कुट्टू का आटा खाने के फायदे | Kuttu Benefits and Side Effects in Hindi

हमारे देश में व्रत एवं त्योहारों में लोग कुट्टू के आटे से बनी रोटी, पूड़ियां एवं पकौड़ों का सेवन करते हैं। गेहूं की तरह यह ही यह एक प्रकार  अनाज है, जो प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, और फाइबर से भरपूर होता है इसी कारण से यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

इसी कारण से हैल्थरेवा के इस लेख में कुट्टू के आटे के बारे में आपको पूरी जानकारी देंगे। जैसे — कुट्टू का आटा क्या होता है, कुट्टू के फायदे, और इससे होने वाले नुकसान — Buckwheat Benefits and Side Effects in Hindi, kuttu ke fayde aur nuksan

Table of Contents

कुट्टू क्या होता है — What is a kuttu in Hindi

कुट्टू एक जंगली पौधा है। इसे बकव्हीट (Buckwheat) के नाम से जाना जाता है। यह पोलीगोनेसिए (Polygonaceae) परिवार से है और इसका वैज्ञानिक नाम फैगोपाइरम एस्कलूलेंट है। इसके बीजों से ही कुट्टु का आटा बनाया जाता है। इसकी गिनती ग्लूटेन फ्री आहार में भी कि जाती है इसी कारण से इसको सीलिएक के रोगियों के लिए इसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा कुट्टू कई सारे औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है।

कुट्टू के पौष्टिक तत्व – Kuttu Nutritional Value in Hindi

कुट्टू में पाए जाने वाले पोषक तत्व कुछ इस प्रकार हैं —

  • पोषक तत्व          
  • एनर्जी   
  • प्रोटीन   
  • वसा       
  • कार्बोहाइड्रेट         
  • फाइबर  
  • विटामिन बी 6
  • कैल्शियम            
  • आयरन
  • मैग्नीशियम
  • फास्फोरस           
  • पोटैशियम           
  • सोडियम               
  • जिंक     
  • कॉपर    
  • मैग्नीज
  • नियासिन             
  • फोलेट   
  • फैटी एसिड

कुट्टू के फायदे – Benefits of kuttu in Hindi

कुट्टू के आटे के फायदे नीचे आपको विस्तार से बताये गये हैं। मगर यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह किसी भी प्रकार की बिमारी का सम्मपूर्ण उपचार नहीं है यह सिर्फ उपचार में मदद कर सकता है।

Kuttu ke fayde

  • कुट्टू के आटे का लाभ वजन करने में हो सकता है। एक शोध से पता चला है कि यदि इसका सेवन किया जाय तो इससे वजन कम हो सकता है क्योंकि फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होने के कारण इससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं। साथ ही  कूट्टू में कैलोरी, संतृप्त वसा और कोलेस्ट्रॉल बहुत कम मात्रा में होता है, जिससे वेट लूज में मदद मिलती है।
  • स्तन कैंसर में कूट्टू का प्रयोग फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार फाइबर से भरपूर अनाज खाने से स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है और कूटू में फाइबर की प्रचूर मात्रा होती है। इसके अतिरिक्त कूट्टू में एंटी-ट्यूमर गुण भी पाये जाते है, जो स्तन कैंसर को बढ़ाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करती है।
  • कूट्टू में प्रचूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जो डायबिटीज अर्थात मधुमेह में फायदेमंद हो सकता है। एक शोध के अनुसार भोजन में फाइबर रक्त शर्करा के स्तर को बहुत तेजी से बढ़ने से रोक सकता है। इसके साथ ही कूट्टू में एंटीडायबिटिक गुण पाया जाता है जो टाइप—2 प्रकार के मधुमेह के नियंत्रण में सहायक हो सकता है।
  • कुट्टू में पाई जाने वाली प्रोटीन की मात्रा पित्त में मौजूद पथरी के गठन और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकती है। कुट्टू के प्रयोग से शरीर में बाइल एसिड का निर्माण होता है, जिस कारण पित्त की पथरी से छुटकारा मिल सकता है।
  • कूट्टू रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है। क्योंकि कूट्टू के आटे में मौजूद मैग्नीशियम रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाकर रक्त प्रवाह में सुधार कर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसे में रक्तचाप को नियंत्रित रखने में कूट्टू फायदेमंंद हो सकता है।
  • ह्रदय स्वास्थ्य के लिए कूट्टू के फायदे देखे जा सकते हैं। एक शोध में पाया गया है कि कूट्टू का सेवन शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉल और सूजन को कम कर दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त कूट्टू के आटे में पाये जाने वाले पोषक तत्व शरीर में एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वहीं कूट्टू में मौजूद रुटिन नामक कंपाउड ह्रदय को स्वास्थ्य बनाए रखने मदद करता है।
  • हड्डियों के विकास के लिए कुट्टू का आटा फायदेमंंद हो सकता है। एक शोध में यह पता चला है कि कूट्टू  के आटे में मौजूद मैगनीज हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके अतिरिक्त ऑस्टियोपोरोसिस नामक हड्डियों में होने वाली बीमारी का जोखिम भभी कम करने में मदद कर सकता है।
  • कूट्टू का सेवन अस्थमा के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकता है। कूट्टू के सेवन से बच्चों में अस्थमा के खतरे को 50 से 60 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इसका कारण है इसमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम और विटामिन ई। यह दोनों बच्चों में अस्थमा के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।
  • कूट्टू का सेवन कब्ज की समस्या में राहत दिलाता है। कूट्टू में पाया जाने वाला प्रचूर मात्रा में फाइबर पाचन को दुरुस्त कर कब्ज की परेशानी को दूर कर सकता है। इस कारण से यह कहा जाता सकता है कि कूट्टू का आटा कब्ज की समस्या से बचाव में लाभकारी हो सकता है।
  • स्वास्थ्य के साथ ही कूट्टू त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। यह पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है जिससे यह त्वचा के स्वास्थ्य के​ लिए लाभदायक होता है। कूट्टू में रूटीन (rutin) नामक तत्व पाया जाता है, जो त्वचा को सूरज की पराबैंगनी किरणों से सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है। इसी कारण से इसे प्राकृतिक सनटैन लोशन माना जा सकता है। इसके अतिरिक्त इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट समय से पहले त्वचा पर होने वाली झुर्रियों से भी बचाने में मदद करता है।
  • त्वचा के अलावा कूट्टू बालों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इसमें पाये जाने वाले विटामिन-ए, विटामिन-बी और जिंक बालों को तेजी से बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त यदि आपको बाल गिरने की समस्या है तो इसका प्रयोग बालों को झड़ने से रोकने के लिए भी किया जा सकता है। क्योंकि कूट्टू  में अमीनो-एसिड पाया जाता है जो बालेां को गिरने से रोकता है।

