सोआ के फायदे और नुकसान – Dill Seeds Benefits and Side Effects in Hindi

क्या आप शारीरिक और मानसिक समस्याओं से परेशान हैं? तो हम आपको यहां इन समस्याओं के सरल एवं उपयोगी उपाय बताने जा रहे हैं।

हम यहां डिल यानी सोआ के फायदे और नुकसान के बारे में बात कर रहे हैं जो हमारे शारीरिक और मानसिक समस्याओं के निदान का सरल उपाय है।

सोआ (डील) के औषधिय गुणों के कारण इसका उपयोग सैकड़ों वर्षों होता रहा है।

इसमें भरपूर मात्रा में कार्बनिक यौगिक, खनिज, लौह तत्व, मैंगनीज, विटामिन ए और सी पाया जाता है जो हमारे स्वास्थ के लिए जरूरी हैं।

इसके फायदों को जानने से पहले हमें यह जानना होगा आंखिर डिल या सोआ है क्या? तो आईये इस लेख में हम यह सब जानेंगे यह क्या और हमारे लिए कैसे फायदेमंद है।

Table of Contents

What is Sowa (Dill) in hindi ?

डिल एक झाड़ी नुमा मध्यम आकार का हरे रंग का पौधा होता है जिसकी लम्बाई लगभग एक मीटर की तक होती है और पीले रंग के फूल व अण्डे के आकार जैसे बीज होते हैं।

डिल बीजों को हम हिन्दी में भाषा में सोआ के नाम से जानते हैं। यह हमारे भोजन को ही स्वादिष्ट नहीं बनात बल्कि हमें स्वस्थ रहने में भी सहायता करता है।

भारतीय भोजन में इसका सम्पूर्ण प्रयोग अर्थात इसके बीज, तेल, पत्तियों एवं जड़ों का प्रयोग होता है।

आचार्य चरक ने अपनी पुस्तक में इसके कई चिकित्सीय गुणों के बारे में लिखा है। इसे एक जड़ी बुटी के रूप में मान्यता दी गई हैं।

डिल जिसका वैज्ञानिक नाम एनाथुम ग्रेवोलेंस (Anethum Graveolens) है।

Dill (Sowa) Benefits and Side Effects in Hindi

सोआ के फायदे – Dill Benefits in Hindi

सोआ के फायदे पाचन में – Dill Helps Digestion in Hindi

अगर आप कब्ज, एसिडिटी और दस्त जैसी तकलीफों से परेशान रहते हैं तो आपको रोज अपने भोजन में पके हुए डिल का प्रयोग करना चाहिए। डिल आपके पाचन तंत्र को मजबूत करने का काम करता है।

जिससे हमें कब्ज और एसिडिटी जैसी बिमारियां नहीं होती है। अगर बच्चों को दस्त और पेट में दर्द की समस्या हो तो उन्हें डिल के पत्तों का 1 से दो चम्मच रस दिया जा सकता है।

सोआ के फायदे फोड़े के इलाज में – Dill Leaves for Boils in Hindi

अक्सर हमारे शरीर में रक्त के फोड़े हो जाते हैं। इसके इलाज के लिए हम डिल की पत्तियों से बने पेस्ट को शरीर में हुए इस फोड़े में लगाने से हमें आराम मिलेगा।

अगर आप अल्सर की बिमारी से परेशान हैं तो आपको हल्दी के पाउडर के साथ इसका प्रयोग किया जा सकता है।

सोआ के लाभ गर्भवती महिलाओं के लिए – Dill Safe for Pregnancy in Hindi

गर्भवती महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद हैं। इसका नियमित उपयोग करने से महिलाओं के स्तन में दूध की मात्रा बढ़ जाती है।

सोआ का उपयोग उच्च रक्तचाप में – Dill for High Blood Pressure in Hindi

हाई ब्लड प्रेशर की बिमारी से ग्रसित व्यक्ति के लिए डिल काफी लाभदाय हो सकता है। इसके लिए आपको डिल के बीजों और मेथी के बीजों को मिलाकर अच्छी तरह से पीस लेना चाहिए।

इसके पश्चात हम इसे किसी साफ जार या बोतल में डालकर कुछ समय के लिए रख सकते हैं। इस चूर्ण को दिन में दो बार एक से दो चम्मच लेने से हाई ब्लड प्रेसर में लाभ होगा।

सोआ के अनिद्रा में फायदे – Dill for Insomnia in Hindi

आज की दौड़ भाग भरी जिन्दगी में अनिद्रा की बिमारी किसी को भी लग सकती है यह होना आम बात है।

इसके लिए हमें डिल के बीजों को पानी के साथ उबालकर इसका रस तैयार कर लेना चाहिए और इसको ठण्डा कर इसका नियमित उपयोग करना चाहिए।

इससे आपको फायदो होगा। सोया के फायदे हड्डियों के विकास में – Dill Improves Bone Health in Hindi

कैल्शियम हमारी हड्डियों के लिए जरूरी है इसकी कमी से हमारी हड्डियों कमजोर हो जाती है। डिल अर्थात सोआ में प्रचूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है।

यह हमारे शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बनाये रखता है। इसके नियमित सेवन से सेवन से हमारी हड्डियां मजबूत होती है।

इससे प्रयोग से आस्टियोपोरोसिस बिमारी को रोका जा सकता है। इसका फायदा गठिया के रोग में भी होता है।

सोया के फायदे हैं मधुमेह में – Dill for Diabetes in Hindi

अगर आप शुगर अर्थात मधुमेह की बिमारी से ग्रसित हैं तो सोआ आपके लिए काफी फायदेमंद है।

