कब्ज का अचूक रामबाण इलाज Constipation in hindi

Constipation in hindiकब्ज का रामबाण इलाज हर कोई चाहता हैं पर इसके इलाज से पहले हमें यह जान लेना चाहिए कि कब्ज है क्या और इसके लक्षण क्या हैं।

क्योंकि इसके शुरू होने से पहले ही हमें वह उपाय अपनाने चाहिए जिससे हमें भविष्य में कब्ज की समस्या न हो।

तो आइये इस लेख में हम कब्ज व उसके लक्षणों के साथ ही उसके निदान के बारे में जानेंगे।

कब्ज का रामबाण इलाज in hindi — kabj ka ilaj

आयुर्वेद में कब्ज का रामबाण इलाज करने के लिए बहुत सी उपाय उपलब्ध है जिनका प्रयोग किया जा सकता है।

खूब पानी पिंए

आम तौर पर लोग इतने व्यस्त हैं कि पानी की कम मात्रा पीते हैं जिस कारण मल आंतों में सूख जाता है और मल त्याग सही से नहीं हो पाता है।

कब्ज से पीढ़ीत व्यक्ति को चाहिए की वह ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें। दिन भर में कम से कम 4 लीटर पानी का सेवन करना ही चाहिए।

भोजन करते समय पानी का सेवन न करें। अगर पानी पीना ही है। तो खाना खाने से आधा घंटे पहले व खाना खाने के आधा घंटे बाद पीए।

नींबू पानी

एक कप हल्के गरम पानी में एक नींबू के रस को मिलाकर पीने से भी पुरानी कब्ज का इलाज में फायदा होता है। इसके सेवन से पेट अच्छी तरह साफ होने में मदद मिलती है।

पपीता एवं अमरूद का सेवन

कब्ज की बिमारी से ग्रसित व्यक्ति को पपीते व अमरूद का सेवन करना चाहिए। पपीता व अमरूद हमारे पेट के लिए काफी लाभदायक होता है।

बादाम का तेल

Purani qabz ka ilaj in hindi-पुराने कब्ज की ​बिमारी के लिए बादाम का तेल लाभदायक होता है। इसके सेवन से आंतों की कार्य करने की क्षमता बढ़ जाती है।

सोने से पहले हल्के गरम पानी में एक चम्मच बादाम का ​तेल मिलाकर उसे 15 दिन तक लगातार पीने से कब्ज की पुरानी से पुरानी बिमारी दूर हो जाती है।

रेशेदार आहार

हमें अपने भोजन में रेशेदार भोजन का उपयोग करना चाहिए। हरे पत्तेदार सब्जियों, फलों और सलाद में सबसे अत्यधिक मात्रा में फाइबर होता है।

कब्ज से छुटकारा पाने के लिए पालक के जूस का भी प्रयोग किया जा सकता है।

मुनक्का

रात को सोने से पहले दूध में उबालकर मुनक्का को खाएं और दूध का सेवन कर लें जिससे सुबह आपनी कब्ज पूरी तरह से साफ हो जाएगी। मुनक्क कब्ज में रामबाण की तरह असर करता है।

व्यायाम

ईलाज के साथ—साथ हमें पेट से सम्बन्धित नियमित व्यायाम भी करना ​चाहिए। जिससे कब्ज से की समस्या के साथ ही शरीर के अन्य रोगों से भी निजात मिले।

कब्ज में क्या होता है?(Constipation in hindi)

किसी को कब्ज होना मतलब मलत्याग में होने वाली परेशानी या सामान्य भाषा में कहें मल का सामन्य से कम होना अर्थात पेट पूरी तरह से साफ नहीं हो पाता है।

इस स्थिति में ही हमको कब्ज की समस्या हो जाती है। इससे पाचन तंत्र खराब हो जाता है।

जिसके कारण हम जो भी खाते हैं वह सही तरीके से पच नहीं पाता है।

यह एक छोटी से परेशानी तो है परन्तु इसके बढ़ने से अन्य दूसरी बिमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है।

कब्ज के लक्षण — Symptoms of constipation in hindi

  • कब्ज में मल सख्त हो जाता है जिस कारण मलत्याग में परेशानी होती है और अत्यधिक बल लगाना पड़ता है।
  • ऐसे व्यक्तियों की जीफ सफेद या मटमैली ही रहती है और मुंह का स्वाद भी खराब रहता है इसके साथ ही मुंह से बदबू भी आती है।
  • कब्ज में व्यक्ति को भूख भी नहीं लगती है।
  • कब्ज से बिमार व्यक्ति रोज मल त्याग नहीं करता है जिससे परेशानी और बढ़ जाती है।
  • सही से मल त्याग न होने के कारण पेट में दर्द, पेट में सूजन भी रहती है।

कब्ज के कारण —What are the causes of constipation in Hindi

  1. फाइबर की कमी

वर्तमान समय में हमारा खानपान ऐसा हो गया है कि उसमें फाइबर की कमी हो गयी है। जिस कारण कब्ज की बीमारी पैदा होती है।

इसका मुख्य कारण यह है कि हम फास्टफूड में ज्यादा निर्भर हो गये है। उसमें फाइबर ना के बाराबर होता है। इसके लिए हमें फल, सब्जियों और साबुत अनाजों का सेवन करना चाहिए।

