अशोकारिष्ट पीने के फायदे-Ashokarishta Ke Fayde Aur Nuksan in Hindi

अशोकारिष्ट पीने के फायदे — इस दौड़—भाग भरी जिन्दगी में हमें छोटी—मोटी बिमारियां लगी ही रहती हैं और उनसे बचने के ​लिए हम घरेलू—नुक्से व जड़ी—बूटियों का प्रयोग करते हैं। इन जड़ी—बूटियों में से एक दवा ऐसी है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है और वह है अशोकारिष्ट।

इसका प्रयोग आयुर्वेद  में कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है। इस लेख में हम यह देखेंगे कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद है और इसका प्रयोग कैसे किया जाना चाहिए।  (अशोकारिष्ट के फायदे )

Table of Contents

अशोकारिष्ट क्या है ? – What is Ashokarishta in Hindi

अशोकारिष्ट एक आयुर्वेदिक दवा है, जिसे अशोक नामक पेड़ के अर्क के साथ अन्य सामग्री जैसे पानी, धातकी (एक औषधीय पौधा), गुड़, मुस्ता (एक जड़ी-बूटी) एव्।  सफेद जीरे को साथ में मिलाकर बनाया जाता है। इसमें अनुमानत: 5 से 10 प्रतिशत तक अल्कोहल होता है जो इसका महत्वपूर्ण एक्टिव कंपाउंड है।

अशोकारिष्ट को विथानिया सोम्निफेरा के नाम से भी जानते हैं। इसे विशेष रूप से महिलाओं की परेशानियों के लिए बनाया गया है। इसका व्यापक रूप से प्रयोग कई प्रकार के स्त्री रोगों जैसे अनियमित मासिक चक्र, पेट दर्द और कमर दर्द, असंतुलित हार्मोन और मासिक धर्म की परेशानियों के उपचार में किया जाता है।

यह दवा सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं है बल्कि इसका प्रयोग पुरूष भी कर सकते हैं। आगे के लेख में हम इससे होने वाले फायदों के बारे में बात करेंगे। (अशोकारिष्ट पीने के फायदे )

अशोकारिष्ट के औषधीय गुण –

  • अशोकारिष्ट के निम्न औषधीय गुण हैं —
  • इम्यूनीटि बूस्टर (प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला)
  • कार्डियोटॉनिक (हृदय स्वास्थ्य को मजबूत करने वाला)
  • ब्रेन टॉनिक (दिमागी की क्षमता को बढ़ाने वाला)
  • कार्मिनेटिव (गैस एवं कब्ज से राहत देने वाला)
  • डायजेस्टिव (पाचन शक्ति को बढ़ाने वाला)
  • शरीर में हो रही जलन को ठीक करने वाला

अशोकारिष्ट  के पौष्टिक तत्व – Nutritional Value of Ashokarishta in Hindi

अशोकारिष्ट एक आयुर्वेदिक दवा है जिसे अशोक के पेड़ की छाल एवं तने के अर्क के साथ अन्य तत्वों व जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार किया जाता है। अत: इसमें मौजूद तत्वों के रसायनों को ही पोषक तत्व कहा जा सकता है। इसमें उपस्थित निम्न पोषक तत्व है —

  • एल्केलाइड्स
  • कार्बोहाइड्रेट्स
  • टैनिन्स
  • ग्लाइकोसाइड्स
  • फ्लेवेनोइड्स

अशोकारिष्ट पीने के फायदे – Benefits of Ashokarishta in Hindi

1. प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए —

अगर आपकी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो आप किसी भी प्रकार की बिमारी से बच सकते हैं। अशोकारिष्ट का प्रयोग कर आप अपनी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार अशोकारिष्ट औषधि में इम्यून मॉड्यूलेटर अर्थात प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का गुण पाया जाता है। इसके प्रयोग से आपकी कमजोर हुई प्रतिरोधक प्रणाली को सुधार सकते हैं।

2. पेट दर्द कि लिए अशोकारिष्ट —

अशोकारिष्ट कार्मिनेटिव अर्थात गैस में आराम दिलाने वाला होता है। इसके साथ ही यह र डायजेस्टिव अर्थात पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। इन्हीं गुणों के कारण गैस और अपच से होने वाली पेट दर्द में यह लाभकारी हो सकता है।

