खट्टे फल के फायदे और नुकसान | Citrus Fruits Benefits in Hindi

खट्टे फलों के बारे में सोचते ही मुंह में पानी आ जाता है। फिर वह चाहे नींबू हो या संतरा। सिट्रस फल या खट्टे फल स्वाद के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इसी कारण से हर जगह इनकी मांग रहती है। इन फलों में कई प्रकार के विटामिन एवं पोषक तत्व पाये जाते हैं, जो शरीर को बाहरी रूप से तो स्वस्थ्य रखते ही साथ ही आंतरिक रूप से भी मजबूत बनाने में मदद करते हैं। खट्टे फलों के बहुत से फायदों को देखते हुये इस लेख में इनके बारे में हम आपको पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। तो आइये शुरू करते हैं इस लेख को — खट्टे फल के फायदे और उपयोग, Citrus Fruits

Table of Contents

खट्टे फल क्या है एवं उनके नाम – What are citrus fruits and their names

खट्टे फल, इन्हें अंग्रेजी में Citrus Fruits कहा जाता है। खाने में इनका स्वाद खट्टा-मीठा होता है। अगर इनके आकार की बात करें तो यह आकार में अलग—अलग हो सकते हैं क्योंकि यह फल कई प्रकार के पाये जाते हैं जिनके बारे में आगे लेख में बताने जा रहे हैं। इन खट्टे  फलों का उपयोग खाने के अलावा कॉस्मेटिक उत्पादों एवं दवाओं में भी किया जाता है। यह फल कई प्रकार के पोषक तत्व से भरपूर होते हैं। जैसे विटामिन-सी, फाइबर, पोटेशियम, कैल्शियम, कॉपर, फोलेट, फिनोल एसिड, फ्लावोनोइड, एल्कलॉइड एवं एसेंशियल ऑयल।

अब बात करते हैं Citrus Fruits के प्रकार एवं उनके नामों की तो नीचे दिये गई टैबल में इन खट्टे फलों के नाम बताये गये हैं —

  • संतरा या नारंगी (Mandarin Orange)
  • मौसंबी (Sweet Lemon)
  • कीनू (Tangerine)
  • नींबू (Lemon)
  • बतावीनीम्बू (Blood Orange)
  • चकोतरा (Grapefruit)
  • टमाटर (Tomato)
  • काग़ज़ी नींबू (Lime)
  • क्लेमेंटाइन (Clementine)
  • कम्क्वाट (Kumquat)

खट्टे फल के फायदे – Benefits of Citrus Fruits in Hindi

  1. यदि आप अपना वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो आपके लिए खट्टे फल फायदेमंद हो सकते हैं। क्योंकि खट्टे फलों में पाये जानेवाले एंटी-ओबेसिटी गुण के साथ ही इसमें पाये जाने वाले फाइटोकेमिकल फल के गूदे और छिल्के में प्रचूर मात्रा में होता है जो पूरे शरीर के बढ़ते वजन और फैट टिश्यू को कम करने मकें मदद करते हैं। इसकी कारण से कहा जा सकता है कि खट्ट फल वजन को कम करने के लिए फायदेमंद हैं।
  1. खट्टे फलों में पाये जाने वाला विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। विटामिन-सी में पाये जाने वाले गुण सफेद रक्त कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में सहायता करता है। यह सफेद रक्त कोशिकाये ही सबसे पहलीे शरीर में रोगों से लड़ने में मदद करते हैं। अगर यह मजबूत हो तो आपको रोगों से बचने में मदद मिलती है। इसी कारण से आप कह सकते हैं कि खट्टे फल हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं।
  1. खट्टे फलों में पाये जोन वाले फ्लेवोनोइड्स (Flavonoids), कामारिन (Coumarin) और लिमोनोइड्स (limonoids) कैंसर से बचाने में मदद कर सकते हैं। यह कई प्रकार के कैंसर से बचने में फायदेमंद हो सकते हैं, जैसे स्तन कैंसर, लंग्स कैंसर, पेट का कैंसर और आंत के कैंसर। इसके अतिरिक्त खट्टे फल के छिलके में एंटी-ट्यूमर गुण भी पाया जाता है जो ट्यूमर के खतरे को कम करने में मदद करता है। ध्यान दें यह फल कैंसर को पूरी तरह से ठीक नहीं करता है बल्कि सिर्फ बचाव में मदद करता है। अत: यदि आपको कैंसर की बिमारी है तो आपको खट्टे फलों के सेवन के साथ ही किसी अच्छे डॉक्टर से से उपचार करना चाहिए।
  1. सिट्रस फल हृदय रोगों में फायदेमंद हो सकते हैं क्योंकि इसमें पाया जाने वाला फ्लेवोनोइड ब्लड लिपिड, ब्लड ग्लूकोज के साथ ही रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसकी कारण से कह सकते हैं कि खट्टे फल हृदय को स्वस्थ बनाये रखने में मदद करते हैं।
  1. यदि आप अपना पाचन तंत्र मजबूतू करना चाहते हैं तो आपके लिए खट्टे फल फायदेमंद हो सकते हैं। क्योंकि इनमें पाया जाने वाला सॉल्युबल फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद कर सकता है। जिससे पेट से जुड़े रोगों से बचा जा सकता है।
  1. पथरी के रोग में भी खट्टे फल का सेवन करना फायदेमंद होता है। एक शोध से पता चला है​ कि यह फल मूत्रवर्धक पथरी से बचने में मदद करते हैं। नींबू के शुद्ध रस में ड्यूरेटिक गुण पाया जाता है जो मुत्रस्त्राव को बढ़ाने में मदद कर सकता है और पथरी के जोखिम को कुछ हद तक कम कर सकता है।
  1. खट्टे फलों में पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट एवं फ्लेवोनोइड्स गुण आपके शरीर पर न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव डाल सकते हैं अर्थात दिमाग से जुड़े रोगों से बचने में मदद कर सकता है। इसी के साथ यह गुण दिमागी तनाव एवं दिमागी विकार न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग से बचने में मदद करता है। इन्हीं गुणों के आधार  पर खट्टे फलों को दिमाग के लिए फायदेमंद माना जाता है।
  1. खट्टे फलों में पाये जाने वाले विटामिन-सी एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो आंखों को फ्री रेडिकल्स से होने नुकसान से बचाता है। मगर आपको यह बात अवश्य ही ध्यान में रखनी चाहिए कि आंखों की मेटाबॉलिक दर अधिक होती है, जिस कारण आंखों को सामान्य से अधिक एंटीऑक्सीडेंट सुरक्षा की जरूरत पड़ती है। अत: विटामिन-सी के अ​तिरिक्त आंखों के लिए एंटीऑक्सीडेंट को रीजेनरेट करने विटामिन-ई भी मदद कर सकता है।
  1. उपर हम बता चुके हैं कि इन फलों में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी होता है जो एक एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव देता है। यह आपको त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करता है। फ्री रेडिकल्स के कारण त्वचा में झुर्रिया और रेखाएं दिखने लगती है जिससे आपकी उम्र अधिक लगने लगती है। यदि आपको इनसे बचना है तो आपको खट्टे फलों का सेवन  का नियमित सेवन करना चािहए। आप इसको खाने के साथ ही रात को सोने से पहले नींबू के रस को अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इसको अपने चेहर में लगाने के 5 मिनट के अन्दर ही इसे धो लेना चाहिए। यह आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद हो सकता है।

