कफ निकालने के उपाय-Caugh Nikalne ke Upaaye

कफ निकालने के उपाय अपना कर जुकाम और श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।

कफ सर्दी और अन्य श्वसन संक्रमण के कारण से होता है। ये बहुत ज्यादा गंभीर समस्या नहीं है, परन्तु इस समस्या को समय से उपचार न करें तो यह गम्भीर समस्या को जन्म दे सकता है जैसे ब्रोन्कियल (Bronchial) ट्यूब बंद हो सकने का खतरा रहता है।

कफ निकालने के घरेलू उपाय अपनाकर गले की सफाई, खांसी, नाक से पानी बहना, सांस लेने में दिक्‍कत जैसी समस्या को दूर किया जा सकता है।

कफ (बलगम) की वजह से नाक बहना, सांस लेने में दिक्कत आना, कमजोरी आदि कई समस्याएं होती हैं। यह भी देखा गया है कि कफ के कारण बुखार भी आ जाता है। कफ का उपचार नहीं किया गया तो यह छाती में जमा होता चला जाता है।

कफ होने से शरीर में वाइरस, बैक्टीरया और सूजनरोधी कोशिकाएं पैदा होती हैं जिसकी वजह से संक्रमण होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

कफ को सम्पूर्ण रूप से सही करने में काफी समय लगता है, परन्तु कुछ घरेलू उपायों को अपना कर आप कफ को जल्द से जल्द खत्म कर सकते हैं।

इस लेख में हम आपको कफ निकालने के उपाय के साथ ही घरेलू उपचारों के बारे में भी जानेंगे।

कफ क्या है? – Kaf kya hai in Hindi

कफ को निकालने के उपाय जानने से पहले हमें यह जान लेना चाहिए कफ है क्या?

कफ एक चिपचिपा तरल  पदार्थ है जिसे हम आम भाषा में बलगम भी कहते हैं। कफ अक्‍सर जुकाम होने या फिर बिमार के समय गले में जमा हो जाता है।

शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति कम होने या फिर बाहरी संक्रमण होना कफ बनने का कारण हो सकता है।

हालांकि कफ की झिल्‍ली श्वसंन तंत्र की रक्षा करने और स्‍वास्‍थ्‍य को बनाये रखने का भी कार्य करती है। हमारे शरीर में कफ या बलगम मुंह, नाक, गला, फेफड़ों और साइनस में मुख्‍य रूप से पाया जाता है।

यह काफी चिपचिपा होता है जिसके कारण धूल, वायरस आदि हमारे शरीर के अन्दर न पहुंच सके। यह अपने चिपचिपे पन के कारण उन्हें बाहर ही रोक देता है।

अक्सर कफ काफी पतला होता है लेकिन अगर यह अधिक गाढ़ा हो जाय तो इसकी जांच करा लेनी चाहिए।

यह हमारे श्वसन तंत्र का एक हिस्‍सा है लेकिन यदि यह हमारे लिए असुविधा का कारण भी बन सकता है अत: हमें तुरन्त डॉक्टर से सलाह कर लेनी चाहिए।

कफ जमा होने का कारण

बिमारी के समय छाती में जकड़न का अनुभव होने के साथ ही सूजन आ जाती है। इसका कारण छाती में कफ का जमा होना होता है। इसके होने के निम्न लक्ष्ण हो सकते हैं जैसे — घरघराहट, नींद में सांस लेने में कठिनाई, गले में खराश होना आदि हैं।

कफ हमेशा खांसी के साथ ही निकलता है। वैसे तो छाती में कफ का जमा होना आम बात है लेकिन कुछ परिस्थितियों में अधिक मात्रा में कफ का जमा होना चिन्ता का विषय हो सकता है। इसके निम्न कारण है-

  • एलर्जी
  • दमा
  • एसिड रिफ्लेक्‍स
  • बैक्‍टीरियल और वायरल संक्रमण
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस
  • क्रोनिक ऑब्‍सट्रक्टिव पल्‍मोनरी डिसीज

कफ निकालने के उपाय –

कफ निकालने के लिए कोई खास इलाज डॉक्टरों के पास नहीं होता है हॉं वह इसके लक्षणों को कम करने के लिए दवा अवश्य दे सकते हैं। किन्तु आप कफ या बलगम को निकालने करने लिए घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। 

