Imli in Hindi | इमली के फायदे और नुकसान

 Imli in Hindi — इमली का प्रयोग भारत में वर्षो से हो रहा है। इसके खट्टे—मीठे स्वाद से भोजन को और स्वादिष्ट बनाया जाता है। इमली का प्रयोग चटनी बनाने, खाने में खट्टास लाने के के साथ ही चाट में इसका प्रयोग खूब किया जाता है। इन सबके अलावा भी इसका प्रयोग कई प्रकार से किया जाता है।

आपको जानकर हैरानी होगी इमली का प्रयोग कई प्रकार के रोगों के उपचार में किया जाता है। इसके इन्हीं गुणों के कारण आर्युवेद चिकित्सा में इसका प्रयोग सदियों से होता रहा है।

अपने इस लेख में हम इमली के बारे में तो जानेंगे ही साथ ही इससे होने वाले फायदों व नुकसान(Tamarind Benefits and Side Effects in Hindi) के बारे में भी विस्तार से चर्चा करेंगे। इसकी विस्तृत जानकारी के लिए हमारा यह लेख पूरा पढ़े।

इमली क्या है ? Imli Kya hai?

इमली को अग्रेजी में टैमरिंड Tamarind, संस्कृत में इसको अमलिका कहते है। इसका वैज्ञानिक नाम टैमेरिन्डस इंडिका है। यह एक बड़े पेड़ में पाये जाने वाली फली है। इमली के कच्चे फल का रंग हरा होता है और जब यह पक जाती है तो गहरे लाल रंग में बदल जाती है।

इमली का स्वाद सिर्फ खट्टा या खट्टा—मीठा दोनों हो सकता है। यह भारत के अलावा श्रीलंका, नाइजीरिया, पाकिस्तान के साथ ही अफ्रिकी देशों में भी पाई जाती है।

इमली के औषधीय गुण

इमली का प्रयोग पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा के रूप में किया जाता है। यह पेचिस, कब्ज,  पेट दर्द, कृमि संक्रमण जैसी पेट से जुड़े रोगों के उपचार में प्रयोग की जाती हैं। इसके अलावा यह बुखार, जल्द घाव भरने, मलेरिया, नेत्र रोग, लीवर संरक्षण, हृदय के रोगों, पेट साफ करने और शरीर के सूजन में फायदेमंद हो सकती है। इसका कारण इसमें पाया जाने वाला फाइटो केमिकल्स है।

दूसरी ओर इमली के पेड़ में एंटीबैक्टीरियल, एंटीमलेरियल, एंटीऑक्सीडेंट एवं एंटी अस्थेमेटिक गुण पाये जाते हैं। एक खट्टी—मीठी इमली के इतने सारे लाभ पाये जाते हैं इसे कुदरता का चमत्कार ही कह सकते हैं। आगे लेख में हम इससे होने वाले फायदों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

इमली के फायदे – Imli ke Fayde in Hindi

1. वजन घटाने में इमली के फायदे —

अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं तो आपके लिए इमली फायदेमंद हो सकते हैं। एक शोध में पाया गया है कि इमली के बीज में ट्रिप्सिन इन्हिबिटर गुण पाया जाता है जो प्रोटीन के बढ़ने को नियंत्रित करता है। इसके अतिरिक्त इमली के बीज में पाया जाने वाले  मेटाबॉलिक सिंड्रोम गुण से कई अन्य बिमारियों जैसे— ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप के अतिरिक्त बढ़ते मोटापे की समस्याओं को ​ठीक करने में मदद मिल सकती है।

इमली के बीजों के प्रयोग से हमें भूख कम लगती है जिससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसके अतिरिक्त इमली के गूदे में एंटी ओबेसिटी आर्थात मोटापा रोधी गुण पाया जाता है जो वजन को बढ़ने से रोकता है। अत: अगर आप अपने मोटापे को कम करना चाहते हैं तो आपको ​इमली और इमली के बीजों का प्रयोग करना चाहिए।

2. इमली के फायदे दिल के लिए –

इमली उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। इमली कोलेस्ट्रॉल के बढ़त़े स्तर को कम करने में अधिक प्रभावी होती है। यह खराब कोेलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करके फिनोल व एंटीआक्सीडेंट की सहायता से अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) के स्तर को बढ़ाने में मदद कता है।

इमली में पाये जाने वाला पोटैशियम उच्च रक्त चाप को कम कर सकता है क्योंकि पोटैशियम को वासोडिलेटर के रूप में जानते हैं, जो कार्डियो वैस्कुलर तंत्र का तनाव कम करता है। इमली में प्रचूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है जो एक एंटीआक्सिडेंट का कार्य करता है और हृदय से जुड़ी हुई बिमारियों के लिए फायदेमंद होती है। 

