कैमोमाइल के फायदे और नुकसान – Chamomile Benefits and Side Effects in Hindi

हम हमारे दैनिक जीवन में कई प्रकार के पेय पदार्थों का प्रयोग करते हैं उनमें से एक है चाय। मार्केट में आम चाय के अलावा भी कई प्रकार की चाय आसानी से मिल जाती है। जैसे — ग्रीन टी, लेमन टी, जिंजर टी, मिंट टी आदि, इसमें से ही एक चाय है कैमोमाइल।

कैमोमाइल का नाम अपने इससे पहले नहीं सुना है तो इसके बारे में हम बता दें कि इसका नाम एक फूल के नाम पर है जिससे यह चाय बनाई जाती है वह है कैमोमाइल का फूल। यह फूल दिखने में बहुत ही सुन्दर पीला और सफेद रंग का होता है।

दिखने में यह जितना सुन्दर होता है उतनी ही बेहतरीन इसकी चाय होती है अर्थात् यह हमारे स्वाथ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होती है। स्‍वास्‍थ्‍य से सम्बन्धित परेशानियों एवं पारंपरिक ईलाज के लिए कैमोमाइल टी (Chamomile Tea) का बहुत समय से उपयोग किया जाता रहा है। कैमोमाइल टी को हर्बल चाय माना जाता है।

कैमोमाइल चाय में एंटी-स्पाज्मडिक (antispasmodic) व एंटी-इन्‍फ्लामेट्री गुण पाये जाते हैं। इसके त्‍वचा, तनाव कम करने, नींद न आने में, ऐंठन अर्थात मांसपेशियों में ऐठन होने पर, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में एवं मासिक धर्म के साथ ही अन्य समस्याओं में भी फायदे हैं।

इस लेख में कैमोमाइल के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने जा रह हैं।

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कैमोमाइल क्या है? – What is Chamomile Tea in Hindi

कैमोमाइल एस्टरेसिया (Asteraceae) परिवार का पौधा है। ​इस पौधे में सफदे व ​पीले रंग के फूल होते हैं जिनको सूखा कर कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं व प्रलेप (poultices) में उपयोग किया जाता है।

इसके अलावा इसका सबसे ज्यादा प्रयोग इसकी चाय के लिए किया जाता है। स्पेनिश में इस चाय को मंजानिला चाय (Manzanilla tea) कहा जाता है।

दुनियाभर में इस पौधें की कई प्रजातियां पाई जाती हैं। लेकिन इनके पौषक तत्व समान ही होते हैं। लेकिन जर्मनी एवं रोम में पाये जाने वाले कैमोमाइल पौधेें से बनी चाय के अधिक लाभ होते हैं क्योंकि वहां पाये जाने वाले पौधे में पौषक तत्व व अन्य यौगिक अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।

कैमोमाइल चाय का प्रयोग कई वर्षों से स्वास्थ्य लाभ एवं इसके स्वाद के लिए किया जाता रहा है। इसका प्रयोग एक औषधि के रूप में भी किया जाता रहा है। इसमें कई प्रकार के एंटीऑक्‍सीडेंट पाये जाते हैं।

उनमें से एक है फ्लेवोनोइड (flavonoids)। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। यह हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए मदद कर सकती है।

कैमोमाइल के फायदे – Benefits of Chamomile Tea in Hindi

1. डायबिटीज के लिए कैमोमाइल चाय के फायदे –

अगर आपको डायबिटीज या मधुमेह है तो आप रक्‍त में शुगर के स्‍तर को नियंत्रित करने के लिए कैमोमाइल चाय का प्रयोग कर सकते हैं। अध्‍ययनों से पता चला है कि इसमें प्रचूर मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो मधुमेह और हाइपरग्लिसिमिया (hyperglycemia) संबंधि परेशानियों को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। कैमोमाइल चाय इंसुलिन के स्‍तर नियंत्रित एवं कम करने में मदद करती है।