कुछ उपाय हम आपको यहां बताने जा रहे है जो आपके लिए फायदेमंद होंगे।

1. कफ निकालने के उपाय ह्यूमिडिफायर

कफ के उपचार के लिए आसपास के वातावरण का विशेष प्रभाव पड़ता है। यदि आपके आस—पास का वातारण शुष्‍क है तो कफ से संबंधी समस्‍याएं आपको परेशान कर सकती हैं।

अत: आप कफ को निकालने के लिए ह्यूमिडिफायर का प्रयोग कर सकते हैं। ह्यूमिडिफायर शुष्‍क हवा में सांस लेने से रोकने में मदद करता है।

विशेष रूप से यह रात को आपको सही प्रकार से नींद लेने में भी मदद करता है। शुष्‍क वातावरण में सांस लेने से  गला सूख जाता है जिस कारण से गले में जलन होने लगती ओर सूजन जैसी समस्‍याएं उत्पन्न हो जाती है।

परन्तु ह्यूमिडिफायर का प्रयोग करने से इन समस्याओं से बचा जा सकता है। जिससे कफ को पतला होने और फेफड़ों से कफ को निकलने में आसानी हो जाती है।

2. कफ के उपाय में लें भाप लें

कफ को निकालने के लिए भाप बेहतरीन तरीका माना जाता है। नाक के जरिये भाप लेने से जमे हुए कफ को पतला करने में सहायता ​मिलती है और कफ आसानी से निकाला जा सकता है। इसका प्रयोग हम दो प्रकार से कर सके हैं —

पहला विधि –

एक बड़े से बर्तन या कटोरे को तेज गर्म पानी भरे। इस गर्म पानी में आप विक्स वेपोरब या अन्य को ​भी मिला सकते हैं यह वै​कल्पिक है। अब सिर को तौलिये से पूरी तरह से ढ़क ले और करीब—करीब दस मिनट तक गर्म पानी की भाप लेते रहे। इस गर्म भाप से फेफड़ों में जमा कम पतली हो जायेगी और आसानी से निकलने में मदद मिलेगी।

दूसरी विधि—

अगर आप रोज दिन में दो बार स्टीम शावर ले सकते हैं तो इसको कम से कम 10 से 12 मिनट तक दिन में दो बार लें। इससे कम आसानी से निकल जायेगा। इसके अलावा आप गर्म पानी करके उससे नहा सकते हैं। गर्म पानी से निकलने वाली भाप भी स्टीम शावर की तरह ही कार्य करती है।

3. बच्चों कफ निकालने के उपाय-विटामिन C का उपयोग

बच्चों को सर्दी—खांसी और कफ जैसी परेशानियां सबसे अधिक होती हैं। यह समस्या तो किसी भी उम्र के व्यक्ति को भी हो सकती हैं। सर्दी और कफ कमजोर प्रतिरक्षा शक्ति वाले व्यक्तियों को जल्दी होता है।

परन्तु अगर आप स्‍वयं और बच्‍चों को उचित मात्रा में विटामिन सी का सेवन कराते हैं तो इस परेशानी सी बचा जा सकता है। विटामिन सी एक एंटीऑक्‍सीडेंट है जो फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव को कम करने में मदद करता है और वायरल संक्रमण से लड़ने में कारगर होता है।

विटामिन सी का प्रतिदिन सेवन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने में  मदद करता है। कफ निकालने के के रूप में आप विटामिन सी की गोलियां ले सकते हैं या फिर प्राकृतिक रूप से इसके लिए संतरे या नारंगी का सेवन कर सकते हैं।

इसके लिए आपको ​प्रतिदिन 2 गिलास संतरे या सीटरस फलों का जूस पीना चाहिए। ऐसा करने से आपको कफ और सर्दी जैसी बिमारियों से मुक्ति मिल जायेगी।

4. कफ नाशक अदरक/ लौंग की चाय

कफ का आयुर्वेदिक इलाज-अदरक में एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। वहीं दूसरी ओर लौंग एंव थाइम में रोगाणुरोधी गुण होते हैं। जिसके कारण प्रतिदिन अदरक की चाय का सेवन करने पर यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ ही संक्रमण और वायरस के प्रभाव को कम करने में भी मदद करता है। इतना ही नहीं अदरक की चाय से आपका शरीर हाइड्रेट रहने के साथ गले की सूजन को भी कम करता है। कफ नाशक के रूप में आप अदरक की चाय का प्रयोग कर सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर थाइम और लौंग दोनों के तेल टिंचर्स के रूप में कार्य करते हैं जो ऊपरी श्वसन सम्बन्धी संक्रमण को रोकने में प्रभावशाली हैं। कफ का उपचार करने के लिए आपको गर्म पानी में लौंग और अजवाइन फूल को मिलाएं और 10 मिनिट उबाल लेना चाहिए। इसके बाद इस पेय को ठण्डा कर दिन में 1 से 2 बार पिना चाहिए। इससे कफ को निकालने में मदद मिलेगी।