3. इमली के फायदे पाचन प्रक्रिया को ठीक करने में

इमली में पाये जाने वाले पोषक तत्व पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। यह  डाइजेस्टिव जूस को प्रेरित करने का कार्य करता है। जिस कारण से पाचन क्रिया बेहतर प्रकार से काम करने लगती है। इमली में पाये जाने वाले औषधीय गुण पाचन से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सहायता करत सकता है।

4. इमली के फायदे प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में —

इमली में विटामिन-सी पाया जाता है। यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए उपयोगी पोषक तत्व माना जाता है। इसलिए इमली प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए फायदेमंद हो सकती है। इसके अलावा इमली के बीजों में पॉलीसैकेराइड तत्व पाया जाता है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायता करता है।

प्रतिरोधक क्षमता हमें रोगों से लड़ने में हमारी सहायता करती है और हमें बिमारियों से बचाती है। अगर हमें रोगों से बचना है तो हमारी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होनी चाहिए। इसका मजबूत करने के लिए हम इमली का प्रयोग कर सकते हैं।

5. इमली के लाभ डायबिटीज में —

अगर आपको डायबिटीज की समस्या है तो आपके लिए इमली के बीज फायदेमंद हो सकते हैं। क्योंकि इमली के बीज के अर्क में एंटी डायबिटिक गुण पाये जाते हैं जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा इसमें डायबिटीज के रोग में लाभ पहुंचाने वाले पॉलीफेनोल और फ्लेवोनोइड तत्व पाये जाते हैं। इमली का प्रयोग कर आप डायबिटीज के रोग में लाभ ले सकते हैं।

6. इमली के फायदे उच्च रक्तचाप में —

उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेसर के लिए रक्त में बढ़ती हुई फैट की मात्रा अर्थात बढ़ता हुआ कोलेस्ट्राल जिम्मेदार हैै। एक शोध में पाया गया है कि इमली में ऐसे पोषक तत्व पाय जो हैं जो कोलेस्ट्रोल की मात्रा को रक्त में बढ़ने से रोकता है। इससे हाई ब्लड प्रेसर का खतरा बहुत कम हो जाता है।

इसके अलावा यह भी पाया गया है कि इमली को अपने भोजन में प्रयोग करने से डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम करने में सहायता मिलती है। इमली में किए गए शोधों से पता चला है कि यदि आप 20 ग्राम इमली रोज सेवन करते हैं तो आपको मोटापे, ब्लड प्रेशर, सीरम लिपिड और रक्त शुगर में फायदा हो सकता है।

7. इमली के फायदे कब्ज में —

अगर आप कब्ज से परेशान है तो इमली में पाये जाने वाला लैक्सेटिव प्रभाव आपकी कब्ज की समस्या में राहत दे सकता है। इसके आलवा यह पेट दर्द में भी फायदेमंद होता है। इसके लिए आपको थाई इमली के गूदे के अर्क का प्रयोग करना चाहिए यह कब्ज की समस्या में राहत दे सकता है।

थाई इमली की प्रजाति अपने लैक्सेटिव गुणों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। इमली के इन्हीं गुणों के कारण कब्ज और पेट दर्द में आपके लिए इमली बहुत फायदेमंद हो सकती है।

8. इमली के फायदे बालों की समस्या में —

यदि आप बालों की ​समस्याये जैसे रूसी, बालों का झड़ना और बालों की तैलीय त्वचा आदि से परेशान हैं तो इसके लिए इमली आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। इमली आपके बालों को मजबूत बनाने के साथ ही इनको झड़ने से बचाती है और सर में होने वाली रूसी से भी मुक्ति दिलाती है। इसके लिए निम्न उपाय अपना सकते हैं जो निम्न हैं —

  • इमली के गूदे को जैतून के तेल व छाछ के साथ अच्छी तरह ​मिलाकर एक पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने बालों पर लगाएं और अपने सर की 10 मिनट तक मालिश करें। इसके पश्चात इसे ऐसे ही 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी व शैम्पू से सर को धो लें। ऐसा प्रतिदिन करने से आपके बाला तो मजबूत होंगे ही साथ ही यह खूबसूरत भी हो जायेंगे।
  • इमली को 10 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद इस पानी से अपने सिर की मसाज करें। इसके पश्चात एक तौलिये को गर्म पानी में भीगो दें और उसे निकालकर निचोड लें अब इस तौलिये से अपने सर और बालों को आधे घण्टे के लिए ढक कर छोड़ दें। इसके पश्यात कंडीशनर या शैम्पू से अपने बालों को धो लें। इस क्रिया को सप्ताह में 2 से 3 बार किया जा सकता है।

इमली में पाये जाने वाले पौष्टिक तत्व

इमली में कई प्रकार के पोष्टिक तत्व पाये जाते हैं उनमें से कुछ का विवरण हम आपको यहां देने जा रहे हैं जो हमारे स्वास्थ्य व शरीर के लिए फायदेमंद हैं।