कोर्टेकोस्टेरॉइड्स के कारण होने वाले शुगर की बिमारी में सोआ इंसुलिन के बढ़ते स्तर को नियंत्रित रखतने में मदद करता है।

सोआ के फायदे प्रतिरक्षा प्रणाली में – Dill Boosts Your Immune System in Hindi

किसी भी रोग से लड़ने के लिए हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होनी चाहिए अगर हमारी यह कमजोर होती है तो हमें कई प्रकार की बिमारियां लगने का डर रहता है।

सोआ अर्थात डिल का नियमित सेवन हमारी एन्टीबाडीज को अर्थात रोग से लड़ने की क्षमता का मजबूत करता है।

सोआ के औषधीय गुण बचाएँ कैंसर से – Dill for Cancer in Hindi

डिल में फ्लेवोनोइड्स और मोनोटेर्पेनेस तत्व पाये जाते हैं। जो कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं। फ्लावोनोइड्स के पास एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो कैंसर को रोकने में सहायक होते हैं।

मोन्टोर्पेनस ग्लूटाथियोन-एस-ट्रांसनेशे (glutathione-S-transferase) नामक एंजाइम के स्राव को सक्रिय करके कैंसर को रोकने में मदद करता है। इसके नियमित प्रयोग से कैंसर से लड़ने में मदद होती है।

सोआ के नुकसान – Dill Side Effects in Hindi

वैसे तो यह ज्यादातर समय में फायदेमंद होता है। मगर इसकी अधिक मात्रा हमारे लिए हानीकारक हो सकती है।

इसके ज्यादा प्रयोग से पित्त वृद्धि हो सकती है जिससे पेट में जलन होने का खतरा रहता है। इसके पत्ते कड़वे होते हैं अत: इनका प्रयोग करते समय सावधानी रखनी चाहिए।

मधुमेय के मरीज को इसका उपयोग डाक्टर की सलाह के साथ ही करना चाहिए। क्योंकि इसका अत्यधिक प्रयोग शुगर लेवल को अत्यधिक कम हो सकता है।

इसका प्रयोग हर व्यक्ति में अलग अलग असर डालता है, इससे एलर्जि होने की सम्भावना रहती है। फिर भी इसका प्रयोग सुरक्षित है। इससे होने वाले लाभों की तुलना में इससे होने वाली हानी बहुत ही कम है।

सोआ के दूसरे नाम – Other Name Of Dill (Sowa) in Hindi

सोआ कई प्रकार के होते हैं उनमें से मसाले के रूप में प्रयोग किये जाने वाले सोआ का वानस्‍पति नाम एनाथुम ग्रोवोलेंस है।

इसके साथ ही इसको कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। जो निम्न हैं— जो कि एपियेसी परिवार से संबंधित है। इसके अन्‍य नाम इस प्रकार हैं—

डिला (Dilla), एनेथम (Anethum), शूबिट (Shubit), एनीज (Anise), स्पेनिश भापा में इसे एनल्‍दो (Eneldo), फ्रेंच भाषा में एनेथ (Aneth) और चीनी भाषा में इसे शिह लो (Shih Lo) कहा जाता है।

सोआ का पौधा – Sowa Plant in Hindi

सोआ के पौधे की लम्बाई लगभग 40 सेमी से 65 सेमी तक हो सकती है। इसकी पत्तियां दोनों ओर और पतली होती हैं। पत्तियों की लम्बाइ्र 9 सेमी से 20 सेमी तक होती है।

इसकी पत्तियों की चौड़ाई बहुत कम होती है जो मात्र 1 से 2 मिमी तक ही होती है। सोआ के पौधे में पीले व सफदे रंग के फूल होते हैं। इन्हीं फूलों द्वारा हमें सोआ बीज प्राप्त होते हैं।

इस पौधे में अप्रैल से जुलाई माह के बीच फूल आते हैं और अगस्त के माह तक इसमें बीज तैयार हो जाते हैं। इस पौधे के हर भाग का औषधीय उपयोग किया जाता है। विशेष रूप से इसकी हरी पत्तियों का उपयोग होता है।

सोआ के पोषक तत्‍व – Nutritional Value of Dill (Sowa) in Hindi

सोआ Dill में खनिज पदार्थ, विटामिन ए व सी, फोलेट, आयरन और मैंगनीज की प्रचूर मात्रा पाई जाती हैं इसमें लिमोनेन, कार्वोन मोनोटेरपेन्‍स, एनाथोफुरन, फ्लैवोनोइड्स बहुत अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।

सोआ के अन्य फायदे – Other Benefits of Dill (Sowa) in Hindi

ब्रोंकाइटिस और इन्फ्लूएंजा जैसी श्वास के जुड़ी हुई बिमारियों के लिए इसके बीज फायदेमंद हैं।

यदि दिन में तीन बार सोआ अर्क व साथ में शहद लिया जाय तो यह इन बिमारियों में लाभदायक होता है।

अगर आपके सिरदर्द, पीठ दर्द या कंधे में दर्द रहता है तो इसके लिए सोआ, टगारा, मुलेठी, कुश्ता, घी और चंदन को साथ में मिलाकर पेस्ट बनाकर उस दर्द वाली जगह में लगाने से फायदा होता है।

सोआ तेल दस्त में फायदेमंद होता है। या फिर सोओ को भुनकर छाछ के साथ लेने से भी फायदा होता है।

अगर आपको जोड़ों में दर्द रहता हो या गठिया हो साथ ही सूजन की समस्या रहती है तो इसके लिए सोआ की जड़ व बीज को पीसकर एक पेस्ट बना लेना चाहिए व इस पेस्ट को आधे घंटे तक भाप में पकाने के बाद उस प्रभावित भाग में लगाना चाहिए।

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