Harsingar Ke Fayde | हरसिंगार के फायदे और नुकसान

Harsingar Ke Fayde — क्या आप कभी सोच सकते हैं कि एक फूल आपके ​स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक हो सकता है। हमारा स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे अधिक महत्वूर्ण होना चाहिए। क्योंकि अगर हम हेल्थी हैं तो सब कुछ ठीक है अन्यथा बिमार होने से तो हमारी पूरी दुनिया ही रूक सी जाती है।

बहुत से लोग स्वस्थ्य रहने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं मगर यह दवायें आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होती हैं। इसके लिए आप आयुर्वेद में विश्वास रख सकते हैं। यह किसी भी साइड इफेक्ट के आपको हर बिमारी से बचने की शक्ति देते हैं। ऐसी ही जड़ी-बूटियों में से एक है हरसिंगार। हरसिंगार एक फूल है जिसकी खुशबू आपके आस—पास आपको अक्सर महसूस होती होगी। क्या आप जानते हैं यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है।

अगर आप इसको सही प्रकार से प्रयोग करते हैं तो गुणों से भरपूर Harsingar आपके शरीर को रोगों से मुक्त करने में सहायका होता है। इस लेख में हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे कि यह किसी प्रकार आपके लिए फायदेमंद होता है। तो आइये शुरू करते हैं इस लेख को — Harsingar Benefits and Side Effects in Hindi, हरसिंगार से गठिया का इलाज, Night Jasmine Benefits, Harsingar Benefits in Hindi, रात की रानी के फायदे, पारिजात के फायदे

हरसिंगार क्या है? – What is Harsingar in Hindi

हरसिंगार एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसके फूल ही नहीं बल्की फल, पत्ते, बीज के साथ ही इसकी छाल भी कई प्रकार के रोगों के लिए फायदेमंद होती है। हरसिंगार को पारिजात, रात की रानी के साथ ही नाइट जैस्मीन ने नाम से भी जाना जाता है। हिन्दु धर्म में इस फूल का प्रयोग अक्सर भगवान को अर्पित करने के लिए किया जाता है। रात की रानी की मनमुग्ध कर देने वाली खुशबू रात को काफी तेज हो जाती है जो पूरे महौल को ही खुशबुनुमा कर देती है मगर सुबह होते ही वह खुशबी हल्की पढ़ जाती है। Night Jasmine Benefits, रात की रानी के फायदे, पारिजात के फायदे

हरसिंगार के फायदे – Benefits of Harsingar in Hindi

1. अस्थमा के लिए हरसिंगार के फायदे —

हरसिंगार के पत्तों में एंटी-अस्थमाटिक और एंटी-एलर्जीक गुण पाये जाते हैं जो आपके अस्थमा के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें β-साइटोस्टेरॉल (β-sitosterol) नामक केमिकल पाया जाता है जो अस्थमा के लिए फायदेमंद माना जाता है। हरसिंगार की पत्तियों का अर्क हमारे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है जिससे अस्थमा के कारण नाक की नली में आई हुई सूजन को कम कर नाक की नली को आराम दिलाने में सहायता करता है। इसके लिए आप हरसिंगार के फूलों का भी प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप फूलों को सुखाकर इसका पाउडर बनाकर इसको प्रयोग कर सकते हैं।

2. हरसिंगार है एंटीबैक्टीरियल —

हरसिंगार के फूल में पाये जाने वाले एंटीबैक्टीरियल गुण कई प्रकार के रोग फैलाने वाले बैक्टीरियाओं से लड़ने में मदद करते हैं जैसे — बुखार, जुखाम एवं खासी के बैक्टीरिया। हरसिंगार में पाया जाने वाला  एंटीबैक्टीरियल गुण हमें बैक्टीरिया और कीटाणुओं से बचने में मदद कर हमें स्वस्थ्य बनाये रखता है।  हरसिंगार कई प्रकार के रोगों से बचने में सहायता करता है जैसे — साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया जो टाइफाइड के लिए जिम्मेदार होता है।

3. हृदय के लिए हरसिंगार के फायदे —

हरसिंगार हृदय से सम्बन्धित कई बिमारयों के लिए फायदेमंद होती है। यह उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल के कारण हृदय के होने वाले रोगों से बचाने में मदद करता है। पारिजात की जड़ के प्रयोग से आप डायबिटीज में बढ़ने वाले लिपिड सिरम और ट्राइग्लिसराइड्स (यह एक प्रकार का फैट है) को कम करने में मदद करता है। यदि इसकी मात्रा शरीर में अधिक हो गई तो यह हृदय रोग होने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। अत: यदि आपको हृदय से जुड़े रोगों से बचना है तो आप हरसिंगार का प्रयोग कर सकते हैं।

4. डायबिटीज में हरसिंगार (पारिजात) के फायदे —

हरसिंगार में डायबिटीज से बचाने वाला लिनोलिक एसिड पाया जाता है। हरसिंगार की जड़ की छाल में एंटी-डायबिटिक गुण होता है। यदि आप इसके अर्क का प्रयोग करते हैं तो यह आपके ब्लड शुगर को कम करने के लिए मददगार हो सकता है।

