कौंच बीज के नुकसान – Kaunch Beej Ke Nukshan

Kaunch Beej Ke Nukshanकौंच बीज के नुकसान से ज्यादा इसके हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदे हैं। ऐसा सम्भव हो सकता है कि आपने इसके बारे में सुना न हो।

कौंच बीज को एक आयुर्वेदिक दवा है इसे केवांच भी कहा जाता है।

कौंच मस्तिष्क से जुड़ी हुई परेशानियों से तो मुक्त दिलाता ही है साथ ही यह पुरुषों में बांझपन होने की तकलीफ में भी फायदेमंद होता है।

इस आयुर्वेदिक दवा का प्रयोग कामोद्दीपक औषधी के रूप में भी करा जाता है।

कौंच को इसके सेम के आकार के कारण मखमली सेम भी कहा जाता है। कौंच बीज पुरूषों की यौन शक्ति को बढ़ाने में लाभदायक होते हैं।

इस लेख में हम आपको कौंच के नुकसान के साथ ही इससे होने वाले फायदों के बारे में आपको बतायेंगे।

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कौंच के बीज के नुकसान–Kaunch Beej Ke NukshanSide Effects of Kaunch Beej in Hindi

वैसे तो आमतौर पर कौंच बीज को सभी प्रकार से सुरक्षित माना गया है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। पर इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जिनके बारे में हम यहां आपको बताने जा रहे हैं :

  • तनाव, पागलपन व अन्‍य मानसिक रोगों से ग्रसित व्यक्ति को कौंच बीज का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आपको पहले से ही कोई दिमाग से सम्बन्धित बिमारी हो तो इसके प्रयोग से पहले किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह अवश्य कर लेनी चाहिए।
  • अगर आप कौंच बीज का जरूरत से ज्यादा प्रयोग कर रहे हैं तो वजन कम होने की व कमजोरी की समस्या पैदा हो सकती है अत: इसको नियंत्रित मात्रा में ही प्रयोग में लाना चाहिए।अधिक प्रयोग करने से आपको दस्त व पेचिश की  परेशानी हो सकती है।
  • महिलाओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि अगर वह गर्भवती हैं या अपने छोटे बच्चे को स्तनपान कराती हैं तो इसका सेवन न करें क्योंकि स्‍तनपान के लिए आवश्‍यक प्रोलैक्टिन की मात्रा को यह कम कर देता है। अत: अगर आप इसका प्रयोग कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से इस बारे में सलाह अवश्य करें।
  • अगर आपको कोई पुरानी बिमारी है या आप किसी अन्य बिमारी से जूझ रहे हैं तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
  • कौंच बीज शरीर में एल—डोपा द्वारा मेलेनिन बनाने का काम करता है। यह हमारे लिए हानिकारक नहीं हैं लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह त्‍वचा कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है। अत: इससे बचने के लिए एल—डोपा को नियंत्रित रखना आवश्यक होता है।
  • कौंच बीज के प्रयोग से उल्टी होना, दिल की धड़कन का अनियमित होना व भूख कम लगने की समस्या हो सकती है।
  • यह ध्यान रखना आवश्यक है कि इसका प्रयोग बच्चों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इसके प्रयोग से बच्चों के स्वास्थ्य में विपरीत प्रभाव पढ़ सकता है।
  • डायबिटीज या मधुमेह के रोगी कौंच बीज का प्रयोग कर सकते हैं किन्तु अगर आपकी दवा चल रही है तो आपको अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य करनी चाहिए।
  • अगर आप कौंच बीजों का प्रयोग कर रहे हैं तो आपको इसके प्रयोग के साथ क्या नहीं खाना चाहिए इसके लिए किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह अवश्य करनी चाहिए क्योंकि इसके प्रयोग के साथ खाने में ज्यादा मसालों के लिए मना किया जाता है।

यह ध्यान देने योग्य बात है कि कौंच बीज किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाते हैं जब तक आप इसका प्रयोग सही प्रकार से कर रहे है।

अगर फिर भी इसके प्रयोग से आपको कुछ दिक्कत हो रही हो तो इसके लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेन चाहिए।

कौंच बीज के नुकसान के बारे में तो हमने जान लिया पर इसके नुकसान से ज्यादा इसके फायदे हैं।

अत: हमें कौंच बीज क्या हैं और इसके हमारे लिए क्या फायदे हैं यह जानना चाहिए। इस लेख में आगे को हम इसके फायदों के बारे में भी जानेंगे।

कौंच बीज क्या है? What is Kaunch Beej in Hindi?