3. मासिक धर्म में उपयोगी

अशोकारिष्ट महिलाओं की कई बिमारियों के साथ ही मासिक धर्म की तकलीफ से राहत दिलाने में मदद करता है। यह नियमित मासिक धर्म की प्रक्रिया को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।

शोध में यह सामने आया है कि अशोकारिष्ट महिला को पोषण प्रदान करता है और खून व प्रजनन अंगों को नियंत्रित करता है। इसके साथ ही यह हार्मोनल की स्थिति को भी ठीक करने में मदद कर सकता है। अशो​कारिष्ट में पाया जाने वाला तत्व  कमर व पेट दर्द भी राहत दिलाते हैं।

4. अल्सर में राहत दिलाए अशोकारिष्ट –

अगर आपको अल्सर की परेशानी है तो आप इस बिमारी में भी अशोकारिष्ट के फायदे ले सकते हैं। एक शोध में पाया गया है कि अशोक के पेड़ में अल्सर से राहत दिलाने वाले गुण पाये जाते हैं। अशोकारिष्ट को अशोक के पेड के अर्क से बनाया जाता है इसकी प्रकार यह अल्सर के लिए फायदेमंद है। अगर आप अल्सर से राहत पाना चाहते हैं तो आपको अशोकारिष्ट का प्रयोग करना चाहिए।

5. श्रोणि या पेल्विक सूजन में अशोकारिष्ट के फायदे –

अशोकारिष्ट श्रोणि अर्थात महिलाओं के प्रजनन अंगों में सूजन संबंधी परेशानी को ठीक करने में मदद करता है। इसमें पाये जाने वाली जड़ी-बूटियां एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव बनाती हैं जो अण्डाशय, गर्भाशय व अन्य प्रजनन अंगों को होने वाले नुकसान से बचाने में सहायता करती है।

6. ऑस्टियोपोरोसिस में अशोकारिष्ट के फायदे –

अगर आप हड्डियों के कमजोर होने को लेकर परेशान हैं तो आप अशोकारिष्ट का प्रयोग कर सकते हैं। मेनोपाज (मासिक धर्म बन्द होना) होने पर अशोकारिष्ट मदद कर सकता है। इसके प्रयोग से  हड्डियों में हो रहे खनिज के नुकसान को रोका जा सकता है जो मेनोपाज के समय शुरू हुआ हो।

7. महिलाओं को थकान से राहत दिलाता है अशोकोरिष्ट –

अक्सर मासिक धर्म के दौरान या फिर किसी और कारण से महिलाओं की कार्य क्षमता पर असर पड़ता है तो इसके लिए अशोकारिष्ट काफी फायदेमंद होता है। इसमें पाये जाने वाले आयुर्वेदिक गुण महिलाओं के स्टैमिना को तो बढ़ाता ही है साथ ही उनको होने वाली थकान से भी राहता देता है।

अशोकारिष्ट का उपयोग कैसे करें – How to Use Ashokarishta in Hindi

अशोकारिष्ट को कैसे लेना चाहिए इसको भी जानना जरूरी है और हम यहां आपको यह बताने जा रहे हैं।

  • अशोकारिष्ट को हमेशा पानी के साथ लेना चाहिए। इसके अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आप लगभग 25 मिली अशोकारिष्ट की मात्रा को इसके बराबर पानी की मात्रा केे साथ दिन में दो बार ले सकते हैं।
  • ध्यान रहे कि अशोकारिष्ट में अल्कोहल की मात्रा पाई जाती है इसकी कारण से इसको खाली पेट नहीं लिया जाता है अतः इसको भोजन करने के पश्चात ही लें।

अशोकारिष्ट के नुकसान एवं बचाव – Side Effects of Ashokarishta in Hindi

किसी भी दवा के फायदों के साथ उसके कुछ नुकसान भी होते हैं इसकी प्रकार अशोकारिष्ट के बहुत से फायदों के साथ कुछ नुकसान भी हैं। मगर इस नुकसान को थोड़ी सी सावधानी रखने पर कम किया जा सकता है। इससे होने वाले नुकसान व बचाव निम्न हैं –

