कुक्कुटासन योग करने की विधि और फायदे – Kukkutasana Steps And Benefits In Hindi

Kukkutasana in Hindi-कुक्कुटासन योग की एक मुद्रा है जिसको उन्नत संतुलन योग की श्रेणी में रखा गया है।

हर एक व्यक्ति की पहली चाहत यही होती है कि वह स्वस्थ्य बना रहे उसका शारीरिक ढांचा सुदृढ़ और सुन्दर दिखे।

परन्तु वर्तमान समय में वक्त की कमी के चले यह होना असम्भव जैसा प्रतीत होता है परन्तु इसके लिए योग सबसे सरल उपाय है।

योग आपको स्वस्थ रखने के साथ ही आपके शरीर को सेप में रखने में सहायक भी है।

योग में कई प्रकार के आसन होते हैं और उसमें से अपने को स्वस्थ और फिट रखने के लिए कुक्कुटासन एक अच्छा और सरल आसन है|

कुक्कुटासन के लिए पैरों में लचीलेपन की आवश्यकता होती है।

यह आसन हाथ और कंधों को मजबूत करने के साथ ही उन्हें लाभ पहुंचाता है।

कुक्कुटासन मूलाधार चक्र को जागृत करता है साथ ही इसका प्रयोग अपनी कुंडलिनी शक्ति को जगाने के लिए भी किया जाता है।

जब शरीर में इस आसन द्वारा उर्जा का संचार होता है तो शरीर में पैदा होने वाले आलस्य व कमजोरी गायब हो जाता है।

यह मुद्रा कठिन है इस मु्द्रा को सही तरह से पूरा करने के लिए हाथों की अथा की जरूरत पड़ती है।

कुक्कुटासन आसन को सही प्रकार से करने के लिए वर्षों के अभयास व प्रशिक्षण, शारीरिक शक्ति और मानसिक संयम की आवश्यकता होती है।

आगे के लेख में हम कुक्कुटासन योग के बारे में विस्तार पूर्व बताने जा रहे हैं।

What is Kukkutasana in Hindi

Table of Contents

कुक्कुटासन क्या है – What is Kukkutasana in Hindi

हमारे देश में वर्षों से ऋषिमुनी योगासनों का प्रयोग अपने को स्वस्थ्य करने के लिए करते रहे हैं। उन्हीं योगासनों से एक है कुक्कुटासन

इस आसन का नाम संस्कृत भाषा से लिए गया है। कुक्कुटासन शब्द को दो शब्दों से जोड़ कर बनाय (कुक्कुट+आसन) गया है।

कुक्कुटासन का पहला शब्द “कुक्कुट” है जिसका शाब्दिक अर्थ मुर्गा होता है और दूसरा शब्द “आसन” है जिसका शाब्दिक अर्थ मुद्रा या स्थिति होता है।

इसक योग को करने के लिए व्यक्ति को मुर्गे की तरह ही करना होता है।

अर्थात अपने पैरों को मोड़कर हाथों के बल से जमीन के उपर उठने की कोशिश करना।

इसमें करने वाले दो पैरों में मुर्गे की तरह उठा सा लगता है इसलिए इसका नाम कुक्कुटासन रखा गया।

कुक्कुटासन को अंग्रेजी भाषा में रोस्टर पोज कहते है।

इस योग का सम्पूर्ण उल्लेख हमारे ग्रंथों हठ योग प्रदीपिका और घेरंडा संहिता में किया गया है।

यह एक कठिन आसन है जिसे सही प्रकार से करने के लिए हाथों की ताकत की जरूरत होती है।

यह आसन हमारे शरीर के संतुलन लिए बहुत लाभदायक है साथ ही यह कन्धा, बांह, कोहनी इत्यादि लिए महत्वपूर्ण योगाभ्यास भी है।

कुक्कुटासन करने से पहले से पहले की तैयारी – Kukkutasana se Pahale ki Tayari in Hindi

कुक्कुटासन को करने से पहले कुछ उससे जुड़े हुए आसनों को कर लेना चाहए जिससे इस आसन के लिए आप तैयार हो जायें। उन आसनों को नीचे दिया गया है —

  • पद्मासन योग या कमल मुद्रा
  • शीर्षासन योग
  • ताड़ासन योग
  • बकासन योग

कुक्कुटासन करने करने की विधि – Steps to do Kukkutasana in Hindi

अगर आप कुक्कुटासन पहली बार कर रहे हैं तो यह आपको कठिन लग सकता है, परन्तु लगातार अभ्यास करने से आपको यह आसान लगने लगेगा।