कैमोमाइल चाय डायबिटीज संबंधी समस्‍याएं जैसे मधुमेह न्‍यूरोपैथी (तंत्रिका क्षति), मोतियाबिंद, आंखों ​की  रेटिना क्षति (retinopathy) और गुर्दे की क्षति (nephropathy) आदि। इस प्रकार की समस्याओं से निदान पाने के​ लिए आप कैमोमाइल चाय का उपयोग कर सकते हैं।

2. कैमोमाइल चाय के फायदे त्वचा के लिए –

Chamomile Tea for Skin — आप कैमोमाइल चाय का उपयोग अपनी त्वचा को चमकदार एव स्वस्थ्य बनाने के लिए कर सकते हैं। कैमोमाइल टी एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इन्‍फ्लामेट्री होती है जिसके कारण इसे न केवल पेय पदार्थ के रूप में प्रयोग किया जाता है बल्कि त्‍वचा में लगाने के लिए भी किया जा सकता है।

एक्जिमा (eczema) जैसी त्वचा के रोग के उपचार के लिए कैमोमाइल टी  का प्रयोग किया जाता है। यह आपके चेहरे की झुर्रियों को कम करने में मदद करती है। यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) को मजबूत करता है जिससे त्‍वचा को स्वस्थ्य बनाने में सहायता मिलती है।

3. अनिंद्रा को दूर करने में कैमोमाइल के लाभ –

अगर आपको नींद न आने की समस्या रहती है तो आपके लिए कैमोमाइल चाय किसी दवा से कम नहीं है। यह कैफीन रहित पेय पदार्थ है जिसके सेवन से अच्‍छी नींद आती है और हमारी नींद की गुणवत्‍ता में भी सुधार होता है।

कैमोमाइल चाय में एंटीऑक्‍सीडेंट फ्लैवोनॉयड पाया जाता है जिसे एपिगेनिन (Apigenin) कहा जाता है। एपिगेनिन कैमोमाइल चाय का विशेष यौगिक है जो नींद न आने की बिमारी के उपचार में मदद करता है। इसके और अधिक अच्छे परिणाम पाने के लिए आप प्रतिदिन 3 से 4 कम कैमोमाइल चाय ​पीये इससे आपको अनिद्रा की समस्या से छुटकारा मिल जायेगा।

4. पेट के रोगों में कैमोमाइल की चाय के लाभ –

यदि आप पेट के रोगों जैसे पेट की जलन से परेशान हैं और आपके पेट की आंतों मरोड़ एवं सूजन हो तो कैमोमाइल टी का उपयोग करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है।

इसमें एंटी-इन्‍फ्लामेट्री गुण पाये जाते हैं जो आंतों की समस्‍या को दूर करने में आपकी सहायता करता है। कैमोमाइल चाय के प्रयोग से पेट की गैस और मल त्‍याग करना आसान हो जाता है। यह चाय पेट के अल्सर एवं ऐंठन में लाभकारी होती है।

5. प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में कैमोमाइल के फायदे –

यदि आपको बार-बार वायरल संक्रमण होता रहता है तो इससे पता चलता है कि आपकी प्रतिरक्षा शक्ति Immune System कमजोर है। यदि आपको अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना है तो आपको कैमोमाइल चाय का नियमित प्रयोग करना चाहिए।

क्योंकि इसमें मौजूद फेनोलिक यौगिक आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और संक्रमणों से आपको बचाने में आपकी सहायता करते हैं। कैमोमाइल चाय में मौजूद पोषक तत्‍व भी  फ्लू,  ठंड और रक्‍त का गाढ़ा होना (congestion) जैसी समस्‍याओं से छूटकारा पाने में मदद कर सकती है।

6. कैमोमाइल टी के हृदय के लिए  फायदे  —

कैमोमाइल टी में एंटीऑक्‍सीडेंट (Antioxidant) और फ्लैवोन की प्रचूर मात्रा होती है। ये ​दोनों पदार्थ ब्‍लड प्रेशर और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में सहायता करती है। ये दोनों कारण आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक होते हैं। उम्रदाराज लोगों के लिए कैमोमाइल टी बहुत ही लाभकारी हो सकती है।