खट्टे फल के पौष्टिक तत्व – Citrus Fruits Nutritional Value

आपको बाजार में कई प्रकार के खट्टे फल मिल जाते हैं। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व पाये जाते हैं जिन्हें नीचे दिया गया है।

  • फाइबर  
  • विटामिन बी 6
  • कैल्शियम
  • फास्फोरस
  • थियामिन
  • नियासिन
  • अब्सोर्बिक एसिड (विटामिन सी)   
  • फोलेट   
  • पोटेशियम           

खट्टे फल का उपयोग – How to Use Citrus Fruits

इन फलों को आप विभिन्न तरीकों से उपयोग कर सकते हैं।

  • इन फलों को साबुत खा सकते हैं।
  • इसको आप जूस के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • खट्टे फल जैसे नींबू का उपयोग कई तरह के व्यंजनों में किया जा सकता है।
  • संतरे जैसे फलों का प्रयोग केक एवं कस्टर्ड बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
  • आप विभिन्न प्रकार के खट्टे फलों को मिलाकर फ्रूट सलाद के रूप में खा सकते हैं।
  • आप नाश्ते से पहले नींबू के रस का प्रयोग कर सकते हैं इसके लिए आप गुनगुने पानी में नीबू के रस को मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

खट्टे फल के नुकसान – Side Effects of Citrus Fruits

आपने उपर खट्टे फल के फायदों के बारे में तो जान ही लिया है अब आगे के लेख में इससे होने वाले नुकसानों के बारे में भी जान लेते हैं।

  • इससे आपको गले, जुबान एवं मुंह में सूजन अर्थात ओरल एलर्जी सिंड्रोम हो सकता है।
  • यदि आपको इसको खाने से पोलेन एलर्जी अर्थात हे फीवर जैसे की लगातार छींक आना, आंखों से पानी आना, खांसी और आंख और नाक में खुजली होना। यदि यह लक्षण आपको दिखाई दे तो तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।
  • आपको उल्टी हो सकती है।
  • डायरिया की समस्या का होना।
  • गैस के साथ पेट दर्द में दर्द होना।

दोस्तों हमने आपको उपर लेख में खट्टे फलों से होने वाले फायदों के साथ ही इसके कुछ  नुकसान भी बताये हैं मगर आप थोड़ी सी सावधानी रखकर इससे बच सकते हैं। खट्टे फलों से होने वाले बहुत से फायदों के सामने यह नुकसान बहुत ही छोटे हैं जिन्हें थोड़़ी सी सावधानी बरत कर बचा जा सकता है। यदि आपको यह लेख अच्छा लगा तो इसको अपने दोस्तों के साथ अवश्य ही शेयर करें।

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