5. कफ का उपचार है नमक-पानी

अगर आप कफ की समस्या से परेशान हैं तो आपके लिए सबसे सरल और उपयोगी उपाय है नमक और पानी। अर्थात पानी को गर्म करें और उसमें नमक को मिलाकर गरारे करें। ऐसा करने से गले व छाती का काफी आसानी से बाहर आ जाता है।

इसके अलावा गले के सूजन व दर्द सम्बन्धी समस्या से भी निजात मिल जाती है। नमक में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो बैक्‍टीरिया को नष्‍ट करने में सहायता करता है। यह बैक्टीरिया गले में होने वाले संक्रमण का प्रमुख कारण होते हैं।

कफ के इलाज करने के लिए 1 गिलास गुनगुने पानी में कम से कम ½ चम्‍मच नमक को अच्छी तरह से  घोलें और इस पानी से गरारे करें। इसका उपयोग दिन में 1 से 2 बार करना लाभकारी होता है। इसको अधिक बार भी किया जा सकता है।

6. गले में जमा कफ निकालने के लिए नींबू रस का उपयोग

कफ के जमा होने से गले व छाती में जकड़न, जलन, दर्द और सूजन की समस्या हो सकती हैं। परन्तु गले में कफ का उपचार नींबू के रस से किया जा सकता है।

नींबू का रस गले में जमा बलगम को ढ़ीला, पतला और कमजोर करने में मदद करता है जिससे कफ आसानी से बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा नींबू में विटामिन सी प्रचूर मात्रा में भी पाया जाता है।

कफ के उपचार के लिए आपको 1 गिलास गर्म पानी में 2 चम्‍मच नींबू का रस और 1 बड़ा चम्‍मच शहद मिलाकर इसका दिन में 2 से 3 बार सेवन करना चाहिए। इसका प्रयोग करने से कफ को नियंत्रित किया जा सकता है।

7. कफ निकालने के लिए हल्दी का उपयोग

हल्‍दी में प्रचूर मात्रा में एंटीसेप्टिक गुण पाये जाते हैं। हल्दी का प्रयोग कई सालों से इसके इसी गुण के कारण कई प्रकार की बिमारियों में किया जाता रहा है। कफ या बलगम को उत्‍पादन करने वाले बैक्‍टीरिया को नष्‍ट करने में हल्दी मदद कर सकती है।

इसके अतिरिक्त हल्‍दी का प्रतिदनि प्रयोग शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। कफ को निकालन के उपाय के रूप में आप हल्दी का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए 1 गिलास गर्म दूध में 1 चम्‍मच हल्‍दी पाउडर मिलाकर सोने से पहले इसका सेवन करें।

और सुबह खाली पेट भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। अगर दूध उपलब्ध न हो तो आप गर्म पानी में भी इसका प्रयोग किया सकता है।

8. बलगम निकालने के लिए चिकन सूप

गर्म—गर्म चिकन सूप बलगम को निकालने में सहायता करता है। गर्म चिकन सूप श्वशन तंत्र को मॉइस्‍चराइज करने में मदद करता है और कफ को पतला करता है जिससे ​इसे आसानी से निकाला जा सके। इसके अलावा यह गले की सूजन व दर्द को भी दूर करने में प्रभावी होता है।

9. छाती में जमा कफ निकाले शहद

शहद में एंटीवायरल, जीवाणुरोधी एवं एंटीफंगल गुण पाये जाते हैं। इन गुणों के कारण शहद कफ व उसके कारण होने वाली अन्य परेशानियों जैसे गले के दर्द, सूजन और अन्‍य समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। शहद कफ निकालने का सबसे प्रभावशाली उपाय है। इसके साथ ही यह हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मदद करता है। कफ से छुटकारा पाने के लिए आपको नियमित रूप से शहद का सेवन करना चाहिए।

