हस्तोसत्ताहनासन के फायदे — Hastottanasana Benefits in Hindi

Hastottanasana Yoga-हस्तोसत्ताहनासन या हस्त उत्तानासन आसन हमारे शरीर का स्वस्थ्य बनाने के साथ ही हमें अंदर से सुख और शांति देता है। इस योगासन को प्राचीन समय से ही बहुत महत्व का माना गया है।

वर्तमान समय की अपेक्षा पुराने समय में लोगों की आयु ज्यादा होती थी। इसका सीधा का कारण है लोग अपने जीवन में योग को शामिल करते थे जिससे उनका जीवन निरोगी अर्थात स्वस्थ्य होता था।

हस्तोसत्ताहनासन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। तो आइये इस योग के बारे में आपको पूर्ण जानकारी देते हैं कि यह क्या है, इसे कैसे किया जाता है और इसके क्या लाभ हैं।

हस्तोसत्ताहनासन योग क्या है? What is Hastosattahanasana Yoga?

हस्तोसत्ताहनासन (Hastosattahanasana) का अर्थ क्या है? यह दो शब्दों को मिलाकर बनता है। ‘हस्तत’और ‘उत्तान’जिसमें ‘हस्तत’का अर्थ होता है हाथ और ‘उत्तान’का मतलब होता है ऊपर की ओर खींचना या तानना। इस योगासन में अपने हाथों को ऊपर की ओर फैलाया अर्थात ताना जाता है।

इसी कारण से इस आसन का नाम हस्तोात्तातनासन पड़ा। खड़े होकर किये जाने वाले योगों में हस्तोसत्ताहनासन एक महत्वपूर्ण योग है। इस योग का अभ्यास करने से आपके सम्पूर्ण शरीर में खिंचाव पैदा होता है।

जिससे आपकी मांशपेशियां तंदुरुस्त और मजबूत होती हैं। यह शरीर से वजन घटाने के लिए भी महत्पूर्ण योग है इसके साथ ही यह किडनी के लिए भी फायदेमंद है।

हस्त उत्तानासन योग करने की विधि –

किसी योगासन को करने से पहले आपको उसकी सही प्रकार की जानकारी होनी आवश्यक है। वरना उसका ​आप पर विपरीत प्रभावत हो सकता है। हम आपको यहां हस्तोसत्ताहनासन को करने का सही तरीका बनाने जा रहे हैं।

  • सबसे पहले एक खुले वातावरण का चयन करना चाहिए जहां ताजी हवा हो।
  • उसके बाद योग करने के लिए एक चटाई लेंं और उस पर सीधे खड़े हो जाए। आप ताड़ासन में भी खड़े हो सकते हैं।
  • अपने सम्पूर्ण शरीर व मन को आराम की अवस्था में लाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों को सामने की ओर उठाये यह ध्यान रखे दोनों हाथोंं के बीच में सामानांतर दूरी बनी रहनी  चाहिए।
  • इसके पश्चात अंदर की तरफ साँस को लेते हुए, अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाये एवं अंगुलियों को आपस में जोड़ लें।
  • हाथों को उपर की ओर उठाते हुय अपने कंधे और पीठ को पीछे की तरफ झुकाना चाहिए।
  • हाथों को उपर की ओर उठाते समय आपका चेहरा व आंख उपर अर्थात आकाश की तरफ होनी चाहिए।
  • यह ध्यान रहे कि आपके हाथ आपके सिर से सटे होने चाहिए क्योंकि ऐसा होने से पेट के बगल वाले हिस्से में ज़्यादा खिंचाव महसूस होगा जिससे आपको अधिक लाभ मिलेगा।
  • सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को कंधों की सीध में लाएं।
  • सांस लेते हुये हाथों को सिर के ऊपर ले कर जाए और हथेलियों को क्रॉस स्थिति में कर लें।
  • अब सांस छोड़ते हुए कमर को बाईं ओर झुक जाएं।
  • कुछ समय इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे धीरे सांस लें और छोड़े।​ फिर धीरे—धीरे सांस लेते हुए अपनी  अपनी पहली अवस्था में आ जाएं।
  • इस क्रिया को अब दाईं ओर से करें।
  • ऐसे ही कुछ देर इस स्थिति को बनाये रखें फिर कुछ देर बाद साँस को आराम से छोड़ते हुए पुन: पुरानी स्थिति में आ जाना चाहिए।
  • सांस को छोड़ते हुए आने हाथों को सामने की ओर आते हुये नीचे की ओर लाए और साथ ही अपनी गर्दन को भी सीधी कर लें।
  • इस प्रकार योग का एक चक्र पूरा होता है।
  • शुरूवात में इस क्रिया को 3 से 4 बार किया जा सकता है। फिर धीरे—धीरे इसकी सीमा को बढ़ा सकते हैं।

