चन्द्रप्रभा वटी के लाभ-Chandraprabha Vati Ke Labh

हमारी व्यस्त होती जीवनशैली कई बिमारियों को पैदा करने का कारण बनती जा रही है।

ऐसे में हम अंग्रेजी दवाओं के आदी होते जा रहे हैं और यह दवायें हमारे शरीर को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

ऐसे में हमें आयुर्वेद की ओर जाना चाहिए और इसके लिए सबसे उचित है चन्द्रप्रभा वटी जिसका उपयोग हमारे लिए बहुत ही उपयोगी है।

यह वटी हमारे शरीर को कई प्रकार की बिमारियों से तो बचाती है और हमारे रोगों से लड़ने की क्षमता में भी वृद्धि करती है।

चंद्रप्रभा वटी (chandraprabha vati ke labh) के लाभ जानने से पहले चलिए हम इसके बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

Table of Contents

चन्द्रप्रभा वटी क्या है? – What is Chandraprabha Vati?

चन्द्रप्रभा वटी एक बहुत ही उपयोगी व प्रसिद्ध आयर्वुेदिक औषधि है।

चंद्रप्रभावटी (chandraprabha vati) दो शबदों के योग से बना है जिसमें चंद्र अर्थात चंद्रमा और प्रभा का मतलब चमक हैे।

अर्थात एक ऐसी दवा जिसके प्रयोग से हमारे शरीर को चन्द्रमा की तरह चमक और शक्ति मिलती है।

चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग अन्य दवाओं के साथ किया जाता है क्योंकि यह शरीर की कमजोरी का दूर कर देता है।

चन्द्रप्रभा वटी के लाभ और इसके प्रभाव Chandraprabha Vati Benefits And Effects in Hindi

चन्द्रप्रभा वटी जोड़ों के दर्द, मधुमेह, गुर्दे की पथरी, मूत्राशय, रोग प्रतिरोधकता, हड्डियों, मानसिक रोगों में काफी लाभदायक है।

1. चन्द्रप्रभा वटी मधुमेह में फायदेमंद Benefits of Chandraprabh Vati for Diabetes in Hindi

इस दौड़—भाग भरी जिन्दगी में शुगर अर्थात मधुमेय की बिमारी आम होती जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक इस बिमारी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।

इस बिमारी के इलाज के लिए अंग्रेजी दवाओं के प्रयोग से फायदा कम नुकससान ज्यादा होता है।

इसके लिए हमें आयुर्वेद दवाओं का प्रयोग करना चाहिए जिसमें चन्द्रप्रभा वटी मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करती है।

इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसके नियंत्रण के लिए चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग नियिमत करना चाहिए।

2. चन्द्रप्रभा वटी किडनी सम्बन्धी रोग में फायदेमंद-Benefits of Chandraprabh Vati for Kidney related disorders in Hindi

अनियमित और जंक फूड के अधिक प्रयोग से किडनी के रोग व इसके खराब होने का खतरा बना रहता है।

किडनी के खराब होने से मूत्र की बनने में कमी हो जाती है अर्थात हमारे शरीर के अवशिष्टों का ठीक प्रकार से शरीर के बारह निकालने का कार्य नहीं हो पाता है।

जिससे शरीर में कई प्रकार के रोग उत्पन्न होते हैं जैसे मूत्राशय में खराबी होने से मूत्र करते समय जलन का होना, पेडू में जलन व अधिक दुर्गन्ध का होना।

इन बिमारियों का इलाज में चन्द्रप्रभा वटी काफी उपयोगी होती है।

इसके नियमित प्रयोग से किडनी की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है जो शरीर में बढ़े यूरिक एसिड व यूरिया को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।

अगर आप किडनी से सम्बन्धित रोगों से ग्रसित हैं तो आपको नियमित रूप से चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग करना चाहिए।

3. चन्द्रप्रभा वटी से शारीरिक और मानसिक शक्ति बढ़ाएं Chandraprabh Vati works like a tonic in Hindi

इस दौड़ भाग वाली लाईफ में हमें तनाव होना आम बात है। लगातार तनाव होने से हमें बिमारियां होने का खतरा बना रहता है।

थोड़े से कम करने से ही हम थक जाते हैं इसके लिए हम चन्द्रप्रभा वटी के नियमित सेवन से अपने शारीरिक व मानसिक शक्ति मे वृद्धि कर सकते हैं।

शरीर में स्फूर्ति लाने के साथ ही हमारी स्मरण क्षमता को बढ़ाती है।

चन्द्रप्रभा वटी शरीर को विभिन्न प्रकार के टॉक्सिन अर्थात विष युक्त पदार्थो से मुक्त करने का भी काम करती है।

चन्द्रप्रभा वटी के फायदे को देखते हुए इसे सम्पूर्ण स्वास्थ्य टॉनिक के रूप मे प्रयोग किया जाता है।

4. स्त्री रोगों में चन्द्रप्रभा वटी के लाभ Benefits of Chandraprabha Vati for women in Hindi