  • सीने में जलन एवं एसिडिटी हो सकती है अशोकारिष्ट के प्रयोग से।  यह अशोकारिष्ट में शुगर और प्राकृतिक अल्कोहल पाया जाता है इसकी कारण से इसके प्रयोग से किसी-किसी को सीने में जलन एवं एसिडिटी हो सकती है।
  • अशोकारिष्ट की अधिक मात्रा के प्रयोग से भारी मासिक रक्तस्राव हो सकता है। अतः इसकी मात्रा के लिए आपको डाक्टर से सलाह करना आवश्यक है।
  • पीरियड्स में देरी हो सकती है। यदि अशोकारिष्ट का प्रयोग गलत प्रकार से किया गया हो तो यह तो यह पीरियड्स के समय में देरी कर सकती है।
  • यह पीरियड्स के समय में होने वाले मासिक धर्म के रक्त प्रवाह को कम कर प्रभावित कर सकता है।
  • मधुमेह के रोगियों को अशोकारिष्ट का प्रयोग नहीं करना चाहिए। अशोकारिष्ट में शुगर या गुड़ की मात्रा पायी जाती है जो मधुमेह के रोगियों के लिए खतरनाक हो सकती है। अतः जिन्हें शुगर की शिकायत है उन्हें इसके प्रयोग से पहले डाक्टर से सलाह कर लेनी चाहिए।
  • अगर आप गर्भवती हैं तो आपको इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके प्रयोग से बेहोश होना, ज्यादा गर्मी लगना या फिर निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। जो गर्भावस्था के समय खतरना हो सकता है।
  • अगर आपको काफी लंबे समय से आपका मासिक चक्र अनियमित हो रहा है तो आपको इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। इससे आपको नुकसान हो सकता है।
  • अगर आप बच्चे को स्तनपान करा रही हैं तो आपको इसका प्रयोग कम करना चाहिए ज्यादा खुराक आपके शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है। ।
  • अशोकारिष्ट की अधिक मात्रा उच्च रक्तचाप का कारण बन सकती है।
  • इसकी अनुचित मात्रा के प्रयोग से आपको उल्टी या मतली हो सकती है।

अक्सर अशोकारिष्ट के बारे में पूछे जाने वाले प्रश्न :

अशोकारिष्ट को कब तक लिया जा सकता है?

यह एक आयुर्वेदिक दवा है अतः इसे लेने की अवधि के बारे में आपको डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।

क्या अशोकारिष्ट रजोनिवृत्ति के लिए अच्छा है?

हां, रजोनिवृत्ति के दौरान अशोकारिष्ट लाभकारी हो सकती है।

क्या अशोकारिष्ट में अल्कोहल होता है?

हां, प्राकृतिक रूप से अशोकारिष्ट में अल्कोहल पाया जाता है।

क्या अशोकारिष्ट को गर्भवती महिलाओं ने लेना चाहिए ?

इसको लेन से पहले आपको अपने डॅाक्टर से सलाह करनी चाहिए। फिर भी अगर आप गर्भवती है या फिर बच्चे को स्तनपान करा रही हैं तो आपको इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

क्या अशोकारिष्ट का प्रयोग बच्चों के लिए ठीक है?

बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए फिर भी आपको इसके प्रयोग से पहले डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।

क्या अशोकारिष्ट पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में फायदेमंद हो सकती है?

अशोकारिष्ट पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लिए फायदेमंद है या नहीं इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। फिर भी इस समस्या में होने वाले कुछ लक्षणों जैसे गर्भधारण में परेशानी व मासिक धर्म में अत्यधिक रक्तस्राव व दर्द होना इन सभी परेशानियों में यह मदद करता है।  

अशोकारिष्ट को कहां से प्राप्त कर सकते हैं –

अशोकारिष्ट का निर्माण कई कम्पनियां करती है जैसे – बैद्यनाथ, डाबर, पतंजली, अश्विनी फार्मासुटिकल्स आदि। इसको आप आसानी से किसी भी दवा की दुकान से 50 से 100 रूपये तक तक खरीद सकते हैैं।

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