हस्तोसत्ताहनासन योग को करने समय कुछ ध्यान देने योग्य बाते हैं —

आपको कोहनी बिल्कुल नहीं मुड़नी चाहिए और पीछे की ओर ले जाते समय आपके हाथ फैलना नहीं चाहिए। ​हाथों के बीच की दूरी वही होनी चाहिए  जितनी आगे की ओर फैलाते समय। यह ध्यान दें पीछे की ओर उतना ही झुके जिसका आपके लिए अनुकूल हो। यह धीरे—धीरे बढ़ सकता है।

हस्तोसत्ताहनासन योग के लाभ-Hastottanasana Benefits in Hindi

1. मोटापा कम करने के लिए

यह आसन आपके शरीर से मोटापा कम करने के लिए लाभकारी है क्योंकि इस आसन को करने समय हाथ की अंगुली से लेकर पैर की अंगुली तक खिंचाव होता है। अगर आपको जल्द और अच्छा परिणाम चाहिए तो आपको इस मुद्रा को कुछ समय तक उसी स्थिति में बनाये रखना चाहिए।

2. किडनी स्वस्थ के लिए

इस योग को करने से आपकी किडनी में एक अलग ही प्रकार की क्रिया होती है जिससे की किडनी से जुड़ी हुई कई परेशानियां खत्म हो जाती हैं ऐसा योग विशेषज्ञों का मानना है।

3. कब्ज को कम करना

इस योग को करने से हमारे उदर में खिंचाव पैदा होता है जिससे यह कब्ज और पाचन संबंधी परेशानियों में भी फायदेमंद है।

4. वजन घटाने के लिए

हस्तोसत्ताहनासन पेट के बगल में जमा चर्बी को कम करने के लिए बहुत ही लाभकारी है क्योंकि इसको करने समय सीधे कमर पर खींचाव होता है। अगर आपको इसका लाभ अधिक चाहिए तो आपको इस आसन की कमर में खिंचाव की स्थिति में कुछ समय तक बनाये रखना चाहिए।

5. स्फूर्ति का संचार करे

हस्तोसत्ताहनासन योग करने से पूरे शरीर के अंदर स्फूर्ति का संचार होने लगता है।

6. संचार प्रणाली को सही करे

इस योग का अभ्यास को रोज करने से हमारे शरीर की संचार प्रणाली बेहतर तरीके से काम करने लगती है।

7. रीढ़ एवं कमर को मजबूत बनाना —

हस्तोसत्ताहनासन को करने से आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत एवं लचीला बनती है। इसके लिए आपको नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। इसके अलावा आपकी कमर भी लचीली व मजबूत बनती है जिससे आपके पीठ का दर्द कम होने लगता है। अगर आपको दर्दन का दर्द रहता है तो यह इसके लिए भी फायदेमंद है।

8. कमर को पतली करता है

यह आसन कमर से अतरिक्त वसा को कम करने के साथ ही कूल्हों व नितंबों पर जमी वसा को भी कम करता है।

9. बच्चों की लम्बाई बढ़ाने के लिए

अगर आपके बच्चे की आयु 20 साल से कम है और लम्बाई नहीं बढ़ रही है तो आपको अपने बच्चे को इस योग का नियमित अभ्यास करना चाहिए। यह उसकी लम्बाई बढ़ाने के लिए काफी लाभकारी हो सकता है। इसको नियमित करने से उसकी लंबाई बढ़ सकती है।

10. छाती चौड़ा करने में सहायक:

इस योग की क्रिया में सांस का अधिक प्रयोग होता है जिसमें लम्बी—लम्बी सांस ली जाती व छोड़ी जाती है। इस क्रिया से आपकी यह आपके छाती तो चौड़ी होती ही साथ ही फेफड़े भी मजबूत बनते है।

11. कंधे मजबूत बनाये

हस्तोसत्ताहनासन ​का निपयमित अभ्यास करने से कंधे मजबूत बनते हैं एवं आपके बाजुओं की भी ताकत बढ़ जाती है।

हस्तोसत्ताहनासन योग करते समय बर्ती जाने वाली सावधानियां -Precautions to be taken while doing Hastosattahanasana Yoga

  • अगर आपको कमर एवं पीठ दर्द हो रहा है तो इसका अभ्यास न करें।
  • इस योग का अभ्यास किसी किसी योग विशेषज्ञ की देख रेख में करना फायदेमंद होगा।
  • योगाभ्यास करते समय अपने शरीर की स्थिरता का ध्यान रखें।
  • खाने के बाद इस योग को न करें।

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