शरीर में कमजोरी के कारण – Weakness Causes in Hindi

हमारे साथ कई बार ऐसा होता है कि हम कोई कार्य करते हैं पर उस कार्य को कुछ देर करने में ही जल्दी थक जाते हैं या हमें चक्कर आना लगतार है। अगर ऐसी समस्या हो तो इस अवस्था को शरीर में कमजोरी Weakness Causes in Hindi होना कहा जाता है।

सामन्य तौर पर देखा गया है कि व्यक्ति कमजोरी को आम समस्या समझकर नजर अंदाज कर देता है, परन्तु ऐसा होना किसी अन्य बिमारी का होना भी हो सकता है। अत: हमें इस पर ध्यान देना चाहिए और कमजोरी के लक्षणों के बारे में जानना चाहिए। और अगर यह लम्बे समय तक रहे तो किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह अवश्य करें।

हम इस लेख में आपको शरीर में होने वाली कमजोरी के बारे में विस्तारर्पूवक बताने जा रहे हैं। कमजोरी क्या है कैसे होती है और इसके लक्षण और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।

शरीर में कमजोरी क्या है – What is Weakness in Hindi

आसान शब्दों में इसे समझा जाय तो शरीर में होने वाली थकान को ही शरीर में कमजोरी होना कहा जाता है। इस अवस्था में शरीर के एक भाग या पूरे शरीर की की मांसपेशिया में शक्ति् की कमी का अनुभव होता है।

व्यक्ति कमजोरी का अनुभव अपने पूरे शरीर में या फिर किसी विशेष भाग में कर सकता है। जैसे – हाथों या पैरों में लेकिन कुछ व्यक्तियों में इन्फ्लूएंजा या हेपेटाइटिस जैसे बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन के कारण पूरे शरीर में कमजोरी होती है।

इसके अलावा कुछ व्यक्तियों में उस हिस्से में ऐंठन का भी महसूस कर सकते हैं। शरीर में कमजोरी कुछ समय के लिए या कभी—कभी लम्बे समय तक भी रह सकती है।

शरीर में कमजोरी के इलाज से पहले इसके होने का कारण पता होना आवश्यक है क्योंकि अगर इसके कारण का पता न चला तो इसका ईलाज करने का कोई फायदा नहीं होता है। इसका इलाज कमजोरी के लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

आसान शब्दों में इसे समझा जाय तो शरीर में होने वाली थकान को ही शरीर में कमजोरी होना कहा जाता है। इस अवस्था में शरीर के एक भाग या पूरे शरीर की की मांसपेशिया में शक्ति् की कमी का अनुभव होता है।

व्यक्ति कमजोरी का अनुभव अपने पूरे शरीर में या फिर किसी विशेष भाग में कर सकता है। जैसे – हाथों या पैरों में लेकिन कुछ व्यक्तियों में इन्फ्लूएंजा या हेपेटाइटिस जैसे बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन के कारण पूरे शरीर में कमजोरी होती है।

इसके अलावा कुछ व्यक्तियों में उस हिस्से में ऐंठन का भी महसूस कर सकते हैं। शरीर में कमजोरी कुछ समय के लिए या कभी—कभी लम्बे समय तक भी रह सकती है।

शरीर में कमजोरी के इलाज से पहले इसके होने का कारण पता होना आवश्यक है क्योंकि अगर इसके कारण का पता न चला तो इसका ईलाज करने का कोई फायदा नहीं होता है। इसका इलाज कमजोरी के लक्षणों के आधार पर किया जाता है।

शरीर में कमजोरी के कई प्रकार हो सकते हैं।

शरीर में कमजोरी के प्रकार – Types of Weakness in Hindi

नॉन-न्यूरोमस्कुलर कमजोरी (Non-neuromuscular weakness) –

इसमें आपको कोई कार्य या कुछ ज्यादा चलते समय कमजोरी का अहसास होता है जबकि हमारी मांसपेशी उस समय बिल्कुल सामान्य अवस्था में होती है।

न्यूरोमस्कुलर कमजोरी (Neuromuscular weakness) –

इस स्थिति में किसी परेशानी या शारीरिक नुकसान के कारण मांसपेशियों की शक्ति कम हो जाती है, जिससे हममें कार्य करने की क्षमता की कमी हो जाती है।

शरीर में कमजोरी के लक्षण – Weakness Symptoms in Hindi

यदि आपको अपने शरीर के किसी विशेष भाग में कमजोरी का अनुभव हो रहा है, ऐसा हो सकता है कि आप उस भाग को सही से हिला न पा रहे हो या उस भाग या हिस्से से उसकी पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पाएं। आप इस स्थिति में निम्नलिखित लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं —

  • प्रभावित अंग का पूरी क्षमता से कार्य न करना या उस कार्य में में देरी होना।
  • कमजोरी से प्रभावित हिस्से में कंपन महसूस होना।
  • मांसपेशी में झटका या झंनझनाहट महसूस होना।
  • मांसपेशियों में ऐंठन होना।
  • थकान महसूस होना। कभी—कभी बिना कुछ कार्य किये ही थकान महसूस होने लगती है।
  • कुछ लोगों को शरीर में कमजोरी होने पर बुखार एवं फ्लू जैसे लक्षण महसूस होने लगते हैं। इसके अलवा शरीर के प्रभावित भाग में दर्द महसूस होता है।
  • उपरोक्त के अलावा भी इसके अन्य लक्षण हैं जिनको हम आपको बताने जा रहे हैं—
  • कमजोरी के कारण अचानक बेहोश हो जाना या चक्कर आना।
  • नजर कमजोर होना या कम दिखाई देना।
  • बोलने में परेशानी होना साथ ही निगलने में कठिनाई होना भी शामिल है।
  • मानसिक स्थिति में बदलाव आना।
  • कार्य करने की क्षमता का कम होना।
  • शारीरिक शक्ति का कम अनुभव होना।
  • शरीर में कमजोरी होने का बुखार एक लक्षण हो सकता है।
  • छाती में दर्द का अहसास होना।
  • सांस लेने में परेशानी का अनुभव होना।
  • दिल की धड़कन अनियमित होना।

अगर आपको ये सभी लक्षण महसूस होते हैं तो आपको किसी अच्छे डॉक्टर से मिलना चाहिए।

शरीर में कमजोरी के कारण – Causes of Weakness in Hindi

आपको कई कारणों से कमजोरी महसूस हो सकती है और इसका इलाज इसके पीछे के कारण पर निर्भर करती है। यहां हम आपको कमजोरी किन कारणों से हो सकती है वह बताने जा रहे हैं।

डिप्रेशन या चिंता के कारण:

विशेषकर इन दोनों को कमजोरी की मुख्य वजह माना गया है। लेकिन इस तरह के ज्यादातर मामलों का उपचार नहीं हो पाता है। इसकी वजह है कि इनको आसानी से पहचाना नहीं जा सकता। अगर वह व्यक्ति बहुत अधिक चिंता या अवसाद में रहताह है तो उसके जीवन स्तर और कार्यशैली पर बहुत बुरा असर पेड़ेगा।

सुस्ती होना:

अगर आपकी जीवनशैली गतिहीन और सुस्त हो गई है तो इसके कारण मांसपेशियां समय के साथ कमजोर होने लगती हैं।

उम्र:

इसमें एक बड़ा फैक्टर उम्र भी है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है हमारी कोशिकाओं और ऊतकों के आपस में तालमेल की कमी हो जाती हैं जिससे हमें जल्दी थकान लगने लगती है। इसी कारण से बर्जु्ग लोग कम सक्रिय रहकर अपनी ऊर्जा बचाते हैं। उम्र बढ़ने के साथ ही तनाव भी होता है जिससे व्यक्ति कमजोरी महसूस करने लगता है।

मस्तिष्क संबंधी समस्याएं  :

मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में नर्व सेल्स से जुड़ी बीमारी के कारण भी शरीर में कमजोरी का अहसास होता है।  

लम्बे चले ईलाज के कारण :

अगर आप लम्बे समय से किसी रोग का ईलाज करवा रहे है तो शरीर में ऊर्जा की कमी होती है। इसकी वजह यह है कि लगातार बिमार होने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती है। इसके अलावा टी.बी., शुगर, हेपेटाइटिस और अनिद्रा की बीमारी के होने से भी कमजोरी महसूस होती है।

शरीर में विटामिन की कमी के कारण: 

शरीर में महत्वपूर्ण विटामिनों की कमी होने से लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में कमी आ जाती है जिससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है।

कुछ जहरीली चीजों के कारण :

  • बोटुलिज्म क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण के कारण।
  • भोजन में अधिक मात्रा में कीटनाशक होने की वजह से
  • शेलफिश खाने की वजह से पॉइजनिंग

कुछ अन्य कारण भी है जिनसे कमजोरी होती है जो निम्न हैं —

  • स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी होना भी एक कारण है।
  • मांसपेशियों और तंत्रिकाओं का विकार होना । मायस्थेनिया ग्रेविस एक प्रकार का रोग है जिसके कारण मांसपेशियों में कमजोरी होने लगती है।
  • डायबिटीज के कारण।
  • पोलियो का रोज होने के कारण।
  • कैंसर भी इसकी एक वजह हो सकती है।
  • खाने में पोषक तत्वों की कमी होना।
  • जरूरी से ज्यादा ज्यादा व्यायाम कर लेना।

शरीर में कमजोरी के जोखिम कारक –  Weakness Risk Factors in Hindi

शरीर की कमजोरी होने के अलग—अलग जोखिम कारक हो सकते हैं। कमजोरी पूरे शरीर का किसी एक विशेष भाग में हो सकती है ऐसे में इसके जोखिम कारक भी अलग-अलग हो सकते हैं। इसका कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है। फिर भी प्रचलित बातों के अनुसान हम आपको यहा बताने जा रहे है —