कौंच बीज का वानस्पतिक नाम मुकुना प्रुरियंस है। इसके अलावा कौंच बीज को अलग—अलग भाषा में कई नामों से जाना जाता हैं जैसे — कपिकच्छु, किवांच, काउहैज, कोवंच, अलकुशी, कौंचा व मखमली सेम आदि।

वर्षो से कौंच के पौधें के पत्ते, जड़ व बीज प्रयोग आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है। कौंच का पौधा भारत के मैदानी क्षेत्रों में पाया जाता है।

यह एक बेल नुमा पौधा है। इसकी लम्बाई 10 से 13 फीट लंबी तक हो सकती है। इसमें बैगनी रंग के फूल होते हैं।

जिनकी लम्बाई 5 से 10 सेमी होती है। इसमें सेम के पौधे के समान ही फलियां लगती हैं। फलियों में लगे बीजों का आकार अंडाकार व रंग काला व सफेद होता है।

कौंच (कपिकच्छु) के सम्पूर्ण पौधे अर्थात इसके बीज, पत्ती, जड़ सभी का प्रयोग आयुर्वेद औषधी के रूप में किया जाता है जिसमें इसकी शक्तिशाली कामोत्तेजक प्रकृति और शरीर को सन्तुलित रखने के गुण होते हैं।

कौंच के बीज के पौष्टिक तत्व – Kaunch Beej Nutritional Value in Hindi

कौंच बीज में विभिन्न प्रकार के पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं। जिनमें कैल्शियम, पोटैशियम, सोडियम, कॉपर, मैग्नीशियम, फास्फोरस, जिंक, नियासिन व आयरन मुख्य हैं।

ये समस्त तत्व हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करते हैं।

कौंच के बीज के फायदे – Benefits of Kaunch Beej (Mucuna Pruriens) in Hindi

यहां हम कौंच बीज के सम्पूर्ण फायदों को तो नहीं बता सकते हैं पर इस लेख में हम आपको इसके कुछ विशेष गुणों को बताने जा रहे हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

टेस्‍टोस्‍टेरान को बढ़ाए कौंच बीज के गुण  –

टेस्‍टोस्‍टेरोन का निर्माण महिलाओं व पुरुषों में समान रूप से कामेच्‍छा और यौन प्रदर्शन इसकी महत्‍वपूर्ण  भूमिका होती है।

महिलाओं में पुरूषों के अनुरूप टेस्‍टोस्‍टेरोन का निर्माण कम मात्रा में होता है।

यह यौन संबंध और इसकी इच्‍छा के लिए जरूरी  हार्मोन है। कौंच बीज कामोद्दीपक का कार्य करता है, क्‍योंकि इसमें प्रोलैक्टिन नामक हार्मोन होता है तो कामोद्दीपक के लिए जरूरी है।

इसके अलावा प्रोलैक्टिन प्रजनन, चयापचय  कार्यों के लिए भी लाभदायक है।

महिलाओं में टेस्‍टोस्‍टेरोन बहुत ही कम होती है लेकिन एस्‍ट्रोजन के कारण इसकी मात्रा शरीर में बढ़ भी सकती है।

महत्वपूर्ण यह है कि प्रोलैक्टिन फंक्‍शन को उत्तेजित करने वाली दवा का एक प्रभाव यह भी पढ़ता है कि इससे पुरुषों में नपुंसकता का प्रभाव बढ़ सकता है और महिलाओं में कामेच्छा कम होने की सम्भावना रहती है।

कौंच बीज में एल-डोपा की प्रचूर मात्रा पाई जाती है जो प्रोलैक्टिन की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरोन को बढ़ाने में मदद करता है।

अच्छी नींद के लिए कौंच बीज

अगर आपकी नींद पूरी नहीं होती है तेा आपका स्वास्थ्य खराब होने की सम्भावना रहती है इससे न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक परेशानियां भी पैदा होती हैं।