महिला रोगों के लिए चन्द्रप्रभा वटी लाभदाय होती है।

महिलाओं में गर्भाशय की कमजोरी को दूर कर उसके स्वास्थ्य को ठीक करने में मदद करता है।

गर्भाशय के बढ़े आकार, बार बार गर्भपात आदि समस्याओं में चन्द्रप्रभा वटी का सेवन रामबाण का काम करता है।

इसका नियमित प्रयोग महिलाओं के रोगों में सहायक होता है।

5. चन्द्रप्रभा वटी दर्द निवारक भी है Chandraprabha Vati relieves pain in Hindi

शरीर में होने वाले दर्द के लिए चन्द्रप्रभा वटी लाभदायक है।

शरीर में पैदा होने वाले अवशिष्ट यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के गुण के कारण जोड़ों के दर्द, गठिया वात के दर्द, सूजन आदि के इलाज में यह सहायक होता है।

इसके लगातार सेवन से स्त्रियों में मासिक धर्म की अनियमितताएं भी ठीक होती है।

उसके कारण होने वाले पेट में दर्द, पेड़ू के दर्द, कमर में होने वाले दर्द के साथ ही अन्य जगहों में होने वाले आम दर्द में भी यह लाभदायक होता है।

6. वीर्य सम्बन्धी बिमारियों में चन्द्रप्रभा वटी के लाभ Chandraprabh Vati improves Sperm Quality in Hindi

पुरूषों में होने वाले अधिक शुक्राणु के नुकसान या फिर स्त्रियों में अत्यधिक रक्तस्राव से शरीर की सुन्दरता या कहें शरीर में होने वाली कमजोरी, शरीर का पीला पड़ना, जल्द थकान हो जाना, आंखों के नीचे काले निशान बनना, भूल न लगना आदि बिमारियों पैदा हो जाती है।

इन सब से बचने के लिए चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग लाभकारी होता है। यह स्पर्मकाउंट को बढ़ाता है, रक्त कोशिकाओं का शोधन तथा निर्माण करती है।

स्वप्नदोष या शुक्रवाहिनी नाड़ियों के कमजोर पड़ जाने में यह लाभदायक होती है। इसका नियमित सेवन आपके लिए लाभदायक होगा। चन्द्रप्रभा वटी के अन्य लाभ।

7. गठिया में चन्द्रप्रभा वटि के फायदे

यदि आपको गठिया और यूरिक एसिड बढ़ने की दिक्कत रहती है तो आपके लिए सबसे अच्छी दवाओं में से चन्द्रप्रभा वटी है।

चन्द्रप्रभा वटी शरीर में पैदा होने वाले अनावश्य हानिकारक पदार्थ यूरिया और यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकालने मे मदद करती है। यह वटी शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने में सहायता करती है।

चन्द्रप्रभा वटी किडनी या गुर्दे के कार्य में मदद करती है जिससे दर्गे के द्वारा बढ़े हुए यूरिक एसिड की मात्रा को कम किया जाता है।

यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग गूगुल, गिलोय व पुनर्नवा चूर्ण के साथ किया जाता है। जो काफी फायदेमंद होता है।

8. मूत्र सम्बन्धि रोग में चन्द्रप्रभा वटि के फायदे

मूत्र से सम्बन्धित रोगों में चंद्रप्रभा वटी अत्यधिक फायदेमंद होती है। यह बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि के साइज को कम करने में मदद करती है।

इसक ​साथ ही बार—बार पेशाब जाने समस्या को भी ठीक करने में सहायता करती है। यह सीधे इस समस्या की जड़ को ही ठीक करती है जिससे यह रोग पूर्णरूप से ठीक होता है।

9. गठिया में चन्द्रप्रभा वटि के फायदे

यदि आपको गठिया और यूरिक एसिड बढ़ने की दिक्कत रहती है तो आपके लिए सबसे अच्छी दवाओं में से चन्द्रप्रभा वटी है।

चन्द्रप्रभा वटी शरीर में पैदा होने वाले अनावश्य हानिकारक पदार्थ यूरिया और यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकालने मे मदद करती है। यह वटी शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने में सहायता करती है।

चन्द्रप्रभा वटी किडनी या गुर्दे के कार्य में मदद करती है जिससे दर्गे के द्वारा बढ़े हुए यूरिक एसिड की मात्रा को कम किया जाता है।

यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग गूगुल, गिलोय व पुनर्नवा चूर्ण के साथ किया जाता है। जो काफी फायदेमंद होता है।

10. मूत्र सम्बन्धि रोग में चन्द्रप्रभा वटि के फायदे

मूत्र से सम्बन्धित रोगों में चंद्रप्रभा वटी अत्यधिक फायदेमंद होती है। यह बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्रंथि के साइज को कम करने में मदद करती है।

इसके ​साथ ही बार—बार पेशाब जाने समस्या को भी ठीक करने में सहायता करती है। यह सीधे इस समस्या की जड़ को ही ठीक करती है जिससे यह रोग पूर्णरूप से ठीक होता है।