नीचे इसको किस प्रकार किया जाता है वह दिया गया है —

  1. सबसे पहले स्वच्छ-साफ व हवादार जगह पर चटाई या योगा मैट को बिछा कर बैठ जाएं।
  1. पर ध्यान रहे की आपको योग की पद्मासन अवस्था में ही बैठना है।
  1. इसके पश्चात अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़कर अपने बाएं पैर की जांघ पर रखें और बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाईं पावं की जांघ पर रखें।
  1. उपरोक्त दी गयी अवस्था में बैठने के बाद आप अपने दोनों हाथों को अपनी जांघों और पिंडलियों के बीच से डालें।
  1. पद्मासन की स्थिति में बैठे हुए अपने दाएं हाथ को दायीं जांघ और पिंडली के बीच से डालकर अपने हाथ को फर्श तक पहुंचाना है।
  1. उपरोक्तानुसार जैसे दाएं हाथ से किया है वैसे ही अपने बायें हाथ से बायीं जांघ और बायीं पिंडली के बीच से डालकर नीचे फर्श तक पहुंचाना है।
  1. इसके पश्चात अपने दोनों हाथों को दोनों जांघों व पिंडलियों के बीच से निकालना है और अपनी कोहनी तक के हिस्से को बाहर निकालना है।
  1. अपने हाथों की दोनों हथेलियों को फर्श पर एक दूसरे से लगभग 4 इंच की दूर पर अच्छी तरह से रख लें।
  1. अब दोनों हाथों को फर्श पर टिकाने के बाद अच्छी तरह से अपने शरीर का संतुलन बनाते हुए अपने कूल्हों और पैरों को फर्श से ऊपर उठा लेना है।
  1. जब आपका शरीर पूरी तरह से ऊपर उठ जाए तो इस स्थिति में आपको 40 सैकेंड से 2 मिनट जैसी आपकी क्षमता हो तक रहें इसके पश्चात धीरे–धीर अपनी सामान्य स्थिति में आ जाएं। कुछ समय बाद इसे दुबारा से दोहराना है। ऐसा आपको 5 से 6 बार करना है।
  1. इस आसन को करने समय जब आप अपने शरीर को पूरी तरह से ऊपर उठाते हैं तब आपको सांस छोड़ना चाहिए| शरीर को नीचे लाते हुए आपको श्वास छोड़नी चाहिए।

नये व्यक्तियों के लिए कुक्कुटासन करने की प्रारंभिक टिप – Beginner’s Tip to do Kukkutasana in Hindi

अगर आप पहली बार योग का अभ्यास शुरू कर रहे हैं तो आपको कुक्कुटासन करने से पहले दूसरे योगों का अभ्यास करना चाहिए जेसे पद्मासन व बकासन।

इन योगों का अच्छी तरह से अभ्यास करने के पश्चात ही आपको कुक्कुटासन करना चाहिए

इस आसन को करते समय आपको दोनों हाथों पर संतुलन बनाते समय विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि अगर आपको संतुलन किसी कारण से बिगड़ गया तो आपको गंभीर चोट लग सकती है।

कुक्कुटासन करने से पहले यह सावधानी रखें – Precautions to do Kukkutasana in Hindi

कुक्कुटासन करना हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। परन्तु इस योग मुद्रा को करने के समय विशेष सावधानी रखनी पड़ती हैं जो निम्न है—

  • जो लोग हृदय संबंधी बिमारियों से ग्रसित हैं उन्हें कुक्कुटासन नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपके हाथों में दर्द रहता है तो भी आपको इस आसन से दूर रहना चाहिए।
  • यद आपको कंधों में दर्द रहता है तो आपको कुक्कुटासन नहीं करना चाहिए अन्यथा आपकी तकलीफ बढ़ सकती है।
  • अगर आपको कोहनी मोड़ने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है या फिर कोहनी से सम्बन्धित रोग हैं तो आपको इस आसन को नहीं करना चाहिए।
  • कुक्कुटासन करने से पहले आपको यह विशेष ध्यान रखना चाहिए कि भोजन और योग के बीच कम से कम 4 घंटों का अंतराल होना चाहिए। ऐसा न होने पर यह योग न करें।
  • आपकी कलाई की नसों में रक्त प्रवाह की समस्या है तो आपको इस योग को नहीं करना चाहिए।