7. कैंसर के लिए कैमोमाइल फूल की चाय के लाभ —

अध्‍ययनों से पता चलता है कि कैमोमाइल चाय कैंसर की कोशिकाओं को नष्‍ट करने में मदद कर सकती है। या फिर कहें कैंसर की प्रथम स्‍टेज पर ही इसके विकस को रोक सकती है। विकसित होने से रोक सकती है। कैमोमाइल चाय मे निहित एपिगेनिन कुछ प्रकार के कैंसरों को रोकरने में मदद करती है।

कैमोमाइल फूल में एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री के गुण पाये जाते हैं। जो मुक्‍त कणों (free radicals) से छुटकारा पाने में सहायता करती है। यही कण कैंसर का कारण बनते हैं। कैमोमाइल चाय के उपयोग से प्रोस्‍टेट (prostate), स्‍तन, त्‍वचा के कैंसर को रोकने में सहायता कर सकता है।

8. हड्डियों को मजबूती के लिए कैमोमाइल के फायदे —

बढ़ती उम्र के साथ ऑस्टियोपोरोसिस ऐसी बीमारी होती है, जिसमें हड्डियां कमजोर होने लगती है। इस समस्या में हड्डियों के आसानी से टूटने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी अवस्था में हड्डियों को कमजोर होने से बचाने के सेलेक्टिव एस्ट्रोजन रिसेप्टर मोड्यूलेटर (selective estrogen receptor modulators) का उपयोग किया जा सकता है।

कैमोमाइल एंटी-एस्ट्रोजेनिक प्रभाव पैदा करता है, जो हड्डियों को मजबूती देने का कार्य करता है। अत: कैमोमाइल टी को प्रतिदिन प्रयोग कर हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है।

9. कैमोमाइल चाय के फायदे माहवारी समस्या के लिए –

कैमोमाइल के एंटी-इंफ्लेमेटरी और आरामदायक गुणों के कारण महिलाओं को माहवारी से होने वाली परेशानियों जैसे— चिंता, पसीना, नींद ना आना, ब्लोटिंग, ऐंठन, व्यवहार में बदलाव आदि के ठीक होने सहायता मिलती है।

कैमोमाइल चाय का प्रयोग करने से इन परेशानियों पर सीधे असर पड़ता है और मन व शरीर को आराम मिलता है। इसके साथ ही शरीर की सूजन भी कम होती है।

10. मुँहासों के लिए कैमोमाइल टी के लाभ —

कैमोमाइल में एंटीआक्‍सीडेंट की प्रचूर मात्रा होने के कारण यह मुंहासों के इलाज के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। शरीर में उत्पन्न होने वाले मुक्‍त कणों Free radicals को दूर करने में कैमोमाइल बहुत ही लाभकारी होता है।

यह बैक्‍टीरिया की रोकथाम कर मुँहासों के उपचार में सहायता करता है। कैमोमाइल में पाये जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इन्‍फ्लामेट्री त्‍वचा के छिद्रों को साफ करने और बैक्‍टीरिया को हटाने में सहायता करते हैं। इसके तेजी से प्रभाव के लिए इसको सीधे मुँहासों से प्रभावित त्वचा में लगा कर लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं।

11. मांसपेशियों के दर्द में कैमोमाइल के फायदे –

अगर आपको अक्सर मांसपेशियों के दर्द रहता है तो इसके लिए कैमोमाइल चाय फायदेमंद हो सकती है। यह शरीर में ग्‍लाइसीन (Glycine) के स्‍तर को बढ़ाने में मदद करती है जिससे शरीर में मांसपेशियों की ऐंठन (Muscle spasms) को ठीक होने में मदद मिलती है।

कैमोमाइल टी में पाये जाने वाला ग्‍लाइसीन तंत्रिका तंत्र को आराम दिलाने में सहायता करता है। इसके साथ ही यह तनाव व चिंता से भी राहत दिलाने में मदद करता है।