पोषक तत्व —

  • प्रोटीन 
  • विटामिन-सी
  • विटामिन बी-6
  • कार्बोहाइड्रेट   
  • फाइबर
  • शुगर  
  • आयरन
  • फास्फोरस    
  • पोटेशियम    
  • सोडियम     
  • कैल्शियम    
  • मैग्नीशियम  
  • जिंक 
  • थियामिन
  • राइबोफ्लेविन
  • फोलेट आदि।

इमली की तासीर

इमली ठण्डी तासीर वाली होती है जो हमारे शरीर को ठण्डक पहुंचाने का कार्य करती है। इसके प्रतिदिन सेवन से शरीर को काफी फायदा होता है। इसकी एक निश्चित मात्रा का सेवन हमारे लिए अच्छा माना गया है परन्तु ध्यान रहे इसकी अधिक मात्रा का सेवन न किया जाय।

इमली खाने के तरीके

इमली का प्रयोग कई प्रकार किया जा सकता है। इसके बारे में हम आपको आगे बताने जा रहे हैं —

  • इमली का प्रयोग खाने में खट्टापन लाने के लिए किया जाता है इसके लिए इसको पानी में ​भिगोकर इसके गूदे को निकाल कर इसका प्रयोग किया जाता है।
  • इमली का इस्तेमाल भारत के दक्षिण भाग के कई पकवानों में प्रयोग किया जाता है। इनमें से एक है सांबर। दक्षिण भारत में सांबर चावल, डोसा या इडली के साथ खाया जाता है और सांबर में एक विशेष स्वाद के लिए इमली का प्रयोग किया जाता है।
  • इमली का प्रयोग कई प्रकार की चटनी बनाने में किया जाता है।
  • इमली का अचार व मुरब्बा बनाकर भी प्रयोग किया जाता है।
  • इमली को कैंडी के रूप में खाया जाता है।
  • बुखार, नाक बहने व गले में दर्द होने पर इमली के सूप का सेवन फायदेमंद होता है। इसके लिए इमली के सूप में काली को मिलाकर इसका सेवन करना चाहिए।
  • इमली का प्रयोग फेसपैक के रूप में भी किया जाता हैं इसके लिए इमली को 2 घंटे तक भिगोकर उसे छान लें। फिर किसी भी अपने फेसपैक के साथ मिलाकर इसका प्रयोग प्रयोग अपने चेहरे को और सुन्दर व स्वस्थ्य बनाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
  • इमली की कैंडी का सेवन करना गर्भवती महिलाओं के लिए फायदेमंद होता है यह उनकी पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। इसका नियमित प्रयोग कब्ज में भी फायदेमंद होता है। यह उल्टी व मतली का बेहतरीन उपचार है।

इमली से होने वाले नुकसान

इमली हमारे लिए काफी फायदेमंद तो है पर इसका अधिक सेवन करना हमको नुकसान पहुंचा सकता है। इससे होने वाले कुछ नुकसानों के बारे में हम आपको बनाने जा रहे हैं —

इमली के सेवन से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। उनमें कुछ लक्षण दिख सकते हैं जैसे — त्वचा पर चकत्ते, खुजली, सूजन, उल्टी, सांस की परेशानी, बेहोशी एवं चक्कर आना आदि।

इमली के अधिक सेवन से रक्तस्राव का खतरा रहता है। अगर आप कुछ विशेष दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं तो दवाओं के साथ इमली का प्रयोग करना खतरनाक हो सकता है। जैसे इब्यूप्रोफन, नेपरोक्सन एवं एस्पिरिन आदि। अगर कुछ परेशानी हो तो आपको तुरन्त डॉक्टर से मिलना चाहिए।

अगर आपको गले की खराश की परेशानी रहती है तो आपको इमली का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इमली अम्लीय खाद्य पदार्थ है जो आपके गले को नुकसान पहुंचा सकता है।

इमली में विटामिन—सी प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अधिक प्रयोग से खून में एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है। एस्ट्रोजन की मात्रा अधिक होने से गर्भाशय में संकुचन और ब्लीडिंग का खतरा बढ़़ जाता है। इसकी कारण से गर्भपात की समस्या से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं को विटामिन सी से युक्त फलों व सब्जियों का सेवन नियंत्रित मात्रा में करना चाहिए।

प्रतिदनि अधिक मात्रा में इमली का प्रयोग करना आपके दांतों के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि इमली में एसिडिक तत्व पाये जाते हैं जो दांतों का क्षरण कर सकते हैं। अर्थात यह दांतों की सतह का नुकसान पहुंचाते हैं।

इमली के फायदों के सामने इससे होने वाले नुकसान नगण्य हैं। इन नुकसानों को थोड़ी सी सावधानी रखकर बचा जा सकता है। लेख में दिये गये उपरोक्त दिये गये फायदों को आप अपने जीवन में लाना चाहते हैं तो आपको इमली का प्रयोग शुरू कर देना चाहिए।

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