कुक्कुटासन करने फायदे – Benefits Of The Kukkutasana in Hindi

कुक्कुटासन के हृदय स्वास्थ्य में फायदे – Kukkutasana for Cardiovascular Health in Hindi

ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए कुक्कुटासन को योग्य माना जाता है। कई प्रकार की योग की पुराने ग्रंथों में यह बताया गया है कि कुक्कुटासन दिल के दौरे और उच्च कोलेस्ट्रॉल आदि को होने के जोखिम को कम करता है।

जो भी व्यक्ति इस आसन को करना है उसमें रक्त प्रवाह सुचारू रूप से बढ़ता है और हमारा हृदय रहता है और साथ ही इसके कारण धमनियां कोलेस्ट्रॉल के निर्माण से मुक्त रहती हैं।

कुक्कुटासन पाचन क्षमता को बढ़ाने में फायदेमंद – Kukkutasana for Improves Digestion Ability in Hindi

कुक्कुटासन का निरन्तर करना आपके पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हो सकता है।

इसको करने से कब्ज जैसे समस्याओं को रोकने में मदद मिलती है।

इस आसन को करने से पेट के विभन्न भागों में दबाव पड़ता है जिससे पाचन रस व एंजाइम को अधिक मात्रा में उत्पन्न होने में सहायता होती है।

ऐसा होने से किया गया भोजन आसानी से पच जाता है जिससे आपको उत्तम स्वास्थ्य की अनुभूति होती है।

कुक्कुटासन हाथ और कंधे के लिए फायदेमंद – Kukkutasana for Strengthens Your Arms and Shoulder in Hindi

कुक्कुटासन को नियमित रूप से करने से हाथ और कंधे मजबूत होते हैं।

कुक्कुटासन पेट, छाती, हाथ और कंधे ही नहीं सम्पूर्ण शरीर का व्यायाम करता है।

जिससे इन भागों में रक्त के प्रवाह सही करने में मदद मिलती है इससे मांसपेशियां मजबूत और स्वस्थ्य रहती है।

कुक्कुटासन क नियमित अभ्यास से पेट, छाती, हाथ और कंधे में होने वाली नियमित पीड़ा अर्थात दर्द का भी निवारण हो जाता है।

कुक्कुटासन से पेट कम करने के फायदे – Kukkutasana yoga ke fayde pet kam kare in Hindi

वर्तमान समय में कम गलत खान पान व व्यायाम की छूटती आदत से हमारे पेट बढ़ता जा रहा है इसका मुख्य कारण पेट में जमा चर्बी है।

इस चर्बी को को घटाने के लिए कुक्कुटासन बहुत ही फायदेमंद है।

अगर आप अपना वजन करना चाहते हैं तो आपको रोजाना इस योग का अभ्यास करना चाहिए।

क्योंकि कुक्कुटासन आपके पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालता है।

जिससे आपके पेट में जमा हो रही चर्बी कम होती है। और आपका पेट कम होता है और आपका वजन भी घटता है।

कुक्कुटासन भूख को बढ़ाने मैं फायदेमन्द — Poultry is beneficial in increasing appetite

दिनभर की दौड़ भाग में हम खाना हीं भूल जाते हैं और धीरे धीरे हमें भूख-प्यास ना लगने की समस्या होत जाती है।

भूख न लगने को मेडिकल की भाषा अरूची होना या एनोरेक्सिया (Anorexia) कहा जाता है।

अगर आप इस रोग से पीड़ित हैं या फिर आपको ऐसा अहसान होता है क भूख कम लग रही है तो आपको इस योग को प्रति दिन करना चाहिए यह आपकी भूख को बढ़ाने में मदद करता है।

कुक्कुटासन के अन्य फायदे :-

  • इस योग को करने से हाथों, कोहनी और कंधे मजबूत होते हैं |
  • शरीर से आलस व कमजोरी दूर हो जाती है।
  • इसको नियमित करने से छाती चौड़ी होती है |
  • इसको करने से हमारे शरीर का संतुलन और हमारी एकाग्रता में भी सुधार होता है।
  • महिलाओं को मासिक धर्म के समय पीठ में होने वाला दर्द अर्थात बैक पेन नहीं होता है।
  • इस आसन को करने से शरीर सुदृढ़ होता है।
  • नींद जल्दी खुलने में भी मदद करता है।

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