सभी के 6 से 8 घण्टे की नीदं लेना जरूरी है। आगर आपको भी नींद न आने की समस्या है तो आपको सफेद मूसली और कौंच बीज को साथ में खाना चाहिए। इससे आपको अनिद्रा से राहत मिलेगी।

दमा के लिए कौंच

धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण दमें की बिमारी होने का खतरा रहता है। यह बिमारी किसी को भी हो सकती है।

अगर समय से इसका इलाज न कराया जाय तो यह गम्भीर रूप ले लेता है।

अगर आपको ऐसी परेशानी मसूस हो रही हो तो ऐसे में आपको कौंच बीज का सेवन करना चाहिए इसके प्रयोग से आपको लाभ होगा।

यह एक एंटी-हिस्टामिनिक की तरह कार्य करता है और किसी भी प्रकार की एलर्जी से बचाता है।

आयुर्वेद में कौंच बीज को दमा के ​इलाज के लिए कई वर्षो प्रयोग किया जा रहा है।

अत: आपको अगर दमें की बिमारी हो ता आपको कौंच बीज का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

कौंच पाक के फायदे सेक्स टाइम बढ़ाने के लिए

कौंच बीज यौन क्रिया के लिए बहुत ही गुणकारी होती है। थकान, यौन इच्‍छा की कमी को दूर करने के लिए कौंच बीजों का प्रयोग किया जा सकता है। 

कौंच बीज शरीर में टेस्‍टोस्‍टेरोन के स्‍तर को नियंत्रित रखने और शारीरिक हार्मोन थायरॉइड को बनाने में मदद करने के साथ ही सेक्‍स टाइम को बढ़ाने में भी मदद करता है।

डायबिटीज के लिए कौंच के बीज

वर्तमान समय में डायबिटीज की समस्या आम हो चुकी है। यह बजुर्गो को ही नहीं हर उम्र में होने लगी है।

यहां तक की यह बच्चों में भी देखी जा रही है। अगर आपको डायबिटीज है तो आपको शरीर में दर्द के साथ ही किडनी से जुड़ी कई बिमारियां हो सकती हैं।

इस स्थिति से बचने के लिए इस पर ध्यान देना जरूरी है।

इसके लिए आप कौंच बीज का प्रयोग कर सकते हैं यह डायबिटीज में  फायदेमंद साबित हो सकती है।

इसके प्रयोग से मधुमेह या डायबिटीज के रोग से मुक्ति मिलती है।

मांसपेशीयों के विकास में कौंच बीज के फायदे  

कौंच बीज हमारे शरीर में डोपोमाइन की मात्रा को बढ़ाकर मांसपेशियों को बनाने की गती को तेज कर देती है।

जिससे हमारे शरीर में मांसपेशियों को विकास तेजी से होता है। कौंच बीज को बढ़ती उम्र के हार्मोन के नाम से भी जानते हैं।

कौंच बीज में मौजूदउपस्थित एचजीएच फैट को कम करने में मदद करता है और जवान दिखने में मदद करता है।

मांसपेशियों के विकास से हमारी त्वचा भी सुन्दर हो जाती है।

कमर में दर्द में कौंच बीज के फायदे

अगर आपको शरीर या कमर में दर्द की शिकायत रहती है और आप इसके लिए बार—बार दर्द निवारक दवा अर्थात पेनकिलर का प्रयोग करते हैं फिर भी कुछ ज्यादा फायदा नहीं होता है तो आपको इसके लिए आयुर्वेद के वरदान कौंच बीज का प्रयेाग करना चाहिए।

इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण दर्द से आराम दिलाते हैं।

इसके लिए आपको 5 ग्राम कौंच बीज पाउडर को गाय के दूध एक चम्मच घी व आधा चम्मच चीनी के साथ पका ​लेना चाहिए। इस तैयार मिश्रण को खाने से पीठ व कमर दर्द में लाभ होता है।

कौंच के बीज का सेवन बढ़ती उम्र को रोके

कौंच के बीज में डोपामाइन की प्रचूर मात्रा पाई जाती है। यह पिट्यूटरी ग्रंथि को उत्‍तेजित करता है और हमारे लिए जरूरी हार्मोन को बनाए रखने में मदद करता है।

हमारे शरीर में शरीर के विकास के लिए जरूरी हार्मोन का निर्माण 20 साल के बाद कम होने लगता है। जिससे हमारी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है और यह हमारे चेहरे में दिखने लगता है।