जो आंतों के कार्यो को बढ़ता है और कब्ज होने से रोकता है।

  1. शरीर की निष्क्रियता

ऐसा व्यक्ति जो लम्बे समय तक बैठ कर काम करता है, और अपने शरीर को निष्क्रिय रखता है। अर्थात हल्की फुल्की एक्सरसाईज भी नहीं करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक गतिविधि हमारे खाना पचाने के लिए अति आवश्यक है।इससे हमारे शरीर में खाने का पाचन तेजी से होता है।

इसलिए हमारे अपने जीवन में स्थिर नहीं बनना है गतिशील रहना है जिससे कब्ज हमसे दूर रहे।

  1. बढ़ती उम्र

बढ़ती उम्र भी है ​इसका मुख्य कारण उम्र बढ़ने से हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है इस​ लिए कब्ज की समस्या बढ़ने लगती है।

  1. सामान्य रूटीन में बदलाव

सामान्य रूटीन में बदलाव के कारण भी कब्ज की समस्या होती है। जिस समय हमारे सोने का समय होता है हम उस समय काम करते हैं और उठने के समय पर सोते हैं।

हमारा रूटीन पूरी तरह से बदल गया है जिस कारण कब्ज की समस्या पैदा हो गयी है।

  1. लिक्वीड पदार्थो का कम प्रयोग

अगर आप कम मात्रा में लिक्वीड अर्थात तरल या जिन भोज्य पदार्थो में पानी की मात्रा होती है उनका प्रयोग कम मात्रा में करते हैं तो आपको कब्ज की समस्या हो सकती है।

क्योंकि भोजन व फाइबर को पचान के लिए पानी व अन्य तरल पदार्थों की जरूरत होती है।

जैसे रसीले फल, सब्जियों का सूप। ऐसे तरल पदार्थो वाले फल व ​सब्जियों के सेवन से मल नरम होता है और आसानी से इसे त्याग सकते हैं।

  1. दवाएं

आज के समय में हम छोटी से छोटी बिमारी के लिए दवाओं का प्रयोग करते हैं पर यह ध्यान नहीं देते हैं कि इस दवा से हमारे शरीर में कोई अन्य प्रभाव तो नहीं पढ़ रहा है।

कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स और दर्द निवारक दवाओं के सेवन से कब्ज की बिमारी होने की सम्भावना रहती है।

  1. तनाव

तनाव के कारण भी कब्ज होने की सम्भावना रहती है। क्योंकि तनाव होने के समय जो हार्मोन निकलते हैं वह आंत में संक्रमण का कारण बनते हैं।

जिस कारण मल त्याग करने में परेशानी होती है। दूसरा कारण यह हो सकता है कि जब हमें तनाव होता है तो हम उचित आहार भी नहीं ले पाते हैं उस समय हम उचित मात्रा में पानी का सेवन नहीं करते है साथ ही व्यायाम व नींद भी सही प्रकार से नहीं हो पाती है।

इन सबसे कब्ज होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

  1. समय से मल त्याग न करना

अगर आप समय से शौंच नहीं जाते हैं या मल को रोक कर रखते हैं तो आपको कब्ज की बीमारी हो सकती है।

इसका कारण यह है कि अगर आप समय से मल त्याग नहीं करते हैं या मल त्याग की क्रिया को रोके रखते हैं तो एक समय ऐसा आता है कि हमारी आंत मल त्याग करने की क्रिया को ही बन्द कर देती है।

जिससे कब्ज से साथ—साथ अन्य परेशानियां भी हो सकती है।

कब्ज के प्रकार – Types of Constipation in Hindi

मुख्य रूप से कब्ज को तीन प्रकार का माना जाता है।


स्लो ट्रांजिट कॉन्स्टिपेशन (Slow transit constipation) :

इस प्रकार का कब्ज बड़ी आंत में होने वाले विकार से होता है। शौच की क्रिया में एंटरिक नर्वस सिस्टम की तंत्रिकाओं का महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये तंत्रिकाएं ही बल को बड़ी आंत से गुदा द्वार लेकर जाती है। अत: इन तंत्रिकाओं में होने वाली दिक्कत या परेशानी स्लो ट्रांजिट कॉन्स्टिपेशन के होने का कारण होती है।


नार्मल ट्रांजिट कॉन्स्टिपेशन (Normal transit constitution) :

इस प्रकार के कब्ज को सामान्य माना जाता है इसी कारण से इसे सामान्य कब्ज भी कहते हैं। इस कब्ज से पीड़ित व्यक्ति को शौंच करने में दिक्कत होती हैं अर्थात उसका पूरी तरह से पेट साफ नहीं होता लेकिन वह सामान्य रूप से शौंच के लिए जाता है।


डीफेक्शन डिसआर्डर (Defect disorder) :

इस प्रकार का कब्ज उन लोगों में ज्यादातर पाया जाता है जिनको पुराने कब्ज की शिकायत रहती है। इसका सही कारण बताना कठिन है पर विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण गुदा से संबंधित अंकों का आपस में सही तालमेल न होना हो सकता है। या कहें गुदा अंग से जुड़ी कोशिकाओं की शिथिलता भी इसका एक कारण हो सकती है।

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