12. तनाव को दूर करने में कैमोमाइल टी के फायदे —

चिंता और तनाव को कम करने के लिए कैमोमाइल चाय का प्रयोग किया जा सकता है। कैमोमाइल चाय में पाये जाने वाले एपिगेनिन नामक एक पदार्थ मन और शरीर पर उत्‍तेजक न्‍यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitter) और हार्मोन के प्रभाव को कम करने में सहायता करता है। जिससे तनाव से छुटकारा पाने में मदद मिलती है।

13. एंटीइंफ्लेमेटरी गुण से समृद्ध कैमोमाइल चाय —

क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (Chronic inflammation) को शरीर के भीतरी भाग में होने वाली सूजन को कहते हैं। इसका कारण सेल्स या फिर टिश्यू को क्षति पहुंचने पर हो सकता है यह परेशानी आगे बढ़कर कैंसर जैसी खतरनाक बिमारी का कारण बन सकती है। सूजन आने का कारण शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा का बढ़ना है। इस सूजन को नियंत्रण में लाने के लिए कैमोमाइल चाय में पाया जाने वाला फ्लेवोनोइड जो एंटीइन्फ्लेमेटरी एजेंट की तरह काम करता है बहुत काम आता है। यह शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के बढ़े प्रभाव को कम करने में मदद करता है, इससे आपको आराम मिलता है।

14. डायरिया में कैमोमाइल टी के फायदे —

पेट से जुड़ी परेशानियों जैसे गैस, अपच, कब्ज, पेट दर्द आदि में कैमोमाइल चाय बहुत ही लाभकारी हो सकती है। यह चाय खाने को आंत तक ले जाने वाली पेट की मांसपेशियों को राहत दिलाने में मदद करती है। इस कारण से यह पेट में बनने वाली गैस में आराम पहुंचाती है। इयसे कब्ज और पेट दर्द में भी फायदा होता है। अल्सर की बिमारी को बढ़ाने वाले बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पाइलोरी को पेट में पनपन से कैमोमाइल चाय रोकने में मदद करती है। इन सबके अलावा कैमोमाइल चाय बच्चों एवं बड़ों में होने वाले डायरिया के लक्षणों को भी कम करने में मदद करता है।

15. कैमोमाइल चाय के सनबर्न में लाभ —

पराबैंगनी (ultraviolet) किरणें सूर्य की हानिकारक किरणों में एक है जिससे त्‍वचा से जुड़ी विभिन्‍न समस्‍याएं पैदा होती हैं। लेकिन इन समस्याओं में फायदा पहुंचाने में कैमोमाइल टी बहुत लाभकारी होती है क्योंकि इसमें पाया जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इन्‍फ्लामेट्री सनबर्न में बहुत लाभकारी होती है। यदि आप कैमोमाइल चाय का नियमित सेवन करते हैं तो इससे आपको फायदा होगा इसके अतिरिक्त आप इस चाय को किसी साफ कपड़े की सहायत से उस स्थान जहां पर सनबर्न हुआ है वहां पर लगा सकते हैं। इससे उस स्थान को जल्द ठीक होने में मदद मिलेगी।

16. सूजन एवं दर्द में कैमोमाइल टी के फायदे –

यदि आपको चोट लगने के कारण उस स्थान पर सूजन आ गई है तो यह आपके लिए यह सूजन (swelling) बहुत ही दर्दनाक हो सकती है। इस सूजन को सही करने के लिए आपको एंटी-इन्‍फ्लामेट्री दवाओं का प्रयोग करना होता है। लेकिन इससे आपको परेशानी हो सकती है। इस स्थिति में आपके लिए कैमोमाइल चाय बहुत उपयोगी हो सकती है। क्योंकि कैमोमाइल चाय प्राकृतिक रूप से एंटी-इन्‍फ्लामेट्री (Anti-Inflammatory) गुण पाया जाता है जो सूजन को दूर करने में मदद कर सकता है। अत: आप इस चाय का प्रयोग अपनी मांसपेशियों को आराम देने के लिए भी कर सकते हैं।