  • फ्लू या वायरल फीवर
  • समय से भोजन न करना
  • कम खाने का डाइटिंग का दुष्प्रभाव
  • मानसिक तनाव होना
  • जरूरत से ज्यादा काम करना
  • नशा करने की आदत होना
  • अच्छी तरह नींद न लेना
  • पानी कम पीना
  • किसी गम्भीर बिमारी का होना
  • फ्लू, थायराइड, कैंसर एवं शुगर की बीमारी होना
  • खून की कमी
  • हार्ट फेलियर
  • शरीर में विटामिन बी-12 की कमी
  • दवाओं के साइड इफ़ेक्ट
  • नसों या मांसपेशियो में चोट होने के कारण
  • अधिक मात्रा में दवाओं और विटामिन का प्रयोग करना

शरीर में कमजोरी का इलाज – Treatment of Weakness in Hindi

संक्रमण के कारण हुई कमजोरी में –

संक्रमण के कारण हुई बिमारी में डॉक्टर द्वारा दी गई  एंटीबायोटिक दवाओं के कारण हुई कमजोरी को ठीक किया जा सकता  है।

डिप्रेशन के कारण –

 एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के प्रयोग से थकान का उपचार किया जा सकता है।

पानी की कमी –

 शरीर में होने वाली पानी को कमी को ठीक करने के लिए डॉक्टर ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थों का सेवन करने को कहेंगे या किसी मेडिकल ट्रीटमेंट की बता करेंगे।

विटामिन की कमी के कारण –

शरीर में होने वाली विटामिन की कमी के कारण चयापचयी (Metabolic) का बिगड़ जाने को ठीक करने के लिए विटामिन दिया जाता है। सामान्यतौर पर  थकान विटामिन बी12 और फोलेट की कमी के कारण होती है।

अधिक काम के कारण –

अगर आप जरूरत से ज्यादा कार्य कर रहे हैं तो मांसपेशियों में कमजोरी हो सकती है। इसके इलाज के लिए आपको अपने रहन—सहन में बदलाव करना होगा इससे ही आपका उपचार हो जायेगा।

स्वप्रतिरक्षित विकारों के कारण –

प्रतिरक्षा तंत्र को होने वाली क्षति को रोकने के लिए ऐसी दवाएं का प्रयोग करना जो इसका उपचार कर कमजोरी को ठीक कर सके। उन दवा में से एक कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स (Corticosteroids) भी है।

शरीर में कमजोरी से बचने के उपाय – Prevention Tips for Weakness in Hindi

  • शरीर की कमजोरी को ठीक करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं विशेषकर गर्मियों के मौसम में।
  • मौसमी फलों के जूस का सेवन करें।
  • डाइट का विशष ध्यान रखें और पोषक तत्व युक्त भोजन का ही प्रयोग करें।
  • ताजे फल व सब्जीयों का प्रयोग करें।
  • दूध का सेवन कर सकते हैं।
  • डिहायड्रेशन की वजह से कमजोरी हो तो नमक-चीनी पानी का घोल का प्रयोग कर सकते हैं या डॉक्टरी सलाह पर इलेक्ट्रोलाइट का भी प्रयोग किया जा सकता है।
  • नियमित रूप से मेवे बादाम, काजू, किशमिश या खजूर का प्रयोग कर सकते हैं।

शरीर में कमजोरी की दवा – Medicines for Weakness in Hindi

कमजोरी को हटाना के लिए बहुत सी दवाइयां उपलब्ध हैं। उनमें से कुछ के नाम हम आपको बता रहे हैं पर ध्यान रहे बिना डॉक्टर की सलाह के इनका प्रयोग न करें। खुद से इसका प्रयोग आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है।

  1. Baidyanath Badam Pak 
  2. Baidyanath Chandraprabha Vati               
  3. Baidyanath Jay Mangal Ras         
  4. Baidyanath Laghu Malini Basant Ras       
  5. Baidyanath Mahalaxmi Vilas Ras Gold    
  6. Baidyanath Roupya Bhasma       
  7. Baidyanath Sanshamani Vati      
  8. Baidyanath Shilajitwadi Bati (Swarna Yukta)        
  9. Baidyanath Swapandosh Hari    
  10. Baidyanath Swarna Shakti Ras
  11. ADEL 2 Apo-Ham Drop  
  12. ADEL 3 Apo-Hepat Drop               
  13. ADEL 31 Upelva Drop     
  14. ADEL 32 Opsonat Drop  
  15. ADEL 34 Ailgeno Drop    
  16. ADEL 43 Cardinorma Drop           
  17. ADEL Iridium Met Dilution           
  18. Bjain Cinchona Officinalis Dilution            
  19. Bjain Stannum metallicum LM   
  20. Dr. Reckeweg Stannum Metallicum Dilution

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