अत: हमारे शरीर के विकास को बनाये रखने के लिए इस विकास हार्मोन के स्‍तर को एक निश्चित मात्रा में बनाये रखने के लिए कौंच बीज का प्रयोग किया जा सकता है।

इसके प्रयोग से शरीर की कमजोरियों को सम्पूर्ण रूप से दूर करने में मदद मिलती है और हमारा शरीर सुन्दर व युवा दिखने लगता है।

मोटापा कम करने के लिए कौंच

अगर आप वजन बढ़ने या मोटापे की समस्या से परेशान हैं तो इस स्थिति में व्यायाम के साथ—साथ सही डाइट होना भी जरूरी होता है।

इस सबस के साथ अगर आप कौंच बीज का प्रयोग करें तो यह आपके वजन को कम करने में सहायक हो सकता है।

क्योंकि क्योंकि यह एंटी-ओबेसिटी प्रभाव पैदा करता है जिससे वजन कम होने में मदद मिलती है।

कपिकच्छु बीज के फायदे पुरुष बांझपन को दूर करने में

कौंच बीज का प्रयोग पुरुष बांझपन को दूर करने के लिए भी किया जाता रहा है।

पुरूषों में बांझपन या इनफर्टिलिटी होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे— तनाव, असंतुलित हार्मोन, बिगड़ी हुई जीवनशैली आदि।

ऐसी अवस्था में कौंच बीज से इसका इलाज किया जा सकता है।

यह पुरूषों में  शुक्राणुओं की मात्रा कम होने से रोकता है और इंफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए कौंच बीज के फायदे

कौंच बीज हमारे मस्तिष्‍क के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद है।

इसमें तंत्रिका की गतिविधियों को नियंत्रित कर मस्तिष्‍क को स्‍वस्‍थ्‍य बनाये रखने का गुण पाया जाता है।

कौंच बीज तंत्रिका में सुधार करने के साथ ही पार्किंसंस रोग को भी सही करने में सहायता करता है।

इसके अलावा कौंच बीज अनिद्रा व अवसाद के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

कौंच बीज के अन्य लाभ

उपरोक्त के अलावा भी कौंच बीज व इसकी पत्तियां व जड़ कई और बिमारियों व समस्याओं में फायदेमंद होती हैं।

जैसे —  कब्ज की समस्या, सिर दर्द में, स्नायु रोग में, सांसों की बीमारी, दस्त, पेचिश, जलोदर रोग, किडनी विकार, पेशाब से सम्बन्धित रोगों, लकवा, योनि के ढीलेपन की समस्या, ल्यूकोरिया, मासिक धर्म विकार आदि।

कौंच बीज का उपयोग – How to Use Kaunch Beej in Hindi

यहां हम कौंच बीजों के प्रयोग के बारे में बताने जा रहे हैं —
  • कौंच बीज प्रयोग हम काढ़ा बनाकर कर सकते हैं।
  • त्वचा के लिए कौंच के पत्तों को पीसकर इसके लेप का प्रयोग किया जा सकता है।
  • कौंच बीज मेडिकल स्टोर में कैप्सूल या टैबलेट के रूप में मिलते हैं।
  • कौंच बीज के चूर्ण का प्रयोग दूध या पानी के साथ किया जा सकता है। इसका चूर्ण बाजार में आयुर्वेद दवा स्टारे में आसानी से मिल जाता है।
  • कौंच बीज की कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए इसके लिए नीचे दिया गया है परन्तु इसके प्रयोग से पहले डॉक्टर से अवश्य जानकारी ले लेनी चाहिए।
  • कौंच बीज पाउडर – वयस्कों के लिए रोज 6 से 10 ग्राम तक की मात्रा का प्रयोग ही उचित होता है।
  • बीज के अर्क – 250 मिलीग्राम से 500 मिलीग्राम  का प्रयोग किया जा सकता है परन्तु इसका प्रयोग भोजन के बाद दिन में एक या दो बार ही किया जाना चाहिए।
  • कौंच बीज का काढ़ा – 5 मिलीलीटर से 15 मिलीलीटर तक का प्रयोग किया जा सकता है जो दिन में एक या दो बार हो सकता है।

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