि लेमन ग्रास एवं इसके तेल में एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं। इसकी कारण से यह कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है साथ ही यह इसे समाप्त भी करता है जिससे कैंसर का खतरा कम हो जाता है। इसके अतिरिक्त आप कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करने के लिए लेमनग्रास की चाय का भी प्रयोग कर सकते हैं।

5. गठिया में लेमनग्रास के लाभ

यदि आप रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) रोग से ग्रसित हैं तो आपके लिए लेमनग्रासम फायदेमंद हो सकती है।  रूमेटाइड अर्थराइटिस रोग में जोड़ों में दर्द, अकड़न और सूजन आने लगती है। यह समस्या 35 से 60 साल के बीच होना शुरू हो जाती है। यदि आप या आपके परिवार में कोई गठिया की बिमारी से परेशान हैं तो आप इसके लिए उन्हें लेमन ग्रास तेल के प्रयोग की सलाह दे सकते हैं यह उनके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसका कारण है उसमें पाया जाने वाला एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण। यह गुण गठिया के रोग में आराम दिलाने का काम करता है। आप आराम पाने के लिए लेमनग्रास के तेल की मालिस उस प्रभावित हिस्से में कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

6. पेट के लिए लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास का प्रयेाग आप अपनी पाचन शक्ति को बढ़ाने में कर सकते हैं। इसमें पाया जाने वाला एंटी-ऑक्सीडेंट गुण आपको ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है और इसके अतिरिक्त यह पेट के अल्सर एवं पेट से जुड़ी अन्य बिमारियों के उपचार में भी मदद करता है। यदि आपको पाचन से जुड़ी समस्या है तो आपको अपने भोजन में लेमनग्रास टी को शामिल करना चाहिए।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाये जाते हैं जो कई प्रकार के संक्रमण से आपके शरीर को बचाने में मदद करते हैं। इसके अतिरक्त लेमनग्रास में प्रचूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। यदि आप नियिमत लेमनग्रास का प्रयोग करते हैं तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।

8. मुंहासों में लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास कई प्रकार के रोगों के अतिरिक्त मुहासों के उपचार में भी लाभकारी होता है। इसमें पाये जाने वाले एंटी बैक्टीरियल गुण एवं एंटी फंगल गुण आपको पिंपल फ्री एवं बेदाग त्वचा पाने में मदद करता है। लेमनग्रास त्वचा में संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं से लड़ने और उन्हें खत्म करने में मदद करता है।

लेमनग्रास का कैसे उपयोग करें – How to Use Lemon Grass

आगे हम जानेंगे की लेमनग्रास का प्रयोग कैसे करें। लेमनग्रास का स्वाद बिल्कुल नींबू की तरह ही होता है। इसका प्रयोग कॉन्टिनेंटल एवं थाई खाना बनाने में बहुत किया जाता है। आप लेमनग्रास का प्रयोग कई प्रकार से कर सकते हैं जो नीचे दिया गया है —

  • आप लेमनग्रास का प्रयोग ग्रीन टी की तरह भी कर सकते हैं। चाय में आप अदरक के स्थान में लेमनग्रास का प्रयोग कर सकते हैं।
  • आप लेमनग्रास का का सूप बनाकर भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • आप लेमनग्रास को टमाटर के सूप में थोड़ी मात्रा में डालकर भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • चिकन बनाने में आप लेमनग्रास की थोड़ी मात्रा का प्रयोग कर चिकन का स्वाद बढ़ा सकते हैं।
  • लेमनग्रास का प्रयोग आप आइस्ड लेमनग्रास टी में कर सकते हैं।
  • लेमनग्रास की आप सब्जी या पेस्ट बना सकते हैं।
  • आप इसको सुबह या शाम कभी भी खा सकते हैं।
  • यदि आप लेमनग्रास की चाय बना रहे हैं तो आप उसमें एक या दो पत्ति का प्रयोग कर सकते हैं।

लेमनग्रास से होने वाले नुकसान – Side Effects of Lemon Grass in Hindi

ऐसा कभी नहीं देखा गया है कि लेमनग्रास के कोई साइड इफैक्ट होते हैं इसको तो बहुत ही सुरक्षित माना जाता है। परन्तु यदि आप इसकी अधिक मात्रा का प्रयोग कर लेते हैं तो आपको कुछ परेशानी झेलनी पड़ कसती है। इससे कुछ लक्षण आपके नीचे दिये गये हैं अगर आपकेा कुछ ऐसे लक्षण दिखे तो आपको तुरन्त लेमनग्रास का सेवन छोड़कर अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें।

  • सर घूमना
  • चक्कर आना
  • उल्टी या मतली आना
  • भूख लगना
  • मुंह का सूखा रहना
  • अधिक प्यास लगा
  • बार—बार पेशाब आना
  • कमजोरी एवं थकान
  • त्वचा पर जलन और लाल चकत्ते निकलना
  • आंखों में जलन होना

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