चन्द्रप्रभा वटी का प्रयोग कैसे करें

दवा की दुकान में चन्द्रप्रभा वटी की गोलियां आसानी मिल जाती हैं। सुबह व शाम को पानी या दुध के साथ वटी की एक या दो गोलियां लेनी चाहिए। अगर आपको शारीरिक कमजोरी है तो आपको चन्द्रप्रभा वटी को दूध के साथ लेना चाहिए। इससे आपको लाभ ही होगा।

चंद्रप्रभा वटी के घटक

इसमें निम्न घटक पाये जाते हैं — चन्द्रप्रभा (शटी/कर्चूर), निस्राव, वचा, मुस्ता, भूनिम्ब (किराततिक्त), अमृता, दारुक (देवदारु), हरिद्रा, अतिविषा, दार्वी (दारुहरिद्रा), पिप्पलीमूल, चित्रक, धान्यक, हरीतकी, बिभीतक, आमलकी, चव्य, विडङ्ग,

गजपिप्पली, सोंठ, काली मिर्च, स्वर्णमाक्षिक धातु, यवक्षार, सज्जीक्षार, सैंधव लवण, सौवर्चल लवण, विड लवण, त्रिवृत्, दन्ती, तेजपत्र, दालचीनी, एला, पिप्पली, वंशलोचन, लौह भस्म,

मिश्री, शिलाजीत एवं गुग्गुलु।

Other Benefits of Chandraprabha Vati in Hindi

भूख न लगना कमजोरी महसूस करना, मंदाग्नि और अजीर्ण में चन्द्रप्रभा वटी फाइदेमंद होती है।

इसके साथ ही मल–मूत्र के साथ वीर्य का गिरने, बार–बार मूत्र आना, ल्यूकोरिया, वीर्य दोष, पथरी, अंडकोषों में हुई वृद्धि, पीलीया, बवासीर, कमर दर्द, आदि में चन्द्रप्रभा लाभकारी हैं।

इसका नियमित सेवन करने से हमें लाभ होता है।

चंद्रप्रभा वटी की खुराक – Dosge of Chandrprabha Vati in Hindi

आयुर्वेदाचार्य चंद्रप्रभा वटी की 2000 मिली ग्राम तक की मात्रा का दिन में दो बार लेने को कह सकते हैं। मगर इसका सबसे अच्छा तरीका है इसकी टैबलेट को लेना जिसकी मात्रा निम्नानुसार आप ले सकते हैं।
दिन में आप 1 ग्राम या फिर इसकी 2 गोली ले सकते हैं।
इसको दूध के साथ लेना फायदेमंद माना जाता है। इसकी आप 1 से से 2 गोली दिन में दो बार ले सकते हैं।

चंद्रप्रभा वटी को लेने में बरती जाने वाली सावधानी – Caution of Chandraprabha Vati

  • यदि आप चंद्रप्रभा वटी को चिकित्सक के निर्देशानुसार ले रहे हैं तो यह आपके लिए किसी भी प्रकार नुकसान देह नहीं है। लेकिन कुछ कारणों से से आपको प्रभावित कर सकती हैं जो निम्न हैं —
  • गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टर की अनुमति के इसका सेवन नहीं करना चाहिए। वैसे तो यह किसी भी प्रकार से असुरक्षित नहीं है फिर भी आपको सावधानी के तौर पर इसके प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।
  • यदि आप स्तनपान करा रही हैं तो इसके प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।
  • यदि आपको इसके प्रयुक्त तत्वों से किसी भी प्रकार की एलर्जी है तेा आपको इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए या फिर प्रयोग से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।

चन्द्रप्रभा वटी के बारे में जानने योग्य बातें – Some Important Things About Chandraprabha Vati

  • यदि आप इसका प्रयोग कर रहे हैं तो इसका फायदा आपको 2 सप्ताह के बाद ही देखने को मिलेगा।
  • इसका वटी का सेवन भोजन के बाद ही दिन में दो बार करना चाहिए।
  • चन्द्रप्रभा वटी को बच्चों से दूर रखें क्योंकि आंखों में लगने से बच्चों को परेशानी हो सकती है।
  • इसके प्रयोग से आप इसके आदी नहीं होते हैं।
  • यदि आप चंद्रप्रभा वटी को शुरू या इसका प्रयोग बन्द करना चाहते हैं तो इससे पहले डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।
  • यदि आपगर्भवती हैं या फिर स्तनपान करा रही हैं तो आपको इसके प्रयोग से पहले डॉक्टर से अवश्य पूछना चाहिए।
  • य​ह दवा सामन्य तौर पर किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाती है। आपका इसका प्रयोग कर सकते हैं।
  • चंद्रप्रभा वटी को धूप और नमी से दूर रखें।
  • इसकी अधिक जानकारी के लिए चिकित्स से सम्पर्क करें।

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