कुट्टू का उपयोग – How to Use kuttu in Hindi?

कुट्टू के आटे से कई प्रकार के व्यंजन बनाए जा सकते हैं। जो स्वादिष्ट के साथ ही स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हाे सकते हैं।

  • कुट्टू के आटे का प्रयोग आमतौर पर नवरात्र के दौरान व्रत में किया जाता है।
  • कुट्टू के आटे का उपयोग रोटी, पराठे, पूड़ियां व पकौड़े बनाने में किया जाता है।
  • कुट्टू के आटे से इडली भी बनाई जा सकती है जो स्वादिष्ट के साथ ही पोष्टिक भी होती हैं।
  • कुट्टू के आटे का हलवा भी बना सकते हैं।

कुट्टू से होने वाला नुकसान – Side Effects of Kuttu in Hindi

वैसे तो कुट्टू के कोई नुकसान नहीं हैं, लेकिन फिर भी इसे अधिक मात्रा में उपयोग करने पर निम्न प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं :

  • आपको कुट्टू के आटे के सेवन से त्वचा की एलर्जी हो सकती हैै।
  • कुट्टू के अधिक प्रयोग से त्वचा पर रैशेज और सूजन भी हो सकती है।
  • कुट्टू के आटे को ज्यादा दिनों तक नहीं रखा जाता है क्योंकि यह एक महीने में ही खराब हो जाता है। इसको खाने से आपकेा नुकसान हो सकता हैं
  • कुट्टू में पाये जाने वाले अधिक फाइबर से आपको कब्ज की बिमारी हो सकती है अत: आपको इसका प्रयोग एक निश्चित मात्रा में ही करना चाहिए।
  • कुट्टू में पोटैशियम की भी अधिक मात्रा होती है। अत: इसकी कारण से इसके अधिक सेवन से हाइपरकलेमिया हो सकता है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी, पैरालाइसिस और दिल की धड़कन बंद होने का खतरा रहता है।

हमने आपको उपर बताया कि कुट्टू क्या है और स्वास्थ्य के लिहाज से ये कितना फायदेमंद है, आपको इस लेख के माध्यम से यह पता चल ही गया होगा। इसके फायदों के साथ ही ससे होने वाले नुकसान भी पता चल गये होंगे। इसक कारण से आप जब भी इसका प्रयोग करेंगे तो इसको एक निश्चित मात्रा में सेवन करेंगे जिससे आपको इसका अधिक से अधिक लाभ ​प्राप्त हो सकें यदि आपको यह लेख अच्छा लगा तो इसको अपने दोस्तों के साथ अवश्य ही शेयर करें।

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