कैमोमाइल के पौष्टिक तत्व – Chamomile Tea Nutritional Value in Hindi

इसके पोषक तत्वों को नीचे दिया गया है —

पोषक तत्व एवं उनकी मात्रा प्रति 100 ग्राम —

पानी99.7 ग्राम
ऊर्जा1 kcal
कार्बोहाइड्रेट0.2 ग्राम

विटामिन —

थायमिन0.01 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.0004 मिलीग्राम
फोलेट1 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए1 माइक्रोग्राम
कैरोटीन, बीटा12 माइक्रोग्राम

मिनरल्स —

सोडियम1 मिलीग्राम
पोटैशियम 9 मिलीग्राम
मैग्नीशियम1 मिलीग्राम
कॉपर0.015 मिलीग्राम
जिंक0.04 मिलीग्राम
आयरन0.08 मिलीग्राम
कैल्शियम2 मिलीग्राम

लिपिड्स

फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.002 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.001 ग्राम
फैटी एसिड, टोटल पोलीअनसैचुरेटेड0.005 ग्राम

कैमोमाइल के नुकसान – Side Effects of Chamomile Tea in Hindi

कैमोमाइल टी आयुर्वेदिक एवं नेचुरल चाय है इस कारण से इसके फायदे अत्यधिक हैं और नुकसान नाम मात्र के। फिर भी इसका अधिक मात्रा में सेवन करना आपको नुकसान पहुंचा सकता है। इसके कुछ नुकसान   (Chamomile tea side effects) हो सकते हैं। जो निम्न हैं —

  • अगर आपको गंभीर एलर्जी वाले लोग विशेष रूप से पराग के लिए एलर्जी हो तो आपको कैमोमाइल चाय का नहीं करना चाहिए।
  • डेजी परिवार (Compositae family) के फूलों से अगर किसी को एलर्जी है, तो उन लोगों को कैमोमाइल टी से भी एलर्जी होने का खतरा रहता है। उनके इसके प्रयोग से त्वचा पर रैशेज और फेफड़ों में सूजन हो सकती है, क्योंकि कैमोमाइल भी इसी परिवार का हिस्सा है। अत: ऐसे लोगों को कैमोमाइल के प्रयोग से बचना चाहिए।
  • कैमोमाइल टी का प्रयोग गर्भवती महिलाओं द्वारा अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।  क्‍योंकि यह उनके लिए गर्भापात का कारण बन सकता है।
  • छोटे बच्‍चों को कैमोमाइल चाय, शहद और अन्‍य प्राकृतिक उत्‍पादों का सेवन नहीं करने देना चाहिए।
  • अगर आप अपने रोगों के लिए किसी विशेष प्रकार की दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं तो आपको बिना डॉक्टर की सलाह के कैमोमाइल चाय का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कैमोमाइल चाय खून को पतला करने का कार्य करती है। इसलिए अगर आप लोग खून को पतला करने वाली दवाइयों का प्रयोग पहले से ही कर रहे हैं तो आपको कैमोमाइल चाय के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी अवस्था में आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
  • जरूरत से अधिक मात्रा में कैमोमाइल चाय का प्रयोग करने से सूजन, आंखों की जलन, उल्‍टी और मतली हो सकती है। अत: इसका सेवन एक निश्चित मात्रा में ही करें।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको इस लेख में कैमोमाइल या कैमोमाइल चाय के बारे में आपके उपयोग लायक जानकारी मिली होगी।

कैमोमाइल चाय के फायदों एवं नुकसान आपको अच्छी प्रकार से पता चल चुके होंगे। हम आशा करते हैं की यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद हो।

कैमोमाइल चाय शरीर की कई प्रकार की बीमारियों से दूर रखने में मदद कर सकते हैं, परन्तु इसे किसी भी प्रकार से मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं माना जा सकता है। अत: किसी भी बीमारी को पूरी तरह से सही करने के लिए आहार के साथ—साथ डॉक्टर की सलाह एवं इलाज की भी जरूरत होती है।

आप दैनिक आहार में कैमोमाइल एवं उसकी चाय शामिल कर इसके फायदे ले सकते हैं। आप अपने विचार कमेंट बॉक्स के जरिए हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।

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