5. पाचन में हरसिंगार के फायदे —

यदि आपकी पाचन क्रिया सही है तो आप कई प्रकार के रोगों से बच सकते हैं। आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार हरसिंगार में पाचन प्रक्रिया को सही रखने वाले कई प्रकार के तत्व पाये जाते हैं। इसके लिए आप हरसिंगार की पत्तियों के रस के उपयोग कर सकते हैं यह आपके भोजन को जल्द पचाने में सहायक हो सकती है। हरसिंगार में पाचन तंत्र को मजबूत करने वाला एंटी स्पस्मोडिक (Anti-Spasmodic) गुण पाया जाता है जो पाचन तंत्र को मजबूत कर भोजन को सही प्रकार से पचाने में मदद करता है। जिससे आप कई प्रकार के रोग जैसे कब्ज, गैस, पेट दर्द, आदि रोगों से बच सकते हैं।

6. पाइल्स में हरसिंगार के लाभ —

आज कल पाइल्स आम समस्या होती जा रही है इसका मुख्य कारण है गलत खान पान और शरीर की क्रियाशीलता का कम होना। इससे बचने के लिए आप हरसिंगार का इस्तेमाल कर सकते हैं। पाइल्स में मल द्वार में सूजन आ जाती है जिससे मल त्यागने में दिक्कत होती है। हरसिंगार में पाया जाने वाला लैक्सेटिव और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मल त्यागने में मदद करता है और मल द्वार की सूजन को कम करने में भी लाभदायक होता है।

7. बुखार में हरसिंगार के फायदे —

हरसिंगार की जड़ और पत्तों में एंटीपाइरेटिक (Antipyretic) गुण पाया जाता है जो आपको बुखार में राहत दिला सकता है। इसके लिए आप हरसिंगार के पत्तों के रस को सीधे पीने के साथ ले सकते हैं या फिर आप इस रस को अदरक के रस के साथ मिलाकर पी सकते हैं जिससे आपको बुखार में राहत मिलेगी।

8. गठिया में हरसिंगार के लाभ —

हरसिंगार अर्थराइटिस अर्थात गठिया के लिए भी लाभदायक होता है। इसमें पाया जाने वाला एंटीइंफ्लेमेटरी गुण गठिया के रोगियों के लिए काफी लाभदायक होता है। एक शोध से पता चला है कि यदि आप हरसिंगार के अर्क का सेवन करते हैं तो यह गठिया को बढ़ने से रोकता है। क्योंकि इसमें एंटी अर्थराइटिस गुण भी होते हैं।

9. तनाव में हरसिंगार के फायदे —

हरसिंगार का पौधा तनाव के लिए भी फायदेमंद होता है। इसमें पाया जाने वाला एंटीडिप्रेसेंट गुण तनाव से बचने में मदद करता है। यदि आप इसका सेवन करते हैं तो आप अवसाद एवं तनाव से बच सकते हैं। इसके लिए आप हरसिंगार (Harsingar Benefits in Hindi) की चाय का सेवन कर सकते हैं। यह चाय आपको आराम पहुंचाने का काम करती है जिससे आप तनाव मुक्त हो जाते हैं।

हरसिंगार से होने वाले नुकसान – Side Effects of Harsingar

हरसिंगार के बहुत से फायदों के बारे में आपने उपर जाना अब इससे होने वाले कुछ नुकसानों के बारे में भी आपको पता होना चाहिए। यदि आप इसकी अधिक मात्रा का सेवन करते हैं तो यह आपको नुकसान पहुंचा सकती है। अत: आपको इसकी एक निश्चित मात्रा का ही प्रयोग करने की सलाह दी जाती है।

  • हरसिंगार की तासिर के लिए बारे में अभी पूरी जानकारी नहीं है। ह​रसिंगार की कई किस्में पाई जाती है जिसमें से किसी कि गर्म तो किसी की ठंडी तासिर होती है। अत: यदि आप इसका सेवन सही प्रकार से नहीं करते हैं तो यह आपके लिए नुकसादेह हो सकती है।
  • गर्भवती महिलाओं को इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • यदि आपको हरसिंगार से एलर्जी है तो आपको इसके प्रयोग से बचना चाहिए।

हरसिंगार जिस प्रकार आपके आस—पास के वातावर को सुन्दर बनाता है उसी प्रकार यह आपके शरीर के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। इसके फूल से लेकर इसके फल, पत्ते, जड़़ एवं तने तक यह पूरा पौधा ही आपके लिए फायदेमंद होता है। आप इसके सेवन से अपने स्वास्थ्य को सही रखने में मदद ले सकते हैं। मगर आपकेा किसी भी दवा के प्रयोग से पहले किसी अच्छे डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह अवश्य करनी चाहिए। आप छोटी—छोटी बिमारियों से बचने के लिए हरसिंगार का प्रयोग शुरू कर सकते हैं।

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