शहद के प्रयोग के लिए आप 1 चम्‍मच शहद में 1 चुटकी कालीमिर्च पाउडर मिलाएं और इसका सेवन करें। काली मिर्च गले के संक्रमण को दूर करने में सहायक होती है एवं शहद अपने एंटीवायरल गुणों के कारण कफ को गले एवं छाती से निकालने में सहायता करता है। शहद एवं कालीमिर्च के मिश्रण का नियमित रूप से 1 सप्‍ताह तक दिन में दो बार प्रयोग करने से फायदा होता है।

10. कफ निकालने के लिए प्याज का रस

प्‍याज में एंटी-इंफ्लामेटरी एवं एंटीबायोटिक गुण पाये जाते हैं। इसके प्रयोग से गले के संक्रमण को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा प्‍याज शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करने में मदद करती है। कफ निकालने के लिए प्याज के रस का प्रयोग किया जा सकता है।

इसके लिए आप प्‍याज लें और इसे धो कर साफ कर लें, फिर इसे बारीक काट लें। अब इस बारीक कटी हुई  प्‍याज में से 2 चम्मच प्याज लें और इसमें 2 चम्‍मच चीनी को मिलाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। कुछ समय पश्चात प्याज व चीनी के मिश्रण से एक तरल पदार्थ प्राप्त होता है। इस तरल की 1 चम्मच मात्रा को दिन में 2 से 3 बार लें। यह फायदेमंद होगा। इस मिश्रण को आप फ्रिज में 3 से 4 दिन तक संभाल कर रख सकते हैं।

11. कफ के लिए पुदीने का तेल —

स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा यह बताया गया है कि छाती में जमा कफ को निकलाने के लिए आप प्राकृतिक रूप से पुदीने के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको तेज गर्म पानी में पुदीने के तेल की कुछ बूंद डालनी चाहिए और फिर उसकी भाप को लेना चाहिए इससे आपको अवश्य ही लाभ होगा। और आपको कफ भी कम होगा।

12. कफ निकलाने के लिए काली मिर्च का प्रयोग —

यदि आप छाती में जमे कफ से परेशान हैं और इसको हटाना चाहते हैं तो आप इसके लिए काली मिर्च का सेवन भी कर सकते हैं यह इसके लिए लाभकारी साबित हो सकती है। काली मिर्च में पाया जाने वाले तत्व सर्दी-जुकाम एवं गले में खराश से होने वाली परेशानी को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए आप कुटी हुई काली मिर्च को शहद के साथ मिलाकर खा सकते हैं या फिर काली मिर्च के काढ़े का प्रयोग भी कर सकते हो।

13. कफ में लाल मिर्च का प्रयोग –

आपको सुनने में अजीब लग रहा होगा कि कफ को निकलाने में लाल मिर्च कैसे सहायता पहुंचा सकती है। मगर मिर्च छाती एवं नाक—गले में जमा कफ को निकलाने में मदद कर सकती है। क्योंकि लाल मिर्च की तासीर गर्म होती है और इसके अतिरिक्त इसकी उत्‍तेजक प्रकृति के कारण कफ को सीने से निकालने और सीने के दर्द को कम करने में भी सहायक होती है। इसके लिए आप एक चौथई लाल मिर्च के पाउडर एवं उतना ही अदरक के पेस्ट को 1 चम्मच शहद के साथ मिला लें और हो सकते तो इसमें 2 चम्मच सेब के सिरके का प्रयोग करें। यह तैयार मिश्रण कफ के छुटकारा पाने के लिए बहुत ही लाभकारी है।

14. कफ के लिए गाजर –

कफ के अतिरिक्त इससे जुड़े अन्य रोगों के लिए भी गाजर बहुत उपयोगी औषधी है। गाजर में विटामिन सी प्रचूर मात्रा में पाया जाता है और विटामिन सी एंटीऑक्‍सीडेंट का भी काम करता है जो हमारी रोग प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने का कार्य करता है। इसके अतिरिक्त गाजर में पाये जाने वाले अन्‍य पोषक तत्‍व एवं विटामिन भी कफ को शरीर से निकलाने में मदद करते हैं। इसके लिए आप गाजर को सीधे खा सकते हैं या फिर इसके रस में शहद मिलाकर इसका प्रयोग कर सकते हैं। पर ध्यान रहे आपको इस जूस को थोड़ा—थोड़ा पूरे दिन पीते रहना है।

Conclusion-निष्कर्ष

उपरोक्त दिये गये उपायों को आप अपना सकते हैं। पर ध्यान दें अगर यह उपाय आपके काम नहीं आ रहे हैं तो आपको तुरन्त डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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